Top News

मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा 2001 बैच के अधिकारी सुरेंद्र कुमार कथूरिया को बर्खास्त कर दिया गया है, 5 वर्ष की सजा के साथ एक लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया।।

मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा में पदस्थ 2001 बैच के अधिकारी सुरेंद्र कुमार कथूरिया को बर्खास्त किया गया।

डॉक्टर दंपति ने दर्ज कराई थी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय रीवा।

न्यायालय ने राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी को सुनाई सजा जुर्माने के साथ।


रिपब्लिक न्यूज।।

भोपाल // मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथों हुए थे गिरफ्तार लोकायुक्त रीवा टीम के द्वारा, जिनको जांच में दोषी पाते हुए न्यायालय के द्वारा सजाई और जुर्माना दोनों से दंडित किया गया जबकि इससे पहले विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के द्वारा कथूरिया को धारा 7 धारा 13 (1) बी सहपठित धारा 13 (2) के तहत अपराधी घोषित करते हुए दंडित किया गया था। सुरेंद्र कुमार को 5 वर्ष का जेल और रुपए 100000 का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। 

उल्लेख करना अनिवार्य है कि सुरेंद्र कुमार कथुरिया को उज्जैन सिंहस्थ 2016 में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई थी। उज्जैन सिंहस्थ 2016 की समाप्ति पर तत्कालीन प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सुरेंद्र कुमार को सम्मानित करते हुए उनकी खूब प्रशंसा की गई थी।

सतना नगर निगम में रिश्वतखोरी की घटना का विवरण।

मामला सन 2017 का है सुरेंद्र कुमार कथूरिया सतना नगर निगम के कमिश्नर थे। सतना नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर राजकुमार अग्रवाल और उनकी पत्नी डॉक्टर सुचित्रा अग्रवाल ने नगर निगम से बिल्डिंग परमिशन लिए बिना तीसरी मंजिल का निर्माण कर लिया था। नगर निगम कमिश्नर ने रिश्वत में डाक्टर दंपति से 40 लख रुपए नगद, 10 लाख रुपए मूल्य के सोने के आभूषण और एक सोने का मेंढक की मांग की थी। जिसमें नहीं देने पर सतना नर्सिंग होम की तीसरी मंजिल तोड़ने की धमकी दिया गया था। 

एसपी लोकायुक्त रीवा को शिकायत करते हुए डॉक्टर दंपति ने बताया कि उनके पास इतना पैसा नहीं है। वह रिश्वत नहीं दे सकते। उनकी शिकायत का सत्यापन करने के बाद दिनांक 26 जून 2017 को। सुरेंद्र कुमार कथूरिया को उनके सरकारी आवास पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया और सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। 

छापामार कार्यवाही DSP और उनके टीम के द्वारा कार्यवाही की गई थी और प्रदेश के प्रशासनिक सेवा अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार करते हुए उनके ऊपर कार्यवाही किया गया और मामला दर्ज करते हुए न्यायालय में पेश कर दिया गया जहां पर सुरेंद्र कुमार कथुरिया को सजा के साथ-साथ ₹100000 की राशि का जुर्माना की सजा सुनाई गई।

Previous Post Next Post