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मुख्य नगर पालिका परिषद अधिकारी , कर्मचारी की उदासीनता या लापरवाही।

 खाते में आई राशि का संबंधित नगरपालिका को पता नहीं भटक रहे हितग्राही ।

एक माह से नहीं खोला योजना मण्डल का मेल बरत रहे लापरवाही उदासीनता संबंधित कर्मचारी।


रिपब्लिक न्यूज।

शहडोल। नगर की मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध करने वाली नगरपालिका का अमला कितना लापरवाह है यह इसी बात से पता चलता है कि स्वेच्छा अनुदान मद की राशि पिछले एक माह से नगरपालिका के खाते में पड़ी है और नगरपालिका को जानकारी नहीं है। यहां के अधिकारी कर्मचारी हितग्राहियों को एक रटा रटाया जवाब दे देते हैं कि अभी तक जानकारी नहीं आई है और न राशि भेजी गई है। जबकि योजना मण्डल द्वारा 16 लाख 13 हजार रुपए की राशि अक्टूबर माह की 13 तारीख को ही भेज दी गई थी। जब विभाग ने नगरपालिका के मेल में अक्टूबर माह की शुरुआत में ही हितग्राहियों की सूची मेल में भेज दी थी। नगरपालिका के कर्मचारियों ने मेेल खोलकर देखना भी जरूरी नहीं समझा। 

जन चर्चा है कि यही स्थिति अन्य मामलों में राशियों और जानकारियों की होती होगी।

यह है स्वेच्छा अनुदान मद

प्रत्येक विधायक के लिए शासन द्वारा जन कल्याण के लिए स्वेच्छा अनुदान मद प्रदान किया जाता है जिससे वह अपने क्षेत्र के अत्यंत निर्धन व्यक्ति, अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों व गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति की आर्थिक सहायता कर सकें। इसमें विधायक को अधिकार होता है कि वह ऐसे किसी भी व्यक्ति को एक हजार से लेकर दस हजार तक की राशि आवश्यकतानुसार प्रदान कर सके। प्रति वर्ष यह राशि प्रदान की जाती है और लोगों को इसका लाभ दिलाया जाता है।

410 लोगोंं को मिलेगा लाभ

जयसिंहनगर विधायक ने अपने क्षेत्र के 410 लोगों को इसका लाभ दिलाने के लिए अनुशंसा की थी। जिनके लिए प्रशासनिक वित्तीय स्वीकृति सितंबर माह में प्रदान कर दी गई थी। यह राशि योजना मण्डल कार्यालय द्वारा वितरणकर्ता एजेंसी जैसे जनपद पंचायत ग्रामीण क्षेत्रों में और नगरपालिका शहरी क्षेत्र अंतर्गत को प्रेषित करती है। 

इस वर्ष 410 हितग्राहियों के लिए 16 लाख 13 हजार रुपए वितरण करने के लिए स्वीकृत हुए हैं। इन लोगों की सूची अक्टूबर के शुरू में नपा के मेल पर डाल दिया गया था। इसके बाद राशि जारी होने पर योजना मण्डल ने नपा के खाते मे अक्टूबर के मध्य में राशि डाल दी थी। लेकिन नपा को जानकारी नही है।

उपाध्यक्ष की पहल पर चला लोगों को पता।

इस बात की जानकारी तब हुई जब कुछ हितग्राहियों ने नपा उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा से संपर्क कर उन्हे स्वेच्छा अनुदान राशि प्राप्त नहीं मिल रहा है इस बात की जानकारी दी। उपाध्यक्ष ने तत्काल योजना मण्डल से पूछताछ शुरू कर दी तब ज्ञात हुआ कि एक माह पूर्व ही सूची और रकम नगर पालिका की ओर प्रेषित की जा चुकी है। अब तक रकम बांट दी जानी चाहिए। जब सीएमओ से पूछ ताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हे इस बात की जानकारी नहीं है। सूची अगर आई भी होगी तो मेल में होगी, मेल अभी तक खोलकर देखा नहीं गया है। लोगों का कहना है कि अगर उपाध्यक्ष पहल नहीं करते तो अभी भी जानकारी नहीं मिलती और न जाने कब तक भटकना पड़ता।

भटकते रहते हैं हितग्राही

हितग्राहियों ने कहा कि नगरपालिका द्वारा संचालित योजनाओं के लिए हितग्राही भटकते रहते हैं और अमला काम करने और राहत प्रदान करने की बजाय बहाने बनाकर टरकाते रहते है। नगरपालिका की कार्यशैली से लोगों को बार बार भटकना पड़ता है और उनका काम नहीं होता है। आज भी सैकड़ों की संख्या में लोग भटकते देखे जाते हैं। पेंशन योजनाओं के हितग्राही तो शायद सबसे अधिक होंगे। नगरपालिका की कार्यशैली निहायत गैर जिम्मेदाराना है।

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