चोरी का रेत और पंचायत का निर्माण कार्य।
सरपंच और सचिव के साथ साथ उप-सरपंच की मिली भगत से किया जा रहा निर्माण कार्य।
रिपब्लिक न्यूज।।
भोपाल // मध्यप्रदेश राज्य के सभी मुख्यालय क्षेत्रांतर्गत बंद पड़ीं रेत खदानों में अवैध रेत का कारोबार पुनः एक बार प्रारंभ हो गया है। जिसके लिए क्षेत्र के रेत माफियाओं द्वारा रात के अंधेरों में खुले आम नदी और नालों से लेकर भिन्न-भिन्न स्थानीय नदियों से रेत का उत्खनन कर, क्षेत्र में भिन्न-भिन्न स्थानों पर मंहगे दामों में गिराकर, मोटी रकम वसूला जा रहा है। इन रेत माफियाओं द्वारा जहां शासन-प्रशासन को प्रतिमाह लाखों रुपए कि आर्थिक क्षति पहुंचाया जा रहा है, वहीं जिला कलेक्टर के निर्देशों का भी खुलेआम अवहेलना कर धज्जियां उड़ाया जा रहा है। जबकि अवैध रेत उत्खनन कारोबार पर अंकुश एवं माफियाओं पर कार्रवाई करने में स्थानीय पुलिस प्रशासन और संबंधित विभाग खनिज अमला नाकारा साबित हो रहे हैं।
जिला कलेक्टर ने 01 अक्टूबर तक रेत उत्खनन पर लगाया था रोक।
एक ऐसा ही मामला शहडोल जिला प्रशासन के बुढार थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लालपुर स्थित रिलायंस सीबीएम प्रोजेक्ट रोड़ पुरनिहा तालाब के पास चोरी का अवैध उत्खनन रेत का भंडारण किया गया है।
स्थानीय सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी यह रेत गांव के ठाकुर साहब भाईयों का है जो रात्रि के समय आस पास के क्षेत्रों में बेचते हैं और साथ में ग्राम पंचायत लालपुर के निर्माण कार्यां में भी देते हैं।
बरसात प्रारम्भ होने के साथ ही जिला कलेक्टर द्वारा 30 जून मध्यरात्रि पश्चात से 01 अक्टूबर तक देश प्रदेश के जिला क्षेत्र में रेत उत्खनन पर रोक लगाया गया है। बावजूद इसके सोहागपुर बुढार थाना क्षेत्र में रेत उत्खनन एवं परिवहन का व्यापार कार्य जोरों से संचालित है। जिस पर कार्यवाही करने में सम्बंधित विभाग सहित स्थानीय पुलिस अमला द्वारा उदासीनता बरती जा रही है। जिसे ना सिर्फ प्रदेश सरकार के नीति नियमों के विपरीत माना जा रहा है। अपितु जिला के सर्वोच्च अधिकारी अर्थात कलेक्टर के निर्देशों का भी खुला अवहेलना माना जा रहा है।
मामला तूल पकड़ने पर चंद दिनों के लिए हो जाता है बंद, उसके बाद पुनः प्रारंभ हो जाता है सुनहरी रेत का कारोबार।
जबकि सिंहपुर, बुढार और सोहागपुर थाना क्षेत्र अन्तर्गत लम्बे समय से सक्रिय रूप से चल रहे अवैध रेत कारोबार कि चर्चा नगर भर में लोगों के बीच जब चर्चा का केन्द्र बनता है, तब संबंधित जिम्मेदारों के आदेश पर चंद दिनों के लिए रेत माफियाओं द्वारा रेत कारोबार कि गति को धीमा कर लिया जाता है। वहीं कुछ ही दिनों बाद यह कारोबार शासन-प्रशासन के सभी दिशा-निर्देशों को शिथिल करते हुए वापस उसी रफ्तार के साथ गति पकड़ लेता है। वर्तमान दिनों में थाना क्षेत्र बुढार के ग्राम पंचायत लालपुर कि यथास्थिती यही कहानी बयां कर रही है।
रेत माफियाओं ने इन दिनों जहां अपने हौसले बुलंद कर रखे हैं वहीं प्रशासनिक अमला शांत होकर मूकदर्शक कि भूमिका निभाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। जिसकी चर्चा इन दिनों जिला मुख्यालय के क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन कारोबार जोर पकड़ने लगा है।