ग्राम पंचायत के अंतर्गत हायर सेकेंडरी विधालय परिसर क्षेत्र का कराया जा रहा बाउंड्री वॉल निर्माण।
डिप्टी रेंजर के मिली भगत से जंगल विभाग क्षेत्र से रेत का किया जा रहा कालाबाजारी।
रिपब्लिक न्यूज। शहडोल // मुख्यालय के जनपद पंचायत जयसिंह नगर के क्षेत्रों में हो रहे निर्माण कार्यों कि कौन कर रहा निगरानी और देख रेख किसके सह पर हो रहा घटिया मटेरियल से निर्माण।दुनियाभर में कई ऐसे कारनामे लोगों की नजरों में आ जाते हैं, जो सोशल मीडिया के ट्रेंडिंग में शामिल हो जाते हैं।
कभी किसी की कलाकारी ट्रेंड करने लगती है तो कभी किसी की अजीब हरकत लोगों का ध्यान खींच लेती है।
ऐसा ही एक मामला प्रदेश के शहडोल जिला से आ रहा है जहां के कारीगरों ने ऐसा सोकता नाडेप लीच पिट बनाया कि आप देखकर दंग रह जाएंगे इस की तस्वीर देख सोशल मीडिया पर लोग खूब हंस रहे होंगे इस अजीबो गरीब तरीके से निर्माण कार्य को देखकर आप भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे।
जिला के जनपद पंचायत जयसिंहनगर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत चितरॉव के शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय परिसर क्षेत्र बाउंड्री वाल का निर्माण ऐसे घटिया मटेरियल से किया जा रहा जोकि हाथ से दबाने पर ईट दब कर टूट जा रहा है और वही जो रेत और गिट्टी रखी है इसकी जांच किया जाए तो इससे घटिया मटेरियल जो आज तक किसी भी ग्राम पंचायत निर्माण कार्य पर उपयोग नहीं किया गया होगा।
स्थानीय विशेष सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी शासकीय विद्यालय परिसर क्षेत्र बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य में सरपंच सचिव के साथ-साथ संबंधित विभाग और क्षेत्र उपयंत्री की मिली भगत भी शामिल है।
निर्माण कार्य क्षेत्र से संबंधित उपयंत्री और सचिव, सरपंच, रोजगार सहायक सभी शासकीय कर्मचारी अनुपस्थित रहते हैं। और इस बाउंड्री वॉल निर्माण जंगल के क्षेत्र से रेत चोरी कर यह निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें संबंधित जंगल विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत भी शामिल हैं।
मुख्यालय शहडोल क्षेत्र अंतर्गत भारत सरकार ने शौचालय उपयोग के लिए कई तैयारियां की इसके लिए जरूरतमंद परिवार को शौचालय बनाने के लिए सरकार की तरफ से भी मदद दी गई, लेकिन प्रदेश में जिला के कई ग्राम पंचायत के गांव में सरपंच सचिव के कारीगरों ने ऐसा शौचालय निर्माण कराया है, जिसे शायद ही कोई इस्तेमाल करना चाहेगा सोशल मीडिया के यूजर्स इस तरह के टॉयलेट का डिजाइन देखकर अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं।
सरपंच सचिव रोजगार सहायक सचिव के कारीगरों ने एक ही नाडेप में दो दीवार बना कर साइन बोर्ड लगाई है, उनके बीच कोई दीवार भी नहीं है. सोखता लीच पिट बनने के कुछ देर बाद ही उसकी सीमेंट से अलग हो गई।
इस अजीबोगरीब निर्माण कार्य का स्थान भी गायब है इसके निर्माण की लागत सुनकर सभी के होश उड़ गए किसी भी व्यक्ति के लिए इस बात पर यकीन करना आसान नहीं था कि इसे बनाने में बीस हजार और पन्द्रह हजार रुपए खर्च किए गए हैं।
क्या यह बात से जिला प्रशासन के उच्च या संबंधित विभाग में पदस्थ अधिकारी अंजान हैं।
बिना नए निर्माण के इस सार्वजनिक स्थानों पर नाडेप सोकता लीच पिट का निर्माण करने वाले अधिकारियों से क्या जिला प्रशासन ने रिपोर्ट मांगा है।
जिला पंचायत राज्य में अधिकारी के बिना मामले की जांच किए। नए निर्माण कार्यों की फोटोग्राफी के भुगतान नहीं किया जाता फिर कैसे पुराने निर्माण कार्यों का भुगतान नए निर्माण कार्यों के नाम पर सभी निर्माण कार्यों के भुगतान किया जा रहे है। वहीं प्रशासन और जिलाधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में देखरेख क्यों नहीं की जा रही है भ्रष्टाचारी रोजगार सहायक, सचिव, और संबंधित उपयंत्री पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रहा क्या मेहरबान है जनपद सीईओ।
जनपद पंचायत ग्राम पंचायत रोजगार सहायक द्वारा अपात्र हितग्राहियों को पात्र बना लाभ दिया अनगिनत लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया सारे एविडेंस होने के बाद ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद भी जनपद संबंधित अधिकारी द्वारा एक बार फिर भ्रष्टाचार करने वाले रोजगार सहायक को भ्रष्टाचार करने अपात्रों को पात्र बना कर प्रधानमंत्री आवास से लेकर सरकारी योजनाओं का भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने वाले रोजगार सहायक सचिव संबंधित उपयंत्री को माफ किया जा रहा है अब तक क्यो नही की गई कार्यवाही क्यो मेहरबान है। सीईओ कई बार रोजगार सहायक, सचिव और संबंधित उपयंत्री के ऊपर प्रधानमंत्री आवास योजना के एवज में ग्रामीणों से पैसे लेने देने को लेकर आरोप लगते आए हैं इसके बाद भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई न करना शायद भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है।

