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जिले में बढ़ रहे भ्रष्टाचार कर्मचारियों और भूमाफियों कि कहानी।

 सतर्कता ही सुरक्षा है। 

भूमाफियाओं ने शासकीय भूमि पर किया अवैध कब्जा।

खास तौर में जब जिला प्रशासन अधिकारी और पुलिस प्रशासन भी कुछ न कर रही हो।


रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल // मुख्यालय के ज़िला शहर में इस समय दो अवैध कारोबार बहुत जोरों से अंजाम दिये जा रहे हैं जिसमें की लोगो की जान तक जा रहा है और जा सकती है!

पहली घटना की हम बात करे तो ये वारदात रात के समय के साथ साथ दिन के उजाले में भी मौत को दावत दे रहे हैं।

सड़कों के खाईं नूमा गड्डे शहडोल से रीवा पहुंच मार्ग जो की शहडोल मुख्यालय के कुछ दूर से सड़कों पर ऐसे खाई नुमा गड्ढे है जो की मौत को दावत देते हैं। अगर कोई बाहरी अंजान व्यक्ति इस अनजान सड़क पर सफर कर रहा हो खास कर रात अंधेरे में तो निश्चित ही उसकी मौत हो सकती है? 

जबकि जयसिंहनगर टेटका के आगे से सड़क का नवीन निर्माण हो रहा है लेकिन प्रशासन संबंधित विभाग के द्वारा शहडोल से रीवा पहुंच मार्ग के बीच में कई ऐसे खाई नुमा गड्ढे हैं जो की रात के अंधेरे के अलावा भी दिन के उजाले में इन खाई नुमा खड्डों पर गिरते देखे जा सकते हैं। 

इसके अलावा भी पचगांव रोड, सिंहपुर रोड, चुनियां रोड व सिंदूरी रोड के साथ साथ पाली रोड में भी कई जगहों पर खाई नुमा गड्ढे राह गिरों को मौके पर ही मौत को अंजाम दे रहें हैं। 

एक ऐसा ही मामला सामने आया है जो सड़क खराब होने के कारण जिसमे की एक मामला यह है बाइक में 2 लोग सवार किसी भी दोपहिया वाहन में चलते व्यक्ति को रॉड से मारकर चले जाते हैं उसके बाद व्यक्ति बहुत ही बुरी तरह से घायल हो जाता है और उसकी जान भी जा सकती है! ये लगभग 2,3 महीने से लगातार चल रहा है जिससे की लोगो का रात में उस रोड से निकलना मतलब अपनी जान को दाव पर लगाने जैसा है! और सबसे बड़ी समस्या की बात ये है की अभी तक जिला पुलिस प्रशासन उन लोगो तक नहीं पहुंच पाई है!

दूसरी घटना की हम बात करे तो एक गैंग है जो की सरे आम मुख्यालय के कुछ ही दूर के शासकीय भूमि पर भू-माफियों और शासन से पदस्थ अधिकारी कर्मचारी के मिली भगत से करोड़ों रुपए की भूमि चोरी चोरी वारदात को अंजाम दे रहे है। और साथ ही औरत और बच्चे के साथ साथ मां बाप भाई या रिश्तेदार के नाम करवा लें रहे हैं।

मध्य प्रदेश शासन की शासकीय भूमि हाल ही की बात बताया तो लॉ कॉलेज के पास मोहल्ले में बिजली ऑफिस के मोहल्ले में ये सरे आम तलवार और लाठी लेकर निकलते हैं।

बिना किसी भय के जबकि में मात्र कोतवाली है! ये वाकए ताजुब की बात है इसके लिए कई सारे प्रकरण शहडोल कोतवाली थाने व जयसिंहनगर थाने में दर्ज है और प्रशासन उनको पकड़ने में भी असफल है! जो लोग अल्ट्राटेक में नौकरी करते हैं उनकी ड्यूटी कोतवाली तिराहे में लगती है गाड़ी को रास्ता बताने के लिए लेकिन सोचिए कोई भी डर के मारे वहा अपनी ड्यूटी नहीं लगवाता कारण की वो गैंग रात में निकलती है लाठी तलवार आदि जैसे हथियार निकल के और कई बार लोगो की जान जाते जाते भी बची है !

पुलिस प्रशासन तब तक कुछ नहीं करेगी जब तक की कई बेकसूर या मासूम की जान नहीं चली जाती क्या लोग ऐसे ही खौफ में निकलेंगे अपने घर से इसकी जवाबदारी कौन लेगा, कोई भी सामाजिक संगठन इसके लिए आवाज नहीं उठा रहा, कोई भी मीडिया तक इसके लिए पुलिस प्रशासन से सवाल नही कर रहे।

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