जिला पंचायत के सदस्यों में जानकारी नहीं मंजूर ।
जिला पंचायत सीईओ पर नहीं लगाएंगे आरोप ऐ हजूर।
14 /15वें वित्त की राशि जिला पंचायत के निगरानी से कोसों दूर ग्राम पंचायतों के कार्यों में किया जा रहा दुरुपयोग।
रिपब्लिक न्यूज।
शहडोल // मुख्यालय जिला पंचायत इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार जिले में जिला पंचायत के सभी वार्डों में जनता के द्वारा चुने गए जिलापंचायत के निर्वाचित सदस्य हैं। परंतु 14/15वें वित्त की करोड़ों रुपए राशि केवल जारी की गई है। जबकि कई सदस्यों के वार्डों में 14/ 15वें वित्त की कोई भी राशि जारी नहीं की गई है। जिसके चलते जिला पंचायत के सदस्यों में भारी आक्रोश देखा गया है।
विशेष सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी स्थानीय लोगों में चर्चा है कि इस संबंध में जिलापंचायत के कई सदस्यों द्वारा एक पत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को दिनांक 25.06.2023 को लिखा जाएगा। जिसमें उल्लेख किया गया है कि जिला पंचायत में वर्ष 2022-23 के लिए 15वें वित्त की राशि का दुरुपयोग किया गया है। कार्ययोजना स्वीकृत होने के बाद भी जिला पंचायत की अध्यक्ष और क्षेत्र के कुछ सदस्यों के वार्डो को यह राशि जारी की गई है। मजेदार बात ये है कि सीईओ ने पूर्व में जो कार्ययोजना बनाई गई थी उसे दरकिनार कर दिया और कोई भी राशि जारी नहीं की थी। परंतु जिला पंचायत के नए सीईओ के द्वारा जिला पंचायत की अध्यक्ष के क्षेत्रों में उनके कई वार्ड के लिए राशि जारी कर दी गई है। जिसको लेकर सदस्यों में भारी आक्रोश है। संभवत: एक दो दिन में जिला पंचायत के सदस्यों के द्वारा कलेक्टर और जिला पंचायत के सीईओ के खिलाफ आंदोलन किया जा सकता है। जिन सदस्यों ने शिकायत पत्र सौंपा। तत्काल 15वें वित्त की राशि सभी वार्डों में सामान रूप से जारी किए जाने की मांग है। हालांकि इस संबंध में जिला पंचायत के द्वारा पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा गया है कि कुछ लोगों के द्वारा आगामी विधानसभा में चुनाव से भाजपा की टिकट न मिले इसके लिए दुष्प्रचार किया जा रहा है। सभी सदस्यों को सामान्य रूप से राशि दी जा रही है। हालांकि इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ से इस पर जानकारी प्राप्त करें तो साहब कहीं क्षेत्र भ्रमण कर रहे थे। फिलहाल जिला पंचायत में 15वें वित्त की राशि में हुए घोटाले को लेकर शहर में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं।
जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए जो खरीद फरोख्त की गई थी व सदस्यों को अध्यक्ष चुनने के लिए जो मोटी रकम मिली थी उसी रकम की यह वसूली बताई जाती है।
