लोकायुक्त शहडोल जांच टीम के द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट जिला प्रशासन के द्वारा नहीं भेजा जा रहा लोकायुक्त भोपाल कार्यालय ।
डेस्क टीम// रिपब्लिक न्यूज
लोकायुक्त कार्यालय भोपाल से भेजा जा रहा पत्र पे पत्र लेकिन संबंधित अधिकारियों और बाबूओं के द्वारा दवाएं जा रहे हैं पत्र कार्यालय में बाबू बनें अधिकारी ।
शहडोल जिले की बहुचर्चित भ्रष्टाचार फर्जी भुगतान का मामला जिसकी शिकायत लोकायुक्त भोपाल कार्यालय में भी दर्ज है।
लोकायुक्त कार्यालय भोपाल के द्वारा शहडोल कलेक्टर को भेजा गया जांच कराने के लिए पत्र कलेक्टर शहडोल के द्वारा लोकायुक्त जांच कमेटी की टीम बनाई गई जिसमें शहडोल जिले में पदस्थ अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा के अगुवाई में किया गया जांच ।
शहडोल जांच कमेटी के द्वारा रिपोर्ट सौंपने के बाद भी लोकायुक्त भोपाल कार्यालय नहीं भेजा गया कलेक्टर के द्वारा जांच रिपोर्ट ऐसा क्यों हुआ यह तो संबंधित अधिकारी ही बता सकते हैं ।
फर्जी भुगतान करता अधिकारी मंडल संयोजक पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त एम एस अंसारी दोषी पाए जाने के बावजूद भी नहीं किए गए पद से विहीन और नहीं हो रही कोई कार्यवाही और नहीं किया गया एफ आई आर दर्ज कौन सा है मैनेजमेंट ।
जबकि वर्तमान कलेक्टर न्याय प्रिय होने के बावजूद भी नहीं ले रही है संज्ञान ऐसा क्यों हो रहा है।
कमिश्नर कार्यालय में भी मंगाई गई जांच रिपोर्ट ।
शहडोल कमिश्नर के द्वारा लोकायुक्त जांच रिपोर्ट मंगाई गई कार्यालय लेकिन कार्यवाहीं ठंडे बस्ते में और नहीं भेजा गया उच्च कार्यालय लोकायुक्त भोपाल।
पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त एमएस अंसारी जन जाति कार्य विकास विभाग कार्यालय शहडोल के द्वारा तत्कालीन कलेक्टर को गुमराह कर शासन से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के खातों में किया गया करोड़ों रुपए का फर्जी भुगतान जिसमें शामिल थर्ड ग्रेड बाबू मंडल संयोजक पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त एमएस अंसारी जन जाति कार्य विकास विभाग कार्यालय में बीस वर्षो से एक ही शाखा में पदस्थ बाबू भूषण सिंह, कौशल मराबी, एम एल महोबिया चारों महारथी एक ही कार्यालय में बीस वर्षो से जामे है अंगद के पांवों कि तरह। चारों महारथी और जिला कोषालय अधिकारी के मिली भगत से शासन से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति जयसिंह नगर शहडोल और भमरहा़ के संस्था में कार्यरत कर्मचारियों के अंशदान की राशि पांचवें वेतन मान एरियर का भुगतान आठ करोड़ बत्तीस लाख 91 हजार तीन सौ नौ रूपए किया गया।
शासन के खजाने में लाखों रुपए का लगाया गया चूना बिना सीपीएफ खातों के किया गया भुगतान ।
जबकि राशि का भुगतान कार्यरत कर्मचारियों के सीपीएफ खातों में जमा करना था लेकिन बगैर सीपीएफ खातों के खुले अधिकारियों और संस्था संचालक के मिली भगत से संस्था के दो खातों में फर्जी तरीके से भुगतान किया गया है और नहीं काटे गए इंक्मटैक्स की राशि ।
लोकायुक्त प्रकरण क्रमांक/ स्था .6/ लोकायुक्त./41/2022/16493 भोपाल दिनांक 10.08.2022 को पत्र फिर कलेक्टर कार्यालय शहडोल भेज कर जांच रिपोर्ट मांगा गया है।
लोकायुक्त जांच प्रकरण क्रमांक 260/ 21 में पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त एमएस अंसारी जन जाति कार्य विकास विभाग शहडोल के द्वारा फर्जी तरीके से भुगतान किया गया अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति शहडोल जो जयसिंह नगर और सतना जिले के भमरहा क्षेत्र में संचालित है।
सीधे साधे और छोटे वर्ग के कर्मचारियों को बनाया जा रहा है शिकार।
