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पूर्व जांच कामेटी ने भ्रमित कर अधिकारियों को भेजी गलत जानकारियां

 फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई वर्षाे से शासन की जमीन में चला रहे आदिवासी क्षेत्रों में अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति संचालक शिव प्रसाद पांडे। 


शहडोल / सरकार किसी का भी हो लेकिन आज भी शासन भले ही शिक्षा को सुगम बनाने के लिए भरसक प्रयास कर रही हो पर शिक्षा माफियाओं के द्वारा सरकार को ही करोड़ों रुपए का चूना लगाकर इस योजना को पलीता लगाया जा रहा है। इसी प्रकार फर्जी दस्तावेज तैयार कर 1994 से बिना बिल्डिंग के दो विधालय के छात्रावास क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं। 

इसकी कई बार शिकायत भी हुई परंतु पैसों के बलबूते पर इसको दबा दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शहडोल जिला अंतर्गत विकास खंड जनपद पंचायत जयसिंह नगर क्षेत्र सीधी में शासकीय खसरा नंबर  की भूमि पर अनेक शिक्षा परिसर समितियों के नाम रजिस्टर्ड है और बिना भवनों के इन समितियों द्वारा बिना किसी एनआरएस विधालय और छात्रावास के नाम से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति का संचालन करके शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं इन सभी विद्यालयों के द्वारा छात्रवृत्ति में भी करोड़ों रुपए का घोटाला होने की संभावना है। जिसका भी जल्द खुलासा किया जाएगा और अधिकारियों के मिलीभगत से संस्था को किए जा रहे फर्जी भुगतान को भी शासन से जांच कराया जाएंगे। जिससे भ्रष्टाचार दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही किया जाए और एफ आई आर दर्ज किया जाए ।

पूर्व जांच कमेटी टीम के अधिकारियों ने गलत जानकारी के साथ फर्जी दस्तावेज भी तैयार की है।

8 करोड़ 32 लाख ₹91309 रुपए के फर्जी भुगतान में पूर्व जांच कमेटी के द्वारा गलत जानकारी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर कलेक्टर और सहायक आयुक्त को गुमराह कर भोपाल कार्यालय और लोकायुक्त भोपाल कार्यालय को भेजी गलत जानकारी जबकि जांच कामेटी के द्वारा किसी भी तरह से कोई भी दस्तावेज पांडे शिक्षा समिति के द्वारा भेजी गई जानकारी भुगतान सदस्यों के नाम भुगतान पत्रक संलग्न कर नहीं भेजा भोपाल जानकारी कार्यरत कर्मचारियों की सूची किए गए पांचवें वेतनमान एरियर राशि का भुगतान खाता संख्या उनके आधार कार्ड नम्बर और उनके बैंक खातों की डिटेल भेजे गए जानकारियों में संलग्न नहीं किया फिर कैसे भेज दी जानकारी पूर्व जांच कमेटी शहडोल।

 पूर्व जांच कमेटी के अधिकारी एम एल महोबिया आर एम सिंह जिला कोषालय अधिकारी शहडोल यह दोनों जिले के पूर्व  जांच टीम के अधिकारी जिन्होंने कलेक्टर और सहायक आयुक्त को गुमराह कर गलत जानकारी भेजी है पूर्व सहायक आयुक्त मंडल क्षेत्र संयोजक एमएस अंसारी को दे दी क्लीनचिट अब ऐसा क्यों किया है। पूर्व जांच अधिकारियों ने यह तो समय ही बताएगा क्या इनकी मिलीभगत हुई है शामिल करोड़ों रुपए के फर्जी भुगतान में पांचवें वेतनमान एरियर राशि के भुगतान पत्रक अनुसार।

लोकायुक्त भोपाल कार्यालय में भी भेजा गया करोड़ों रुपए फर्जी भुगतान की जानकारी।

लोकायुक्त भोपाल कार्यालय से भेजा गया जांच आदेश अभी तक जांच पूरा नहीं हुआ संबंधित शिकायतकर्ता आशीष चतुर्वेदी जयसिंह नगर जिला शहडोल निवासी का भी बयान लेना अभी बाकी है।

लोकायुक्त जांचकर्ता टीम शहडोल के अधिकारी अपर कलेक्टर आईएएस अर्पित वर्मा जी 04/ 04/ 2022 दिनांक तक छुट्टी पर है फिर किसके जांच की कॉपी भेजा गया भोपाल करोड़ों रुपए के फर्जी भुगतान की जानकारी/

गलत जानकारी भेज कर बटी गई मिठाई और मनाई गई पार्टी। 

दोषियों से कराई गई जांच फर्जी भुगतान की राशि का 

शासन से प्राप्त अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति को अंशदान कि राशि का भुगतान किया गया बिना सीपीएफ खातों के।

भुगतान अधिकारी पूर्व सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग शहडोल क्षेत्र संयोजक एमएस अंसारी जिसने अपने कमीशन हिस्से की राशि अपने क्षेत्र में संचालित आदिवासी कन्या छात्रावास अधीक्षिका जानकी परस्ते के बैंक खाते में जमा किया गया फर्जी भुगतान राशि।

विशेष विभागीय सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी।

 गौर नामक व्यक्ति को भेंट किया गया सफेद पोशाक में गुलाबी कली मामला को रफा-दफा करने के लिए। अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे और मैनेजमेंट में डिग्री प्राप्त के साथ कैरियर बनाने वाले अधिकारी ने भोपाल में एक साथ कई ऐसे भ्रष्टाचार अधिकारियों से बातचीत कर मामला को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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