बिना डिग्री के अधिकारी द्वारा कराया गया जांच।
कंपनी के द्वारा बंद हुए वर्जन कंप्यूटर सेट खरीदे गए प्रभारी और समिति के द्वारा।
खरीदे गए कंप्यूटर सेट और कुर्सी टेबल का भुगतान नए वर्जन सेटों के रेट पर किया गया संबंधित विभाग के द्वारा।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत शासकीय कार्यालयों में पदस्थ सहायक एवं संबंधित विभाग अधिकारियों के द्वारा शासकीय विद्यालयों के लिए खरीदे गए सामग्रियों में शासकीय राशि के खरीद-फरोख्त भ्रष्टाचार में शामिल शाखा प्रभारी और जिला मुख्यालय अधिकारी की बढ़ रही मनमानी।
विद्यालय के सामग्री खरीदी में किया गया जम कर भ्रष्टाचार जिस पर शामिल शिक्षा विभाग के साथ जिला मुख्यालय के संबंधित अधिकारी की अगर हो जाए जांच मिलीभगत का मिल है सहयोग सब हो जाएंगे बेनकाब कंपनी के द्वारा बंद किए गए पुराने मॉडल के सिस्टम को खरीद कर नई जनरेशन के सिस्टम खरीदी का किया गया जेम्स पोर्टल से संबंधित विभाग के द्वारा भुगतान।
भौतिक सत्यापन जांच अधिकारियों के द्वारा अगर सही तरीके से जांच किया जाए तो ना बैठने लायक है टेबल कुर्सी और ना ही अधिक दिनों तक चल सकेगा कंपनी के द्वारा बंद खरीदे गए कंप्यूटर सेट जबकि नए जनरेशन वर्जन सेट का किया गया भुगतान।
फिर कैसे बंद हुए पुराने जनरेशन की खरीदी गई कंप्यूटर सेट किसके मिलीभगत से किया गया इतने बड़े भ्रष्टाचार सामग्री खरीदी का भुगतान कौन है जिम्मेदार संस्था प्रभारी या समिति एवं जिला कार्यालय प्रबंधक जिस के हस्ताक्षर से किया गया खरीदी सामग्री का भुगतान।
मामला कार्यालय जिला शिक्षा अधिकार और शाखा रमसा प्रभारी एवं समिति के सदस्यों द्वारा नए एजुकेशन शिक्षा नीति के तहत लगभग ढाई करोड रुपए राशि का सामान खरीदा गया विद्यालय के लिए जिससे बच्चों को अच्छी शिक्षा और कम्प्यूटर कि जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
नई जनरेशन कंप्यूटर सिस्टम की खरीदी करना था लेकिन रमसा शाखा प्रभारी और समिति के द्वारा पुराने बंद हुए कंपनी के द्वारा कंप्यूटर सेट की खरीदी की गई बच्चों के बैठने के लिए कुर्सी टेबल और कंप्यूटर सेट रखने के लिए टेवल लोकल कम्पनी कि खरीदी गई है जो भी सेट खरीदें है थर्ड क्वालिटी के मटेरियल सामग्री खरीदी की गई।
जांच समिति में शामिल एक ऐसा अधिकारी हैं जिसके पास कम्प्यूटर डिग्री/डिप्लोमा नहीं है जिसका जांच बिना डिग्री प्राप्त समिति सदस्य अधिकारियों से कराई गई है ऐसा क्यों किया गया ऐसा क्यों कराया जा रहा है किसके शह पर लगभग ढाई करोड रुपए की खरीदी सामग्री का जांच बिना डिग्री प्राप्त संबंधित अधिकारी से कराया गया जिसको पता ही नहीं क्या होता है कंप्यूटर और कैसे गुणवत्तायुक्त है। नई जनरेशन के कंप्यूटर सेट हैं जिस अधिकारी को इसके बारे में किसी प्रकार से जानकारी ही नहीं वह क्या जांच करेगा।
अच्छे नए जनरेशन कंप्यूटर सिस्टम की जिले के शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 14 स्कूलों में सामग्री खरीद कर भेजा गया है सही मायने में खरीदी सामग्रियों की जांच की जाए तो निश्चित शाखा प्रभारी और समिति के सदस्यों ऊपर कार्यवाही निश्चित होगा लेकिन इस भ्रष्टाचार में शामिल सभी जिले के संबंधित अधिकारी का नाम आने से शाखा प्रभारी को नहीं आएगी आंच।
विशेष सूत्रों अनुसार संबंधित विभाग के द्वारा प्राप्त जानकारी।
आईसीटी लाइव शिक्षा के लिए जिले के चयनित 40 शासकीय विद्यालयों में लगभग 17 विद्यालयों में कंप्यूटर सिस्टम टीवी स्कैनर अथवा प्रिंटर एवं यूपीएस पहुंचा दिया गया है साथ ही सिस्टम को सेट करने के लिए कुर्सी टेबल सामग्रियों की खरीदी जेम्स पोर्टल के माध्यम से किया गया है।
सामग्री अनुबंध के अनुसार उसी कंपनी की सप्लाई हुई या नहीं हुई यदि नहीं हुई तो उसके लिए भौतिक सत्यापन अधिकारी नियुक्त किए गए जोकि सत्यापन अधिकारी मदन चौरसिया स्वप्निल जैन एवं रमसा के आई टी सेल प्रभारी अजमद रंगरेज व्यौहारी द्वारा सामग्रियों की जांच किया गया।
मामले में आरोप है जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ रमसा प्रभारी और समिति के द्वारा मनमानी तरीके से ऐसे कंप्यूटर सेट खरीदे गए जो कंपनी के द्वारा बंद हो चुके हैं जिनके बर्जन चलन से बाहर हैं अनुबंध के विपरीत दूसरी कंपनी से सामग्री विपरीत नहीं है लेकिन कंपनी से महंगे सेट खरीदे गए पुराने वर्जन सिस्टम के और नए सिस्टम और नए वर्जन का भुगतान किया गया तमाम इस तरह के गड़बड़ी और अनियमितताएं की गई सामग्री खरीदने में जिन विद्यालयों में सामग्री भेजी गई उन संस्था प्रधानों को खरीदी पत्रक आज तक संबंधित विभाग के द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
संबंधित विभाग अधिकारी के द्वारा कहां जा रहा है कंप्यूटर सेट छात्रों को ज्ञान अर्जन अच्छे एजुकेशन के लिए खरीदे गए हैं।
लेकिन विशेष सूत्रों अनुसार वह वर्जन कंप्यूटर से किसी काम की नहीं है।
