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फर्जी भर्तीयों की कब होगी जांच इस रहस्यमई कारनामे से कब उठेगा पर्दा।

रिपब्लिक न्यूज़।।

संविलियन भर्ती घोटाला 2020-21 में नगर परिषद डोला, डूमर कछार, बनगवा में सचिव सरपंच के साथ मिलकर कराया गया संविलियन भर्ती घोटाला, 

प्रभारी कार्यपालन यंत्री राकेश तिवारी ने स्वयं बनाई पंचायत कर्मियों की सूची और करा दिया अपने बच्चों सहित रिश्तेदार वा अधिकारियों के लोगो की भर्ती अब फिर होगी जांच।

शहडोल मुख्यालय जिला शहडोल व अनूपपुर में हुए नगर परिषद में भर्ती घोटाला को लेकर कई मामले धीरे धीरे उजागर हो रहे है वहीं अभी मामला उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित है पर भ्रष्ट अधिकारियों ने भर्ती घोटाला मास्टरमाइंड प्रभारी कार्यपालन यंत्री राकेश तिवारी के साथ मिलकर उच्च न्यायालय में गलत जानकारी भेजकर बाहर से आए हुए सभी संविलियन कर्मचारी को पद वा पेमेंट दिलाने का आदेश दिला दिए जो की सूत्रों की जानकारी ने पता किया है कि राकेश तिवारी जे.डी.कार्यालय शहडोल में कार्यपालन यंत्री के पद पर रहते हुए ग्राम पंचायत के सचिव व सरपंच के साथ मिलकर स्वयं पंचायत कालीन कर्मचारियों की सूची को तैयार किया.और इस सूची में कई अधिकारियों के रिश्तेदार वा बाहरी लोगो को संविलियन में भर्ती कर दिया.यहा तक की राकेश तिवारी ने अपने दोनों पुत्रों की भी भर्ती करा दी थी.राकेश तिवारी ने सचिव सरपंच के साथ मिलकर संवेदियन कर्मचारियों की सूची तैयार कर नियम विरुद्ध तरीके से पंचायत का प्रस्ताव कर व रिश्वत लेकर फर्जी भर्ती को अंजाम दिया.और फर्जी प्रस्ताव बनाकर सभी नगर परिषद के सीएमओ को भेज दी.यह सब राकेश तिवारी ने अपने पद पर रहते हुए सरपंच सचिव के साथ मिलकर षडयंत्र रचा और सभी नगर परिषदों में सिविलियन भर्ती कर दी.वहीं राकेश तिवारी ने जेडी कार्यालय में पदस्थ अधिकारी व कर्मचारियों के के रिश्तेदारों की भी भर्ती करा दी.और जो स्थानीय शिक्षित बेरोजगार रहे उन्हें दर किनार कर दिया गया यहा तक की ग्राम पंचायत में कार्यरत कुछ कर्मचारियों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था.वहीं कार्यपालन यंत्री राकेश तिवारी ने अपने दोनों पुत्र रोहित तिवारी व प्रवीण तिवारी की संविलियन भर्ती कर दी.जैसे ही संविलियन भर्ती घोटाले की शिकायत नगरी प्रशासक भोपाल को हुई.तो सभी नगरपरिषद में भर्ती घोटाले की जांच कराई गई जिसमें सोमव्हेयर भारती को रद्द कर दिया गया.और लोक सेवा आयोग इंदौर के अनुमोदन में राकेश तिवारी को बर्खास्त कर दिया गया.परंतु श्री तिवारी जी के द्वारा शासन में अपील की गई फिर भी उन्हें निराशा मिली.तब जाकर राकेश तिवारी ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर में सेवा समाप्ति के विरुद्ध माननीय न्यायालय सिंगल बेंच में स्टे हेतु आवेदन किया पर उन्हें फिर निराशा हाथ लगी वहीं फिर दोबरा स्टे हेतु डबल बेंच हाई कोर्ट जबलपुर में सेवा समाप्ति के विरुद्ध प्रकरण दायर किया पर उच्च न्यायालय जबलपुर के डबल बेंच द्वारा आज दिनांक तक राकेश तिवारी को स्टे प्राप्त नहीं हुआ.पर नकाबपोश नेता अधिकारियों की मिली भगत से पुनः राकेश तिवारी जेडी कार्यालय शहडोल में अपने मूल पद पर पहुंच गए.जिसकी जानकारी उच्च न्यायालय तक जल्द पहुंचाई जा रही है वहीं इसकी जानकारी अभी तक लोक सेवा इंदौर को भी नहीं दी गई.और बिना लोक सेवा आयोग इंदौर के बिना शासन के बहाल किया ही राकेश तिवारी जेडी कार्यालय शहडोल में पदस्थ कर दिए गए।

जबकि नगरी प्रशासन भोपाल ने राकेश तिवारी की सेवा समाप्ति के लिए लोक सेवा आयोग इंदौर से अनुमोदन लिया था.वहीं राकेश तिवारी शासन प्रशासन को गुमराह कर नियम विरुद्ध तरीके से बहाल हुए.और शहडोल जीडी कार्यालय मूल पद पर पदस्थ हो गए।

वहीं फिर एक बार फर्जी सिविलियन भर्ती घोटाला मामले ने तूल पकड़ है और फर्जी भर्ती करने वालों पर जल्द कार्यवाही होगी वहीं फर्जी संविलियन कर्मचारी के विरुध भी जल्द कार्यवाही होगी वहीं मामला उच्च न्यायालय जबलपुर के संज्ञान में आते ही नियम विरुद्ध तरीके से हुए संविलियन कर्मचारियों के कार्यवाही की बात कहीं जाएगी.जबकि राकेश तिवारी को अभी तक उच्च न्यायालय जबलपुर ने स्टे नहीं दिया इसके बाद अभी भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलकर बिना लोक सेवा आयोग के बिना अनुमति के बहाल हो गए।

जो कि राकेश तिवारी के भ्रष्टाचार भर्ती घोटाला कि सम्पूर्ण फ़ाइल माननीय नगरी प्रशासक मंत्री विजय वर्गी जी के पास लंबित है जहा पर राकेश तिवारी ने षडयंत्र पूर्वक फाइल को दबाने का प्रयास किया है जिसकी जानकारी जल्द पत्र के माध्यम से माननीय नगरी प्रशासक मंत्री विजय वर्गी तक पहुंचाई जाएगी.वहीं अब भर्ती घोटाला मामले को लेकर जनता जल्द ही प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करेगी वा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ उच्च न्यायालय जबलपुर की शरण लेगी।

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