शहडोल - फर्जी भुगतान का सिलसिला अभी भी जारी है 32 की संख्या और 82 कि संख्या को वेतन का भुगतान। जयसिंहनगर जनपद पंचायत विकास खंड में अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के अशासकीय कार्यरत कर्मचारियों को 32 कार्यरत शिक्षक कर्मचारियों की जगह पर लगभग 82 कर्मचारियों के खातों पर भुगतान हो रहा है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय और जिला कोषालय अधिकारी शहडोल के मिलीभगत से। जिला अंतर्गत अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संस्था पर लगभग 32 कर्मचारी पदस्थ है लेकिन भुगतान का सिलसिला आज भी 82 कर्मचारियों के खातों पर हो रहा है । लगभग 50 कर्मचारियों की सूची कहीं भी उपलब्ध नहीं हो रहा है ना जिला कोषालय अधिकारी के पास और ना ही सहायक आयुक्त कार्यालय शहडोल के पास है।फिर किसकी मिलीभगत से किया जा रहा शासन के पैसे का दुरुपयोग कौन-कौन है शामिल कितने लोगों के खातों पर आता है कमीशन की राशि जबकि संस्था पर कार्यरत कर्मचारियों की संख्या 32 है फिर बिना जांच कर क्यों भुगतान कर रहे हैं सहायक आयुक्त और जिला कोषालय अधिकारी शहडोल।
अंसारी जी का आलीशान कम्पलेक्स परिसर का निर्माण
बहुचर्चित भ्रष्टाचार अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति जयसिंह नगर के कार्यरत कर्मचारियों के पांचवें वेतनमान एरियर राशि के भुगतान में किए गए फर्जी तरीके से नियम विरुद्ध भुगतान के भ्रष्टाचार अधिकारी पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त क्षेत्र संयोजक कर रहे आलीशान कम्पलेक्स निर्माण कोटमा तिराहा के पास चार हजार वर्ग फिट के जमीन पर कम्पलेक्स परिसर का कराया जा रहा निर्माण।लोकायुक्त जांच प्रकरण अभी भी बरकरार जांच अधिकारी संदेह के घेरे में
लोकायुक्त भोपाल से जांच आदेश पत्र सहायक आयुक्त कार्यालय शहडोल के शाखाओं में दफन होते नजर आ रहा है । क्योंकि सहायक आयुक्त के साथ लोकायुक्त दोषी अधिकारी घूमते नजर आ रहे हैं प्रभारी मंत्री के आदेश पत्र के बाद कलेक्टर के जांच कमेटी गठित कर जांच करने वाले अधिकारियों के नाम से प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर को जांच आदेश पत्र शिकायत करता के द्वारा प्रेषित किया गया है फिर भी आज महीनों बीत जाने के बाद भी लोकायुक्त की जांच में हो रहा लीपापोती।
अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे जोकि कल करीबन सहायक आयुक्त और जिला कोषालय अधिकारी के साथ मिलकर करीबन 3 घंटा चर्चा के उपरांत जांच अधिकारी तो नहीं पड़ गए ढीले । क्योंकि गाड़ी से निकाली गई सूटकेस जिला कोषालय अधिकारी कार्यालय से वापस गाड़ी में नहीं आया शिव प्रसाद पांडे और उसके गुर्गे ही करीबन 3 घंटा के उपरांत बाहर निकल कर आए लेकिन उनके साथ ले गया सूटकेस वापस नहीं आया विशेष सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी।