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एक तरफ शपथ ग्रहण समारोह आयोजित कार्यक्रम और आतंकवादी संगठन ने गोलियां चलाई।

 नई सरकार का पहला दिन, “मूड मोड़ए, ओले पड़े…”-(त्रिलोकीनाथ) 


भोपाल // नई सरकार 2024 के चुनाव के बाद प्रधानमंत्री के रूप में फिर से नरेंद्र मोदी ने शपथ ली है किंतु इस बार वह अपने मन की बात करने के लिए स्वतंत्र नहीं है। क्योंकि उनकी सरकार चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और नीतीश कुमार कि जेडीयू की बैसाखी पर टिकी है।

 नए कार्यकाल का सरकार का पहला दिन किसानों को उपहार देने के साथ चालू करने का दावा हुआ लेकिन अखबार बताते हैं की करीब एक साल से सांप्रदायिकता और जातिवाद की आग में जल रहा मणिपुर फिर से भभक उठा है। जिस प्रकार से मणिपुर में लगी आग में नरेंद्र मोदी सरकार ने आंखें बंद कर रखी थी आज मणिपुर के मुख्यमंत्री वीरेद्र सिंह के कॉफीले के ऊपर कांगपोकपी जिले में हमला करके मणिपुर ने एक बड़ा झटका केंद्र सरकार को दिया है।

 तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में धार्मिक और सांप्रदायिक विकसित हुए उन्माद ने जिले की बलोदा बाजार जिले में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के कार्यालय सहित अन्य कई शासकीय कार्यालय में हमला करके आग लगा दिया। इस बीच जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में हुए आतंकवादी हमले की जांच के लिए एन आई ए टीम ने अपनी जांच प्रारंभ कर दी है। 

इन सबसे पहली बार चिंतित दिखे भारतीय जनता पार्टी की पितृ संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मोदी सरकार को कहा है बयान बाजी छोड़कर राष्ट्र की समस्याओं पर ध्यान देने का काम करें, उन्होंने कहा है 1 वर्ष बाद भी मणिपुर में शांति स्थापित नहीं होना चिंता का कारण है। इसे सर्वोच्च प्राथमिक

ता में विचार किया जाना चाहिए। एक कदम आगे चलकर उन्होंने नागपुर में कहा, 10 वर्ष पहले मणिपुर में शांति थी पिछले 1 वर्ष से मणिपुर शांति स्थापित होने की प्रतीक्षा कर रहा है। अपने सख्त अंदाज की भाषा शैली में उन्होंने कहा चुनावी बयान बाजी से ऊपर उठकर राष्ट्र के सामने मौजूद समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत 

है.. उन्होंने यह भी कहा अशांति या तो भड़की या भड़काई गई लेकिन मणिपुर जल रहा है और लोग इसकी तपिश का सामना कर रहे हैं।

इस बीच नई सरकार ने अपने मंत्रालयों का बंटवारा कर दिया है मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को उनकी कृषि कर्मठता अवार्ड की योग्यता के नजर कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय सोंपा गया है।

हालांकि नई पद्मश्री अवार्ड प्राप्त कंगना को उसके किए की थप्पड़ खाने के बाद कोई मंत्रालय नहीं दिया गया है ,बड़बोली किंतु अपने मृत प्राय: मंत्रालय महिला बाल विकास के लिए चर्चित स्मृति ईरानी को मंत्री नहीं बनाया गया। उनकी जगह यह मंत्रालय अन्नपूर्णा देवी को सौंपा गया है। जबकि सहयोगी बैसाखी पर्टियों के नेताओं को मंत्रालय की औपचारिकता देकर जिम्मेदारी निभाने को कहा गया है।

 एक खबर यह भी है की दो प्रधानमंत्री पद के ताकत पाने वाले हसन जिले के पराजित बहुचर्चित ऐतिहासिक बलात्कार के आरोपी प्रज्वल रेवन्ना को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

 किंतु कांग्रेस प्रवक्ता ने पत्रकार वार्ता करके पश्चिम बंगाल में आरएसएस के एक कार्यकर्ता के हवाला देकर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवी पर जोरदार हमला किया है। जिसमें कहा गया है कि उन पर लगाए गए महिला यौन अत्याचार के मामले की जांच तत्काल की जाए। कांग्रेस ने कहा है क्या कारण है भाजपा के अंदर महिला यौन प्रताड़ना और अत्याचार करने वालों को महत्वपूर्ण पद देकर उनके कुक्रत्य को नजर अंदाज किया जाता है…? उन्होंने बनारस के आईटी सेल के बलात्कारियों ,पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह और अन्य लोगों का नाम लेकर देश की आधी आबादी पर अत्याचार की चिंता व्यक्त की। इस तरह नई सरकार का पहला दिन “मूढ़ मुड़ाया, ओले पड़े..”

 जैसे हालात पर गुजरा।

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