

मुख्यालय शहडोल जनपद पंचायत जयसिंह नगर क्षेत्र अंतर्गत आदिवासी छात्राओं के विकास के लिए अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति में कार्यरत कर्मचारियों के पांचवें वेतनमान एरियर्स राशि का बंटवारा कर फर्जी तरीके से किए गए भुगतान में शामिल पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त के चहेते का नाम और अकाउंट नंबर भी मिला। भुगतान पत्रक में दर्ज किसी परस्ते के नाम से ₹1लाख 90 हजार रूपए का फर्जी भुगतान आदिम जाति कल्याण विभाग ने किया है । कार्यालय शहडोल में जमे हुए 20 वर्षों से बाबू अपने आप को सहायक आयुक्त अधिकारी ही समझते हैं । इसीलिए मनचाहा स्थानांतरण किया अपने चहेते और जमात के शिक्षकों का यहा मनमानी है मंडल संयोजक एमएस अंसारी पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त का । प्रभार मिलते ही सबसे पहले सहायक आयुक्त का शासन से प्राप्त अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति जयसिंह नगर शहडोल और भमरहा अशासकीय विद्यालयों के संचालक से मिलकर साठ- गांठ कर आठ करोड़ 32 लाख 91 हजार 309 रुपए का भुगतान राशि लगभग 6 करोड रुपए का फर्जी भुगतान संस्था के दो बैंक खातों में किया गया । इस भुगतान में लगभग 11लाख रुपए का एक फर्जी भुगतान की राशि पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे के भाई जो अमरकंटक में झोलाछाप डॉक्टर के कार्य में लगभग 20 वर्षों से यहां पर जमे हैं । फर्जी झोलाछाप डॉक्टर भाई के साथ-साथ कई रिश्तेदारों के नाम बैंक खातों के नम्बर फर्जी भुगतान पत्रक में शामिल किया गया। और इसी बहती गंगा में डुबकी लगाने का काम किया पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त मंडल संयोजक एमएस अंसारी ने भी अपने चहेते परस्ते का नाम डालें। गांव से शहरों में मनमाना किए शिक्षकों का स्थानांतरण और हो गए गांव के विद्यालय शिक्षक विहीन फर्जी स्थानांतरण के खेल में।
एमएस अंसारी फर्जी भुगतान के साथ-साथ प्रभारी मंत्री और पूर्व कलेक्टर को गुमराह कर फर्जी तरीके से नाम डालने में भी माहिर कला का प्रदर्शन दिखाऐ है । बिना ऑनलाइन आवेदन के ही स्थानांतरण पत्रक सूची में कई शिक्षकों के नाम डालें जो इनके जमात और चहेते रहे। या जो 30 से 40 का खेल घर के बच्चों के खाते में ऑनलाइन आवेदन-पत्र के गुलाबी कली को डाले हो।
प्रभारी मंत्री के जांच आदेश पत्र को भी चुनौती देते सहायक आयुक्त कार्यालय शहडोल के 20 वर्षों से जमे एक ही कार्यालय के शाखाओं में पदस्थ बाबू जांच के नाम पर सिर्फ आज कल का खेल खेलते नजर आ रहे संबंधित अधिकारी । अगले अंक में प्रकाशित होगा दो बीबियों के साथ तीन बच्चों के कर्मचारियों का नाम ।