रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल मुख्यालय जिला क्षेत्र से जुड़े कल्याणपुर ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार कारोबार।पारिवारिक खेल सचिव बेटा और ठेकेदार बाप की जुगलबंदी ने विकास को लगाया पलीता।
कल्याणपुर में शासकीय भूमि पर भवन निर्माण ज्ञानचंद गुप्ता द्वारा कर किराए पर भी देकर लाभ अर्जित कर शासन के नियमों का अनदेखा कर लाभ अर्जित किया जा रहा है।
कोइलारी विशेष
ग्राम पंचायत कल्याणपुर और कोइलारी में इन दिनों सरकारी नियमों और नैतिकता की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि सत्ता और प्रशासनिक पद का दुरुपयोग कर कैसे एक ही परिवार के लोग शासन के धन और शासकीय भूमि पर अपना अधिकार जमाए बैठे हैं।
बाप-बेटे का 'सिंडिकेट' और घटिया निर्माण कार्य का
ताजा मामला वार्ड नंबर 04 का है, जहाँ हाल ही में सीमेंट ईंटों की सड़क का निर्माण किया गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस निर्माण में उपयोग की गई ईंटों की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की है, जो अभी से ही टूटने लगी हैं।
हैरानी की बात यह है कि इस कार्य के ठेकेदार ज्ञानचंद गुप्ता हैं, जो पेशे से वकील भी हैं। उनके पुत्र विवेक गुप्ता पड़ोसी ग्राम पंचायत सिंहपुर में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बेटे के प्रशासनिक रसूख और पिता की वकालत व ठेकेदारी के गठजोड़ के कारण, कल्याणपुर में होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करने वाला कोई नहीं है। वार्ड नंबर 03 में भी पूर्व में किए गए नाली निर्माण में इसी तरह की धांधली की शिकायतें सुर्खियों में रही हैं।
शासकीय भूमि पर कब्जा और रसूख की नुमाइश
और अभी हाल ही में ग्राम कोइलारी में दिनेश एंड ब्रदर्स हार्डवेयर के पीछे बिना डायवर्सन बिना अनुमति के ज्ञानचंद गुप्ता द्वारा भवन निर्माण कार्य भी जोर शोर से चल रहा है
शिकायतकर्ता श्रीकान्त गुप्ता ने साक्ष्यों के साथ खुलासा किया है कि ज्ञानचंद गुप्ता ने वार्ड नंबर 03 में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से भवन निर्माण कर लिया है। इतना ही नहीं, उनके पास महंगी फोर-व्हीलर गाड़ियाँ भी हैं, जो उनके द्वारा अर्जित किए गए लाभ और प्रभाव को दर्शाती हैं। जिसका प्रमाणित फोटो भी लगाई गई है जो कि शासकीय भूमि पर भवन और स्वयं के महंगी फोर व्हीलर वाहन भी खडी है
वार्ड नं 07: सामुदायिक भवन का रास्ता किया बंद
भ्रष्टाचार का एक और पहलू वार्ड नंबर 07 में देखने को मिला है। यहाँ रिटायर्ड अधिकारी एन.के. सिंह द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर पक्की दीवार और बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी गई है। इस कब्जे ने पंचायत भवन और सामुदायिक भवन की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग को पूरी तरह बाधित कर दिया है। स्थानीय निवासी रहवासियों ने बताया यहां पर कभी किसी भी प्रकार से कोई कार्यक्रम आयोजित किया गया या फिर किसी के घर में हों रहा है तो हमेशा बाधा उत्पन्न होती है। क्योंकि मोहल्ला के अन्दर सड़क निर्माण सकरा होने के कारण विवाह कार्यक्रमों के दौरान आने वाले वाहन अब अंदर नहीं जा पा रहे हैं।
अगर आपातकालीन स्थिति में
एम्बुलेंस और दमकल जैसी गाड़ियाँ रास्ता बंद होने के कारण वहां तक नहीं पहुँच सकते हैं, जिससे किसी भी अनहोनी की स्थिति में जान-माल का बड़ा खतरा बना रहता है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल।
राजस्व विभाग को इन सभी अनियमितताओं की लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। अब जनता की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
क्या विभाग इन रसूखदारों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाएगा, या फिर 'बाप-बेटे' का यह प्रभाव नियमों पर भारी पड़ेगा।?