Top News

फंड का फंडा फर्जी भुगतान दिखाकर धीरेन्द्र लक्ष्मण एनजीओ के आंड में खा रहे प्रीति मलाई

 शिक्षा समिति के नाम रजिस्टर्ड एन जी ओ ।

एन जी ओ के डायरेक्टर बैठा भोपाल कार्यालय  ।

शासन के करोड़ों रुपए पैसों का दूरूपयोग निजी स्वार्थ में उपयोग।


काम दिलाने के नाम पर लीपापोती कर दस-दस हजार रूपए संस्था के संचालक ने लिया एडवांस राशि।

शासन के नाम पर जमा कराया गया था राशि।

शहडोल //  मुख्यालय अंतर्गत जनपद पंचायत विकासखंड बुढार, सोहागपुर , गोहपारू जयसिंह नगर और व्यौहारी क्षेत्र में संचालित आदिवासी विकास कार्यों पर खर्च के नाम से विवेकानंद शिक्षा समिति एनजीओ के मास्टर माइंड धीरेन्द्र कुशवाहा नामक व्यक्ति ने शहडोल जिले के बहुचर्चित जनपद पंचायत विकासखंड जयसिंह नगर क्षेत्र पर शासन से स्वीकृत सहायता राशि का दुरुपयोग कर शासन से नियुक्त अधिकारी जिला कोर्डिनेटर  एनएचएम के मिलीभगत से करोड़ों रुपए का हेर-फेर किया गया है। 

 पूर्व से ही शासकीय कर्मचारियों के मिलीभगत से संस्था को प्राप्त दवाईयां भी बेची जा रही है। 

कोरे कागजों पर संचालित होता है प्रशिक्षण कार्यशाला अशासकीय अनुदान प्राप्त संस्था विवेकानंद शिक्षा समिति एन जी ओ के संचालक द्वारा उस राशि का शासन से नियुक्त अधिकारी प्रीति सिंह एन एच एम के मिलीभगत से करोड़ों रुपए खर्च दिखा कर किया जाता है गबन।

विवेकानंद शिक्षा समिति एनजीओ के कार्यभार देखने के लिए जिला अधिकारी हैं प्रीति सिंह एनएचएम। प्रशिक्षण कार्यों के लिए किराया के कमरों का एनजीओ के संचालक धीरेंद्र कुशवाहा के द्वारा उस राशि का भी गबन किया गया शासन से नियुक्त अधिकारी के मिलीभगत से अनुदान प्राप्त राशि का भी गबन किया गया है।

फर्जी उपस्थिति दिखाकर वेतन राशि निकाले लगभग 42लाख रूपए।

एन जी ओ के डायरेक्टर धीरेन्द्र कुशवाहा और जिले में पदस्थ एन जी ओ के द्वारा नियुक्त पीसी लक्ष्मण कुशवाहा शासन से नियुक्त शासकीय कर्मचारी एन एच एम प्रीति सिंह के मिलीभगत से आशा कार्यकर्ताओं और शाथियों के नाम से ट्रेनिंग के नाम पर फर्जी उपस्थिति दर्ज कर उनके नामों की भी राशि निकाले गए।

60 लाख रुपए की खरीदी गई सामग्री।

एनजीओ के द्वारा लगभग 60 लाख रुपए कीमत कि फर्जी सामग्री ख़रीदीं गई है जिसमें छाता टोपी टी-शर्ट लोबर, और हाफ जैकेट से लेकर खेल सामग्री भी खरीदी गई है ।

Previous Post Next Post