शहडोल बहुचर्चित करोड़ों रुपए भुगतान का घोटाला। विकासखंड जनपद पंचायत जयसिंह नगर क्षेत्र में संचालित आदिवासी बच्चों के शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति को किया गया करोड़ों रुपए भुगतान में हुए भ्रष्टाचार कि जांच लोकायुक्त भोपाल से जांच अधिकारी नियुक्त सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय शहडोल रणजीत सिंह धुर्वे को आदेश भेजा गया है। जांच आदेश पत्र के बाद से मंडल संयोजक एमएस अंसारी सहायक आयुक्त को अपने साथ लेकर घुमते देखा जा सकता है। क्योंकि पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग शहडोल मंडल संयोजक एमएस अंसारी जो करोड़ों रुपए राशि भुगतान में किए गए गबन भ्रष्टाचार के मास्टरमाइंड है । जब लोकायुक्त से जांच सहायक आयुक्त को आया तो अंसारी ने किया सहायक आयुक्त रणजीत सिंह धुर्वे को गुमराह और लोकायुक्त से जांच आदेश पत्र को शाखा प्रभारी बाबू से मिल कर दबाया । मंडल संयोजक पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त एम एस अंसारी अपने ही काले कारनामों को कैसे भला उजागर करेंगे। इसलिए अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक के साथ मिल कर राशि के गबन अधिकारी और मंडल संयोजक एमएस अंसारी लोकायुक्त से जांच अधिकारी को अपने साथ लेकर घुम रहे हैं। मंडल संयोजक एमएस अंसारी का सबसे बड़ा घोटाला 8 करोड़ 32लाख 91हजार 309 रुपए के भुगतान राशि के कार्यरत कर्मचारियों अशासकीय शिक्षक के फर्जी भुगतान में किए गए । लगभग 6 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार में सबसे बड़े घोटाले बाज का कारनामा बिना सी पीएफ खाता खोले ही अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति जयसिंहनगर क्षेत्र शहडोल और भमरहा के अशासकीय कार्यरत कर्मचारियों के अंशदान कि राशि सीपीएफ खातों के बिना भुगतान की राशि काट ली। और पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त और जिला कोषालय अधिकारी ने मिलकर कर दिये पांडे शिक्षा समिति के खातों में भुगतान। इस तरह से नियम विरुद्ध किये गए भुगतान में शामिल है पूर्व सहायक आयुक्त मंडल संयोजक एमएस अंसारी शाखा प्रभारी बाबू भूषण और महोबिया । जिला कोषालय अधिकारी आरएम सिंह की मिली भगत से हुआ करोड़ों रुपए फर्जी भुगतान। जिला कोषालय अधिकारी का अनूपपुर जिला से शहडोल के लिए स्थानांतरण का खेल करोड़ों रुपए भुगतान के लिए तो नहीं हुआ था। आदिवासी छात्रों के विकास के लिए शासन से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्था अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति को फर्जी तरीके से किए गए आठ करोड़ 32 लाख 91 हजार 309 रुपए के भुगतान में लगभग 6 करोड रुपए की राशि का भुगतान के समय आरएम सिंह जिला कोषालय अधिकारी शहडोल । जिला को भुगतान करने वाले अधिकारी को इस बात की जानकारी नहीं हो सका पांडे शिक्षा समिति में कार्यरत कर्मचारियों के नाम से जब सीपीएफ खाता नहीं खोला गया है तो शासन से स्वीकृत अंशदान राशि का जो शासन से प्राप्त होता है इस राशि को शासन उन्हीं कार्यरत कर्मचारियों के सीपीएफ खातों में डालते हैं जो किसी संस्था के द्वारा अपने अधीन कार्यरत कर्मचारी होते हैं । सीपीएफ खातों में संस्था के द्वारा आधा राशि डाले जाते हैं और उसी राशि का अंशदान लगभग शासन के द्वारा किसी भी संस्था में कार्यरत कर्मचारियों के सीपीएफ बैंक खातों में डालते हैं जो संस्था उनके नाम से बैंकों में खाते खुलवा ते हैं । शासन से प्राप्त अनुदान की राशि पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे ने अपने संस्था में कार्यरत कर्मचारियों के खाते में ना डालकर अपने ही खातों में डाल रखे हैं भुगतान की राशि जो शासन से प्राप्त हुआ है अंशदान सीपीएफ की राशि । अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति में कार्यरत कर्मचारियों के नाम से कटौती हो रहा है लेकिन शासन से प्राप्त अनुदान की राशि सी पी एफ का शिक्षा कर्मियों की भविष्य निधि और पेंशन योजना की राशि हर महीने उनके वेतन से काटी जा रही है लेकिन इसके बावजूद रकम उनके सीपीएफ खाते में जमा नहीं किया गया है। संबंधित अधिकारियों के द्वारा इस तरह से किया गया फर्जी भुगतान में भ्रष्टाचार कर कार्यरत कर्मचारियों के बिना सीपीएफ खातों के खुले ही हो गया सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय और जिला कोषालय जिला अधिकारी के द्वारा अंशदान राशि का भुगतान इस भ्रष्टाचार में कौन है दोषी । पूर्व सहायक आयुक्त या जिला कोषालय अधिकारी या पूर्व जिला प्रमुख जिनके कार्य काल में हुआ है । अंशदान सीपीएफ खातों के बिना खुले होगया राशि का भुगतान पांचवे वेतन मान एरियर्स राशि का जो की बर्षो से रुका था भुगतान की राशि अशासकीय कार्यरत कर्मचारियों के।