तीन तीन छात्राओं की रहस्यमई मौत और अधीक्षक का छात्रावास से लापता।
छात्रावास में रहने वाले छात्राएं और अधीक्षिका दोनों का समय बराबर। लेकिन छात्रावास में रहने वाले तीन तीन छात्राओं की रहस्यमई मौत हो गई।
इस मामले की जांच के बाद कलेक्टर ने कार्रवाई करते हुए पदस्थ अधीक्षिका को सस्पेंड करने को छोड़ दूसरे छात्रावास संस्था में स्थानांतरण नीति में पदस्थ कर दिये है।
वहीं इस मामले में जांच के सुधा आदेश दिये गये हैं।
रिपब्लिक न्यूज ।।
शहडोल // मुख्यालय जिला के अंतर्गत आने वाले छात्रावास में कई प्रकार के घटनाओं को अंजाम दे कर रखे हैं।
एक छात्रावास सुधा का मामला सामने आया है जिसमें संबंधित विभाग अधिकारी और छात्रावास अधीक्षिका दोनों के मिली भगत से गलत तरीके से जानकारी दी गई है।
जबकि दरअसल यह हादसा उस वक्त हुआ, जब छात्रावास में बालिका अपने सहपाठियों के साथ बिल्कुल स्वस्थ रही है। लेकिन अचानक ही छात्रा की मौत हो गई इसके अलावा भी दो और छात्राओं की मौत हो जाती है। एक ही छात्रावास में तीन तीन छात्राओं की मौत का रहस्य बना हुआ है।
यही एक लगभग 16 वर्षीय छात्रा की मौत भले ही दूसरे कारण से हुई थी, लेकिन इस मामले में संबंधित पदस्थ छात्रावास अधीक्षिका की भी लापरवाही सामने आयी थी।
जबकि जिला के संबंधित अधिकारियों ने बताया कि संबंधित छात्रावास में बोर लगा हुआ है, पिछले कुछ दिनो पहले सब कुछ ठीक रहा जिसकी वजह से बच्चों को अच्छी तरह रखा जाता है। छात्रावास में जाकर देखना पड़ेगा। अगर छात्रावास में कोई भी चीज खराब था, तो संबंधित छात्रावास अधीक्षिका को इसकी सूचना विभाग को देनी थी। लेकिन उन्होने इसकी सूचना नहीं दी। ये एक बड़ी लापरवाही है। अगर वक्त रहते इसकी सूचना मिलती, तो उस कार्य को समय पर अच्छा करा दिया जाता।
विशेष सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी पीड़ित छात्रा के परिजनों ने बताया था कि कलेक्टर ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए छात्रावास में पदस्थ अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था, वहीं इस मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिये गये हैं। लेकिन फिर भी मैनेजमेंट में डिग्री प्राप्त अधीक्षिका को मुख्यालय के बालिका छात्रावास में पुनः पदस्थ कर दिया गया।
कहां गया जांच क्यों नहीं हुआ बालिका छात्रावास अधीक्षिका के ऊपर कार्यवाही।
