जब अपने ही नहीं हैं वफादार तो कैसे होगी चुनावी नैया पार।
कांग्रेस विधायक हटाओ कोतमा क्षेत्र बचाओ के लगे नारे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने अपने ही विधायक के खिलाफ़ खोला मोर्चा।
शहडोल // मुख्यालय अनूपपुर भारत की पूर्व प्रधानंमत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी जी अकसर अपनी आम सभाओं में कहती थीं की कांग्रेस पार्टी को विपक्ष की कोई पार्टी चुनाव नही हरा सकती कांग्रेस जब भी हारेगी तो कांग्रेस से ही हारेगी और इंदिरा जी की कही हुई उन बातों का अक्षर शब्दों का पालन होता देखा जा सकता है।
ऐसा ही एक मामला शहडोल संभाग के अनूपपुर जिला की कोतमा विधान सभा क्षेत्र के विधायक सुनील सराफ के खिलाफ देखने को मिला जहा कांग्रेस पार्टी के पूर्व विद्यायक ने अपनी ही पार्टी के विद्यायक के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया, प्रदेश में जैसे-जैसे मध्यप्रदेश के विधानसभा का चुनाव करीब आ रहा है। वैसे वैसे अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों को लेकर कार्यकर्ताओं में रोष देखने को मिल रहा है इसी का नतीजा है कि अनूपपुर जिला के कोतमा विधानसभा क्षेत्र जो की शहडोल संभाग की एक मात्र सामान्य सीट कहलाती है वहा वर्तमान विधायक सुनील सराफ जो कि कांग्रेस पार्टी से आते हैं और उन्ही के खिलाफ विधायक हटाओ कोतमा बचाव के नारे उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा लगाए गए।
दरअसल कोतमा स्थित गोविंद भवन में कांग्रेस के पूर्व व वर्तमान पदाधिकारी के द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कार्यकर्ता भी काफी संख्या में मौजूद थे सभी ने चलती मीटिंग के बाद कोतमा विधायक सुनील सराफ के खिलाफ जम कर नारेबाजी की और सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा पूरे नगर में पैदल मार्च भी निकाला।
कांग्रेस पार्टी के ही कार्यकर्ताओं के द्वारा सुनील हटाओ कोतमा बचाव के नारे भी लगाए गए।
हम आप को बता दे की सुनील सराफ कोतमा सामान्य सीट से कांग्रेस के विधायक हैं और इस बार भी पार्टी से प्रबल दावेदार प्रत्यासी भी हैं। लेकिन बड़ा सवाल ये है की जब विधायक जी का अपनी ही पार्टी और अपने ही कार्यकर्ताओं के द्वारा खुल कर विरोध का सामना करना पड़ रहा है तो चुनावी महा यज्ञ किसके सहारे पूरा होगा। और कांग्रेस पार्टी जो इस बार मध्यप्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा कर रही है तो क्या इन्ही कार्यकर्ताओ के दम पर सत्ता में काबिज हो पाएगी जो आज अपने ही विधायक का विरोध कर रहे हैं।
