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84 वर्ष के व्यक्ति जो वृद्ध के साथ विकलांगता शरीर लेकर पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय दिलाने कि गोहार।

रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल - मुख्यालय के अंतिम छोर हमेशा कोई न कोई बातों के लिए सुर्खियों में बना रहता है हमेशा घर में लड़ाईयों का सिलसिला होता है। सभी के घर परिवार समाज में हमेशा कोई न कोई बात को लेकर कभी सास बहू तो कभी देवरानी जेठानी तो कभी ननद भाभी के बीच या फिर भाई-भाई इन सभी रिश्तो में हमेशा कुछ न कुछ बातों को लेकर लड़ाई देखा जा सकता है सभी के घर समाज में बात चीत होती है।

लेकिन एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है बहू का ससुर के ऊपर यह आरोप है मेरे दुकान के सारे ग्राहक मेरे ससुर अपने दुकान बुला लेते हैं। बात इतना बढ़ गया कि नार्मल पुलिस थाना के साथ-सथ  कोर्ट कचहरी तक पहुंचने के कगार पर है।

जबकि यह मामला स्थानीय पुलिस प्रशासन के हाथों वही रफा-दफा किया जा सकता था लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन की उदासीनता रवैया से मामला पुलिस प्रशासन के जिला मुखिया पुलिस अधीक्षक महोदय के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई।

विशेष सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन जिम्मेदार अधिकारी।  

जब से थाने में हेड कांस्टेबलों को प्रमोशन करके ए.एस.आई. बना दिया गया और बाद में जहां थानेदार अधिकारी होता था, वहां यह हेड कांस्टेबल अपना जुगाड़ लगाकर  फ्रेंचाइजी के रूप में थाने हासिल कर लिए हैं.? तो उन्हें जरा भी नैतिकता गवारा नहीं करती है कि किसके ऊपर मुकदमा करना है.? और कहां से धन कमाना है.? परिणाम यह होता है की किसी को भी प्रताड़ित करना थानेदार की नियत बन जाती है.कोई भी फ्रेंचाइजी होल्डर्स के पास अगर उनके कार्य में बाधा बनता है या उससे उसे कोई खास लाभ होने वाला होता है जो भी  फ्रेंचाइजी होल्डर कम थानेदार अपनी विवेक खो देते हैं। और परिणाम स्वरूप जैसे बाणसागर में कोई मिस्टर तिवारी थाने के प्रभारी हैं उन्होंने आव देखा ना ताव एक वयोवृद्ध पर्याय विकलांग बुजुर्ग के खिलाफ हमला करने का आरोप गंभीर आरोप लगा दिया।

अब बुजुर्ग पुलिस अधीक्षक के पास आकर रो रहे हैं कि आखिर वह कैसे किसी के ऊपर हमला कर सकते हैं जबकि वह लगभग निशक्त हैं.? पुलिस अधीक्षक ने भी दया भाव दिखाकर थानेदार को समझाया कि ऐसे कैसे हो सकता है। इसलिए सही काम करें। जबकि होना तो यह चाहिए कि जांच कर तत्काल उस थानेदार को निलंबित कर देना चाहिए और कोई सक्षम विवेकशील अधिकारी को वहां पर नियुक्त करना चाहिए।

किंतु व्यवस्था भाजपा के रामराज की है, तो ऐसा भी होता है।

मामला बृजवासी कचेर पिता स्वर्गीय राम जियावन कचेर निवासी वार्ड क्रमांक 9 बाणसागर देवलौंद थाना देवलौंद तहसील व्यौहारी ने बताया कि मै 85 वर्षीय वृध्द व्यक्ति हूं व अपने कमर की बीमारी के कारण पूर्णतः चल फिर सकने में असमर्थ हूं दिनांक-25/07/2023 को शाम 3 बजे बाणसागर बाजार में चूड़ी की दुकान पर बैठा था। तभी एक ग्राहक मेरी दुकान पर आया तभी बडी बहु सरला आकर गाली देते हुए कहने लगी कि तुम मेरे ग्राहक को बुलाते हो उसी समय उसका बड़ा लड़का रवि कचेर भी आ गया तथा दोनो मिलकर लात घूसा से मारपीट करने लगे, रवि कचेर मेरे छाती में लात मारा था। जिसकी रिर्पोट मै अपने मझिले लड़के शिवकुमार के लड़के पिंटू नाती को ऑटो में लेकर थाना देवलौंद में  शिकायत किया था।


उसके बाद में अपनी दुकान में बैठा था तभी उक्त दोनो व्यक्ति मुझसे झगडा व गाली गलौज करने लगे तब पिन्टू नाती ने 100 न0 पुलिस सेवा बुलवाया था। पुलिस के जाने के बाद मेरी बहु सरला अपनी दुकान से छूरा लाकर अपने सीने व पेट में स्वयं कई छूरा मारी है और थाने मे जाकर मेरे विरूद्ध झूठी रिर्पोट लिखा दी है। जबकि उक्त घटना मेरे लड़के शिवकुमार के यहां लगे सी.सी. कैमरे में कैद हो गयी है मैने उक्त कैमरे के फोटोज निकालकर सच्चाई जानने व जॉच करने का निवेदन पुलिस से किया परन्तु पुलिस ने विधिवत जॉच न करते हुए मुझ अपाहिज एवं वृद्ध व्यक्ति के उपर झूठा मुकदमा पंजीबद्ध कर दिया है जो जॉच का विषय है।85 वर्षीय वृद्ध बृजवासी कचेर ने कहा मैं बेगुनाह हूं तथा मैंने किसी से कोई विवाद व मारपीट नही किया है। जिसकी जाँच सी सी टी व्ही के द्वारा फोटोज व वीडियो से करायी जा सकती है।

सरला कचेर द्वारा की गयी झूठी रिपोर्ट की निष्पक्ष जाँच कराये जाने की मांग है।

बताते चलें की व्यौहारी में भी थानेदार से प्रणय तिवारी का परिवार अत्यंत प्रताड़ित है थानेदार का कहना है कि उसके हिसाब से चलो नहीं तो कोई भी नहीं कुछ कर पाएगा. यही हाल बाणसागर में भी उदाहरण बनकर सामने आ गया है तो क्या रामराज की 20 साल वाली भारतीय जनता पार्टी में छूट गई है नेताओं का इस कदर बोलबाला है कि कोई भी थाने में कुछ भी करवा सकता है या फिर छूट दी गई है नेताओं की आड़ में थानेदार बनकर हेड कांस्टेबल ऐस कर रहे हैं।

देखते हैं वृद्ध को जो विकलांग है उसे पुलिस अधिकारी कितना मदद कर पाती है अथवा पुलिस के संरक्षण में वयोवृद्ध व्यक्ति को प्रताड़ित करने के आरोप में षड्यंत्रकारी हमलावर गिरफ्तार होते हैं।

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