अधिकारी को किया जा रहा गुमराह।
निजी शिक्षण संस्था के भुगतान का फोन पे पत्नी बनी प्रभारी।
भाई साहब बने छात्रावास कमीशन वसुली प्रभारी।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल // जिला मुख्यालय के शासकीय कार्यालयों से भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है जिला प्रशासन के कई शासकीय कार्यालयों में पदस्थ संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों के मिली भगत से बिना निर्माण कराए उस निर्माण कार्य का विभाग के अधिकारी द्वारा उस निर्माण कार्य का पुरे राशि का भुगतान कर दिया जा रहा है।
ऐसा ही एक मामला शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी के कार्यालय से बिना किसी प्रकार के कोटेशन और टेंडर जारी प्रक्रिया और जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों के आदेश के सस्ते दामों के घटिया मटेरियल का सामान खरीदे गए।
शाखा प्रभारी के कारनामे जिनको नहीं है सिस्टम की किसी प्रकार से जानकारी उन्हीं अधिकारी से जांच करा कर भेज दी जांच रिपोर्ट की जानकारी शाखा प्रभारी।
अगर आपको देखना है तो खरीदी गई सामग्री के संबंधित विभाग अधिकारी प्रभारी मालिक का विकास 70 लाख रुपए का लगभग हुआ विकास। कल्याणपुर ग्राम पंचायत कोईलारी फाटक रोड मुड़ना नदी के ऊपर उस जमीन को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है जहां पर शासन के द्वारा स्मार्ट क्लास संचालित करने के लिए सामग्री खरीदी गई है शाखा प्रभारी प्लाट।
खैर कोई बात नहीं ऐसे कारनामे जिला प्रशासन में पदस्थ अधिकारियों के द्वारा होता रहता है किसी को कोई फर्क नही पड़ेगा क्यों कि शासकीय विद्यालयों में खर्च किया गया शासकीय राशि है।
मामला जिला मुख्यालय के शासकीय कार्यालय सहायक आयुक्त अनुसूचित जनजाति कार्य विभाग में बैठे दैनिक वेतन कर्मचारी कंप्यूटर ऑपरेटर की कहानी जिसने पूरे कार्यालय के विभाग में अपना अलग रुतबा और शासन जमा कर रखा है जिसमें संबंधित विभाग के कार्यालय में कई वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी और बाबू है उनको यह विभाग नहीं दिया गया है इस शाखा में एक दैनिक वेतन कर्मचारी रजनीश दुबे नाम के व्यक्ति को शाखा प्रमुख बनाया गया है जिसके पास एमपी टास शिष्य वृति और छात्रावास भुगतान का प्रभार सौंपा गया है। और साथ में जिला अंतर्गत सभी निजी शिक्षण संस्था के कार्यों का अधिकार भी दैनिक वेतनमान कंप्यूटर ऑपरेटर कर्मचारी रजनीश दुबे को सौंपा गया है।
विभागीय विशेष सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी अभी कुछ सामग्री खरीदी करने के लिए शासकीय विद्यालयों में शासन के द्वारा राशि उपलब्ध कराई गई है उस राशि के सामग्री का भुगतान भी साहब कंप्यूटर ऑपरेटर देख रहे हैं। हम यहां से सामग्री भिजवा देंगे तुम लोगों को सिर्फ बिल पेड़ करना है जिसके नाम से कहेंगे उसके नाम से चेक काटकर कार्यालय भेजना है।
लोकायुक्त शहडोल टीम की सही जांच रिपोर्ट नहीं भेज रहे कार्यालय भोपाल। जिसमें संबंधित विभाग के भुगतान करता अधिकारी हैं दोषी।
पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त एम एस अंसारी क्षेत्र संयोजक के पद से सेवा मुक्त होकर कार्यालय को अलविदा कहा लेकिन उनके कार्य कंप्यूटर ऑपरेटर दैनिक वेतन कर्मचारी रजनीश कुमार संभाल रहे हैं जो उनके सारे काम इन्हीं के सर में है इसलिए उनके सारे कागजात बनवाकर उनका दूर टेंशन कर पेंशन ग्रेच्युटी फंड उनके खाते पर ट्रांसफर किया जा सके जिससे महा घोटाला भ्रष्टाचार मामले के राज को दफ़न किया जा सके।जो अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति में पदस्थ कर्मचारियों के पांचवें वेतन मान एरियर राशि का किये गये फर्जी भुगतान के कारनामे को समाप्त किया जा सके।
8 करोड़ 32 लाख 91 हजार रूपए फर्जी भुगतान के महा घोटाला मामले के सहभागी है जिला कोषालय अधिकारी जिसने नहीं काटे इनकमटैक्स की राशि और शासन को लगाया लाखों रुपए का चुना।
