शहडोल = जयसिंह नगर जनपद पंचायत विकास खंड क्षेत्र में संचालित बहुचर्चित भ्रष्टाचार के मामले में उजागर संस्था अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था आदिवासी बहुमूल्य क्षेत्र पर संचालित पांडे शिक्षा समिति संस्था सन् 1994 से अनुदान प्राप्त संस्था है इस संस्था पर किसी भी कार्यरत कर्मचारियों की नियुक्ति शासन के बिना अनुमति आदेश के नहीं किया जा सकता और ना ही किसी प्रकार से संस्था पर कार्यरत कर्मचारियों को बिना शासन के अनुमति आदेश से हटाया जा सकता है। लेकिन संस्था संचालक कार्यरत कर्मचारियों के वेतन का पैसा हड़पने वाला संचालक शिव प्रसाद पांडे अपने इस राज्य पर जंगलराज चला रहा है। आदिवासी बहुमूल्य क्षेत्र होने के कारण रीवा विरासत की हुकूमत जारी है शिव प्रसाद पांडे के राज्य में। जबकि इस संस्था पर अतिथि शिक्षकों का मनमानी तरीके से भर्ती नहीं किया जा सकता है। लेकिन पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे ने मनमानी करते हुए अतिथि शिक्षकों की बिना शासन के गाइडलाइन नियम विरुद्ध अतिथि शिक्षकों की भर्ती किया और शिक्षकों की भर्ती में किसी प्रकार का शासन के नियमों का पालन नहीं किया।
संस्था संचालक शिव प्रसाद पांडे का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार सन् 1994 से लेकर आज तक किसी भी बैंकों पर कर्मचारियों के सीपीएफ का खाता नहीं खोला और सीपीएफ के पैसा संस्था के खाते में भुगतान करवाया जा रहा है। आज तक किसी भी कार्यरत कर्मचारियों के खाते में नहीं हुआ किसी भी प्रकार से अनुदान की राशि जमा और नहीं खोला गया आज तक सीपीएफ खाता सन् 1994 से सन् 2016 तक किसी भी कार्यरत कर्मचारियों के सीपीएफ खाता संस्था के द्वारा नहीं खोला गया फिर कैसे उस राशि का शासन से भुगतान हो रहा है पांडे शिक्षा समिति संस्था के खातों पर ।
सन् 2016 से लेकर अभी तक जो कार्यरत कर्मचारी हैं उनके भी सीपीएफ खाता नहीं खुला फिर भी शासन से पांडे शिक्षा समिति को अंशदान की राशि बिना सीपीएफ खातों के पांडे शिक्षा समिति संस्था के खातों पर भेजा जा रहा है। कौन-कौन है इस भ्रष्टाचार भुगतान में शामिल किस अधिकारी के द्वारा बिना जांच किए । किया जा रहा है शासन के पैसे का दुरुपयोग और क्यों हो रहा है बिना सीपीएफ खातों के भुगतान कार्यरत कर्मचारियों के नाम । जबकि पांडे शिक्षा समिति में जयसिंह नगर क्षेत्र पर कार्यरत कर्मचारी लगभग 32 की संख्या फिर भी 87 के संख्या के शिक्षकों के खातों में भुगतान किया जा रहा है।
अभी लोकायुक्त से जांच आदेश पत्र रुका कलेक्टर कार्यालय में जो की पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त क्षेत्र संयोजक एमएस अंसारी थर्ड ग्रेड बाबू के द्वारा किया गया पांचवें वेतनमान एरियर राशि का कर्मचारियों के भुगतान की राशि 8 करोड़ 32 लाख 91 हजार के फर्जी भुगतान का जांच जिसमें शामिल भूषण और महोबिया शाखा बाबू और कोषालय अधिकारी की मिलीभगत संभवता है ॽ। क्योंकि जिला कोषालय अधिकारी ने नहीं काटा इन्कमटैक्स शासन को प्राप्त होने वाला इन्कमटैक्स की राशि और बिना सीपीएफ खातों के कर्मचारियों का किया भुगतान पांचवें वेतनमान एरियर राशि की।
जबकि भुगतान किया गया राशि शासन के द्वारा खातों पर 8 करोड़ 34 लाख रुपए लगभग दर्ज है लेकिन पूर्व सहायक आयुक्त और जिला कोषालय अधिकारी के द्वारा जानकारी 8 करोड़ 32 लाख ₹91000 रुपए ही दर्शाया गया अभी और कितने करोड़ का फर्जी भुगतान हुआ जिला कोषालय अधिकारी के द्वारा बाकी है।
अभी भी जारी है 60.000 हजार रुपए का फर्जी भुगतान।
ऐसा कौन सा सेटिंग बैठाया पांडे शिक्षा समिति के संचालक ने जो अभी भी प्रत्येक माह सहायक आयुक्त और जिला कोषालय अधिकारी की मिलीभगत से लगभग 60.000 हजार रुपए की राशि प्रत्येक माह शिव प्रसाद पांडे संचालक अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति जयसिंह नगर क्षेत्र संस्था के खातों पर भुगतान हो रहा है।
विशेष सूत्रों अनुसार जब से लोकायुक्त का जांच आदेश पत्र कलेक्टर कार्यालय शहडोल पहुंचा जब से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे शहडोल के निवासी बने हुए हैं।