रेत के अवैध उत्खनन की खबर रेत माफिया और संबंधित विभाग अधिकारियों की मिली भगत सहभागिता सुनिश्चित है, इस लिए पत्रकार निश्चित रूप से बचकर रहना बिशेष सूत्रधार।
रिपब्लिक न्यूज ।।
शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत तीनों जिलों में अलग-अलग स्थानों पर रेत माफिया द्वारा डंप किया गया रेत अब खुले में फड़ के रूप में चलाया जा रहा है। बोरियां भरकर यहीं से ठेकेदार रेत को बेच रहे हैं। नरवर बिजौंरी पटासी श्याम डीह के कई घाट से रेत निकाले जा रहे है, मेडिकल कॉलेज के समीप लिंक रोड, शहडोल और बुढार रोड सहित कई जगहों पर यह फड़ चलाए जा रहे हैं। इन फड़ों को लेकर खनिज विभाग के अधिकारी इन्हीं ठिकानों से गुजरते हैं लेकिन आंखों पर पट्टी बांधे रहते हैं।
पटासी, बिजौंरी, श्याम डीह के अलावा छाता उधिया कंचनपुर सरफा नदी पर जरवाही कसेंड सेमरा लालपुर नवलपुर धंनगाव सोन नदी के घाट से सितंबर माह से अवैध उत्खनन कर इन क्षेत्रों से निकाले रेत को कई जगह डंप करके रखे हुए हैं। फइन्हीं डंपिंग स्टेशनों से खुले बाजार में सब्जियों की तरह बेचने के लिए फड़ शुरू कर दिए हैं।
खनिज विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी का कहना है कि शहडोल के सोन नदी का पुल बंद होने के बाद अकेले नरवर ही नहीं अपितु कई जगह रेत के फड़ लगातार चल रहा हैं।
इन फड़ संचालकों ने न तो परमिट लिए हैं और फर्जी तरीके से रसीद काटी गईं हैं। खास बात है कि जिस तरह से रेत का खनन होता है और कार्रवाई के दौरान कोई संचालक पकड़ में नहीं आता । ठीक उसी तरह रेत के इन फड़ों के आसपास कोई व्यक्ति खड़ा नहीं दिखता है। अगर खनिज विभाग से कोई व्यक्ति कार्रवाई के लिए रेत के ठिकानों पर कोई व्यक्ति खड़ा भी नहीं मिलेगा।