पत्नी प्रभारी पति जिला प्रभारी अधिकारी दोनों की मिलीभगत से लाखों का चल रहा फर्जी भुगतान का भ्रष्टाचार।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राशि का महा घोटाला भ्रष्टाचार।
रिपब्लिक न्यूज।
शहडोल // मुख्यालय में बढ़ता ही जा रहा भ्रष्टाचार शासन के राशि की खेली जा रही है होली।
अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति को किया गया फर्जी भुगतान का महा घोटाला पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त के द्वारा। वही शिक्षा विभाग में खेल सामग्री के नाम पर पदस्थ अधिकारियों और विद्यालय के प्रभारी शिक्षकों के द्वारा खरीदे गए खेल सामग्री के नाम पर भ्रष्टाचार का महा घोटाला पिछले वर्ष राशि की खरीदी नववर्ष में परिवर्तन। वही ग्रामीण विकास के नाम पर बिना कार्य किया गया अधिकारियों के मिली भगत से भुगतान। नाडेप सोकता लीच पिट के निर्माण कार्यों का सरपंच सचिव रोजगार सहायक और संबंधित उपयंत्री के मिली भगत से किया जा रहा फर्जी भुगतान।
परपाची के मिलीभगत से पांडे ने खरीदे कंप्यूटर सेट कितने का कंप्यूटर सेट कहां से आया कितना भुगतान किसको किया गया किसके कोटेशन पर खरीदे गए कंप्यूटर सेट प्रति कंप्यूटर सेट का भुगतान किस आधार पर किया गया ऐसा ही कई मामले आएंगे सामने।
एक ऐसा ही मामला जिला अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रभारी और संबंधित आशा कार्यकर्ताओं के नाम पर फर्जी भुगतान का सिलसिला है जारी स्वास्थ्य विभाग के दोनों हैं कर्मचारी।
पति पत्नी और आशा कार्यकर्ताओं के मिली भगत से शासन के राशि का कर रहे दुरुपयोग।
बुढार क्षेत्र के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ महिला स्वास्थ्य कर्मचारी के द्वारा पहले अपने कुछ प्रिय आशा कार्यकर्ताओं के नाम पर राशि जारी कर उनके खाते में जमा करते हैं। फिर कुछ दिन बाद वही महिला स्वास्थ्य कर्मी अधिकारी के द्वारा उस राशि को किसी कार्य योजना तैयार कर वापस अपने किसी के नाम भुगतान करवा कर उस राशि को अपने नाम कर लिया जा रहा है।
विकासखंड समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं की भुगतान प्रभारी अधिकारी है।
आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर लाखों रुपए गबन करने का खेल नए अंदाज पर करते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त है प्रभारी महिला स्वास्थ्य कर्मी अधिकारी। वहीं जिला में महिला स्वास्थ्य कर्मी विकासखंड प्रभारी के पति जिला प्रभारी अधिकारी है यह दोनों पति पत्नी मिलकर आशा कार्यकर्ताओं के नाम पर राशि जमा कर लाखों रुपए कमा रहे हैं।
समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी की कार्यशैली संदेह के घेरे में क्या इनके बिना जानकारी के इतना बड़ा रिक्स अकेले एक महिला उठा रही हैं। क्या महिला प्रभारी अधिकारी अपने पति के सहारे कर रही है कि संबंधित आशा कार्यकर्ताओं के खाते में राशि जारी कर कुछ दिन बाद उस राशि को वापस आशा कार्यकर्ताओं से लेकर लाखों रुपए अपने तिजोरी को भरने में कामयाब हो रही है।
ऐसा ही खेल जिला के स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की कार्यवाही और मिलीभगत संदेह के घेरे में आ रहा है। निश्चित इस बात को दर्शाता है कि जिले के अधिकारियों के बगैर जिला प्रभारी अधिकारी इतना बड़ा भ्रष्टाचार कैसे कर सकता है। और अपने मनमाने तरीके से किए गए भुगतान की राशि आशा कार्यकर्ताओं से अपने प्रभारी अधिकारी पत्नी के साथ मिलकर उस राशि को किसके इशारे पर वापस वसूली कर अपने किसी के नाम पर कर रहे है। क्या है सच्चाई किसकी है मिलीभगत कौन है दोषी कौन-कौन है इस भ्रष्टाचार के खेल में किस कार्य के नाम पर आशा कार्यकर्ताओं के खाते पर राशि जारी कर कुछ दिन पश्चात फिर उस राशि को किसी कार्य के नाम पर खर्च का भुगतान करवा लें रहें हैं और खानापूर्ति कर फाइल बंद कर दिया जा रहा है।
