अभियंता समाज को नई दिशा देने वाला पथ प्रदर्शक होता है।
यू.आई.टी. आर.जी.पी.व्ही कॉलेज मनाया गया अभियंता दिवस।
शहडोल मुख्यालय भारत में इंजीनियर्स डे हर बर्ष 15 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन हर साल इंजीनियरों के योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है, ताकि उनके उन काम की अहमियत को सभी लोग समझ सकें।
इस दिन को विशेष रूप से सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जन्म जयंती के रूप में मनाया जाता है।
साल 1955 में उन्हें देश का सर्वाेच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया। विश्वेश्वरैया एक महान इंजीनियर और देशभक्त थे, जिन्होंने भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इंजीनियर्स डे का उद्देश्य इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जो लोग काम कर रहे हैं, उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की जाए और नई पीढ़ी को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित किया जाए।
शहडोल के इंजीनियरिंग कॉलेज में आज विशेष रूप से इंजीनियर डे यू.आई.टी. आर.जी.पी.व्ही. शहडोल में उत्साह एवं उमंग के साथ इंजीनियर्स डे मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदन से हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रकाश पाटले ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इंजीनियर राष्ट्र निर्माण की धुरी हैं। उन्होंने छात्रों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। वहीं गोविंद सिंघल ने विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम और अनुशासन को जीवन का मूल मंत्र बताया।
संस्थान के निदेशक डॉ पंकज जैन ने कहा कि अभियंता केवल तकनीक का ज्ञाता नहीं होता, बल्कि वह समाज को नई दिशा देने वाला पथप्रदर्शक होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अभियंत्रण के क्षेत्र में नवीनतम शोध एवं नवाचारों के माध्यम से देश के विकास में योगदान दे।
इंजीनियर्स डे के अवसर पर विद्यार्थियो ने सांस्कृतिक गतिविधियों की भी प्रस्तुतियां दी।
इस अवसर पर शिक्षकों का सम्मान किया गया तथा इंजीनियर्स डे के उपलक्ष्य में केक काट कर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल सभी छात्रों ने एक दूसरे को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
