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जीत न सके जो अपना क्षेत्र वो क्या जिताएंगे विधानसभा क्षेत्र।

जनपद क्षेत्र के हारे प्रत्याशी को सौंपा गया विधानसभा क्षेत्र की कमान।

जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र की कमान ऐसे व्यक्ति को सौंपा गया है जो स्वयं जनपद पंचायत चुनाव अपने ही क्षेत्र से हारा हुआ प्रत्याशी है।

विधानसभा प्रत्याशी की डुबोए गे जीत की लोटिया।


रिपब्लिक न्यूज 

शहडोल // मुख्यालय के सभी विधानसभा क्षेत्र पर चुनाव की सरगर्मी हुई तेज प्रत्याशियों में दिखने लगा क्षेत्र के लोगों से जनसंपर्क की मेल मिलाप की रेस, सभी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र पर विजय तिरंगा लहराने के लिए हर्ष के प्रयास में लगे हुए हैं अब देखना है किसके सर पर होगा विधानसभा जीत का ताज और कौन होगा निराश।

किसके किसके सिर बंधेगा जीत का ताज।

मुख्यालय के एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र का मामला सामने आया है जिसमें हारे हुए प्रत्याशी को विधानसभा क्षेत्र की कमान सौंप दी गई है जो प्रत्याशी अपने क्षेत्र में जनपद सदस्य का चुनाव नहीं जीत सका जबकि पिछले 5 वर्षों से शायद जनपद सदस्य की कमान संभाल चुका था लेकिन इस चुनाव में गांव के सभी मतदाताओं ने उसका बहिष्कार किया और उसे चुनाव हराकर उसको बाहर का रास्ता दिखाते हुए किनारे किया जो नहीं हो सका अपने गांव पंचायत क्षेत्र का वह क्या संभालेगा विधानसभा क्षेत्र।

स्थानीय विशेष सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक प्रत्याशी को जीतने के लिए चुनाव प्रभारी ऐसे व्यक्ति को बनाया गया है जो स्वयं अपने क्षेत्र से जनपद सदस्य का चुनाव नहीं जीत सका। क्या बीजेपी के पास और कोई ऐसा नेता विकल्प में नहीं है जो हारे हुए प्रत्याशी को विधानसभा चुनाव प्रभारी बना दिया गया। जब हारे हुए प्रत्याशी को चुनाव प्रभारी बनाया गया तो क्या  प्रत्याशी को जीत दिला पाएगा क्या अपने ही तरह हराकर किसी लायक नहीं छोड़ेंगे अब देखना है की पार्टी किस तरह का फैसला लेना चाहेगा जिस व्यक्ति का अपने ही क्षेत्र पर विरोध हो तो क्या वह दूसरे क्षेत्र पर अपना प्रभाव दिखाने में कामयाब हो पाएगा। जबकि जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र में कई ऐसे वरिष्ठ भाजपा नेता हैं जो अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व बहुत अच्छे से कर सकते हैं और प्रत्याशी को विजय जीत दिलाने में सफल भी हो सकते हैं।

सुनने में यह भी आ रहा है पार्टी के कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के द्वारा अगर इस हारे हुऐ प्रत्याशी को अगर जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र का चुनाव प्रभारी बनाया जाएगा तो अंदरूनी विरोध निश्चित रहेगा और होगा।

एक नजर यहां भी स्थानीय निवासियों के कथन अनुसार प्राप्त जानकारी व्यौहारी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी पांच बर्ष का कार्यकाल विधायक रह चुके शरद जुगलाल कोल का विरोध स्थानीय लोगों के साथ साथ संबंधित सगे रिश्तेदार और समाज से भी विरोध हो रहा है। 

व्यौहारी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के क्या उम्मीदवार शरद जुगलाल कोल नामांकन पत्र भरने के बाद भारतीय जनता पार्टी के विकास कार्य को गिनती गिनते हुए क्षेत्र के जनता को एक बार फिर विश्वास दिलाने के लिए सबके साथ सबके विकास कार्यों को लेकर क्षेत्र में भ्रमण कर  विश्वास के साथ 2023 के विधानसभा चुनाव को चुनौती पूर्ण रास्ते को तय करने के लिए निकल पड़े हैं अब देखना यह होगा कि इस बार भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कमल व्यौहारी विधानसभा क्षेत्र में खिलता है या जनता हाथ के साथ खड़ा होकर बदलाव का संदेश देगा। वक्त के साथ बदलते राजनीति के परिकल्पनाओं को देखेंगे व्यौहारी के त्रिकोणी चुनाव की रहस्य में चुनाव जिसमें अपनों के द्वारा अपने ही पार्टी को देंगे पटखनी और मैदान में विश्वास का होगा विकास कार्यों की पराजय।

अगले अंक में हम मिलेंगे विधानसभा क्षेत्र चुनाव प्रभारी के नाम और काम।

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