दलाल ने हड़प्पा जमीन।
संबंधित विभाग के मिली भगत से एक ही जमीन को बेचा दो बार।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल मुख्यालय मध्य प्रदेश के शहडोल जिला में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मिली भगत से एक व्यक्ति ने कथित तौर पर फर्जीवाड़ा करते हुए लाखों रुपये हड़प लिए और अनुबंधित ज़मीन को बिना बताए अन्य लोगों को बेच दिया।
जिस पर पीड़ित ने सोहागपुर थाना प्रभारी को आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज करने की गुहार लगाई है।
यह दर्शाता है कि शासकीय कर्मचारियों का एक महा घोटाले का भ्रष्टाचार कारोबार है। यहां पर निजी लाभ के लिए शासकीय कर्मचारियों ने मिलकर भ्रष्टाचार किया है।
यह है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत छतवई निवासी प्रशांत गौतम ने पुलिस को अपने शिकायत में बताया कि वर्ष 2020 में उनकी जान-पहचान प्रमोद तिवारी (निवासी सोहागपुर) से हुई थी। आरोप है कि प्रमोद तिवारी ने प्रार्थी और उनकी पत्नी को झांसे में लेकर ज़मीन के अलग-अलग सौदे किए और मोटी रकम वसूल ली।
धोखाधड़ी का विवरण।
पहला सौदा: खसरा नंबर 258/2/1 (1.89 एकड़) का सौदा 70 लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें से 10 लाख रुपये अग्रिम लिए गए।
दूसरा सौदा: खसरा नंबर 299/2/1 (2.00 एकड़) का सौदा 75 लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें 25 लाख रुपये अग्रिम दिए गए।
तीसरा सौदा: प्रार्थी की पत्नी अन्नपूर्णा गौतम के नाम पर खसरा नंबर 298/2/1 (6000 वर्गफुट) का सौदा 10 लाख रुपये में हुआ, जिसका पूरा भुगतान किया जा चुका है।
18 अन्य लोगों को बेची ज़मीन
पीड़ित का आरोप है कि अनुबंध होने और भारी भरकम राशि लेने के बावजूद, आरोपी प्रमोद तिवारी ने प्रार्थी को बिना बताए चोरी-छिपे इन जमीनों को 18 अन्य व्यक्तियों को बेच दिया है। पीड़ित ने इसे सोची-समझी साजिश और छल-कपट करार दिया है।
पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग
प्रार्थी प्रशांत गौतम ने दिनांक 28.01.2026 को लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि आरोपी ने धन अर्जित करने के उद्देश्य से आपराधिक कृत्य किया है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
