जिला मुख्यालय से करीब 90 किमी दूर अवैध उत्खनन कारोबारियों ने पटवारी को उतारे मौत के घाट।
ब्यौहारी के ग्राम गोपालपुर बुढ़वा में अवैध रेत खनन माफियाओं ने पटवारी को ट्रैक्टर से कुचलकर सुलाया मौत की नींद।
संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किया जा रहा है इनकी कार्य शैली संदेह के घेरे में।
पटवारी ने रेत के अवैध परिवहन का विरोध किया जिससे ट्रैक्टर मालिक आदेश अनुसार गुस्साए ट्रैक्टर ड्राइवर ने उन्हें कुचलकर मार डाला।और मलिक के आदेश अनुसार ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया।
बता दें सुखाड़ बुढ़वा से लगे गोपालपुर, सथनी आदि ग्रामों में रेत का सालों से माफियाओं के द्वारा उत्खनन कर अवैध परिवहन किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार उसे रोकने का अनुरोध किया लेकिन कुछ नहीं हुआ।
थाना देवलोंद की पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
बताते हैं कि घटना स्थल पर अन्य लोग भी थे जो भाग गए।
लेकिन यह तो होना ही था। सिर्फ समय तारीख और व्यक्ति निश्चित नही था। क्या? शासन क्या? प्रशासन और क्या? मीडिया ! सभी माफियाओं के निशाने में। लेकिन अब कि बार ऐ पटवारी ही सामने आये।
ब्यौहारी विधान सभा क्षेत्र के सोन नदी पर स्थित शासन का सोनघड़ियाल परियोजना जिसकी आधार शिला मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कुंवर स्व0 अर्जुन सिंह जी ने रखाई थीं। जिसकी सीमा बाणसागर सिंचाई बाँध के नीचे से लगभग 209 कि0 मी0 दूर सोनभद्र तक !
लेकिन सर्वाधिक सोनघड़ियाल सीमा में रेत की सामग्री और चोरी ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के बुढ़वा और बनास क्षेत्र में लेकिन इस पर नियंत्रण लगाने वाला अमला सीधी और जिले के चुरहट में ! इसके पहले रेत माफियाओं का हमला खनिज विभाग के अधिकारी कर्मचारियों एवं पुलिस को छोड़कर दिया जाय। तो माफियाओं का जानलेवा हमला इसके पूर्व प्रारंभ में सोनघड़ियाल के कर्मचारियों के बाद तहसीलदार और एस0 एफ0 के जवान पर भी किया गया कातिलाना हमला के बाद अब राजस्व अमले के पटवारी के रूप में सामने आया है जिसको सुला दी गई हमेशा हमेशा के लिए।
पूर्व में रेत माफियाओं द्वारा इतनी बड़ी बड़ी बारदात और घटनाओं के बाद ! इतनी कमजोर तैयारियां कर माफियाओं की गहरा चुकी मजबूत जड़ो पर प्रहार कर खोदने अथवा कारवाई करने जब कुछ महीने पूर्व ही सरगना का एक कथित वायरल आडियो माफियाओं से वसूली का कमीशन स्थानीय पुलिस और प्रशासन तक पहुंचाने का वायरल होता है।
लेकिन न तो शासन ने संज्ञान में लेकर कारवाई और ना ही सोनघड़ियाल की इस रेत के अवैध उत्खनन दोहन कर भंडारण परिवहन के खिलाफ संयुक्त कारवाई किया गया।
जब कि होना यह चाहिए कि शहडोल जिले की सीमा के साथ साथ सीधी और सतना जिले की सीमा पर स्थित पूरी तरह से प्रतिबंधित व वर्जित क्षेत्र सोनघड़ियाल से रेत उत्खनन भंडारण परिवहन के खिलाफ सोनघड़ियाल से जुड़े अमला के साथ भंडारण रेत के भूमि स्वामी के साथ साथ रेत माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो! और बहुताय जमा रेत के भंडारण को जप्त कर संबंधित विभाग थाना क्षेत्र के सुपुर्द किया जाए।
बिना नम्बर प्लेट के गाड़ियों से हो रहा रेत का अवैध उत्खनन कारोबार व्यापार।
शहडोल मुख्यालय से महज कुछ ही दुरी पर स्थित सोन नदी से रेत का अवैध उत्खनन कर कारोबार व्यापार को अंजाम दिया जा रहा है।
इन ग्राम पंचायतों के क्षेत्र से रेत का अवैध उत्खनन कारोबार किया जा रहा है मैकी, पटासी, श्याम ठीह, नरवार, बिजौंरी, जमुई, नबलपुर, लालपुर क्षेत्र में स्थित सोन नदी से अवैध उत्खनन कर व्यापार किया जा रहा है।
सभी गाड़ियों को रेत माफिया नेशनल हाईवे 43 रोड होते हुए कोटमा गांव से निकालकर कोटमा तिराहा होते हुए मुख्यालय के नगर में अवैध उत्खनन रेत का व्यापार करते हैं।

