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रेत के अवैध उत्खनन कारोबार में माफिया राज ने पटवारी की छीन ली जिंदगी, ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर सुला दिये मौत की नींद, अफसरों की लापरवाही आई सामने। बिना सुरक्षा पटवारियों के टीम क्यों भेजा गया घाट? सूत्र बताते हैं एक नायब तहसीलदार लगातार पटवारियों की टीम भेज रहे थे घाट। सख्त कार्यवाही चाहते थे या कुछ और वजह थी। प्राइवेट वाहन को लेकर भी जांच होनी चाहिए।

माफिया राज पटवारी को ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या करने के मामले में अफसरों की लापरवाही आ रही सामने। 

बिना सुरक्षा पटवारियों के टीम क्यों भेजा गया था अवैध रेत उत्खनन घाट? 

सूत्र बताते हैं एक नायब तहसीलदार लगातार पटवारियों की टीम भेज रहे थे घाट। 

सतना से लेकर सीधी रीवा की हर गतिविधियों के जानकर थे।

शायद सख्त कार्यवाही चाहते थे या कुछ और वजह थी। 

 प्राइवेट वाहन को लेकर भी जांच का चर्चा। 

इन सभी बिंदुओं पर भी जांच होनी चाहिए।


रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत जिला प्रशासन में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन कारोबार को लेकर विभाग के संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है देवलोंद प्रकरण में एक पटवारी की हत्या, के बाद शहडोल पुलिस द्वारा किया गया अवैध रेत उत्खनन क्षेत्र का जांच।

बीते 25 नवंबर को थाना देवलोंद अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में आरोपी द्वारा प्रशासनिक अमले पर जानलेवा हमला कर एक पटवारी की हत्या कर दी गई थी।

घटना की संवेदन शीलता एवं क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए एसडीओपी ब्यौहारी क्षेत्र के नेतृत्व में ग्राम गोपालपुर, सुखाड़, बुढ़वा आदि जगहों पर शासन के नियम अनुसार अवैध रेत उत्खनन कारोबार क्षेत्र में भ्रमण कर जांच अगर उक्त क्षेत्रों में पहले से कार्रवाई किया जाता तो उस एक पटवारी की हत्या नही होती? 

पटवारी की जान बच सकती थी।

अब प्रश्न यह उठता है साथ में आमजन मानस में चर्चा भी है कि देवलोंद थाना प्रभारी या बीट क्षेत्र प्रभारी पुलिस द्वारा रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन क्षेत्र में पटवारियों के साथ एक भी पुलिस बल क्यों नही भेजा गया।

संबंधित पुलिस प्रशासन की भूमिका संदिग्ध तो नही है।?

पटवारी के मौत का उच्च स्तरीय जांच हो तो सच्चाई सामने निश्चित निकल सकती है।

जिला प्रशासन में कानून व्यवस्था हो रहा ठप्प और कब से होगा जांच।

जिला प्रशासन में कानून व्यवस्था ठप्प होते नजर आ रहा है, खुलेआम जिला अंतर्गत क्षेत्र में अवैध कारोबार चरम सीमा पर है। जुआं, सट्टा, नशीली दवाइयां, गांजा तस्करी इन पर आखिर क्यों नहीं हो रहा कार्यवाही कब कमर कसेगी पुलिस प्रशासन अवैध कारोबारियों के खिलाफ।?

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