शहडोल- लोकायुक्त की जांच टीम ने मारा छापा किए गए फर्जी भुगतान के दस्तावेजों को किया जप्त सहायक आयुक्त कार्यालय।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय शहडोल जिला कोषालय अधिकारी के मिलीभगत से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संस्था को किया लगभग 6 करोड रुपए का फर्जी भुगतान कार्यरत कर्मचारियों के पांचवें वेतनमान एरियर राशि के रुपए।
पांडे शिक्षा समिति के संस्था के 2 खातों में किए गए भुगतान पांचवें वेतनमान एरियर राशि के रुपए जो कार्यरत कर्मचारियों के बैंक खातों में करना था अंशदान की राशि समेत कार्यरत कर्मचारियों के खातों में भुगतान लेकिन संस्था संचालक शिव प्रसाद पांडे शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त क्षेत्र संयोजक एमएस अंसारी और जिला कोषालय अधिकारी के साथ कार्यालयों में 20 वर्षों से एक ही शाखा स्थान पर पूर्व में पदस्थ रहते हुऐ भूषण बाबू ,मराबी, महोबिया की मिलीभगत से कार्यरत कर्मचारियों को छोड़ संस्था के 2 खातों में किया गया भुगतान।
भोपाल लोकायुक्त जांच आदेश पत्र के अनुसार शहडोल लोकायुक्त जांच टीम सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय शहडोल और अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संस्थाओं पर छापा मारते ही पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे रीवा वाले ने अपने पावर का इस्तेमाल करते हुए । भोपाल में बैठे रिश्तेदार आयुक्त मिश्रा आईएएस अधिकारी और पूर्व कलेक्टर के साथ मिलकर भोपाल के कई सचिवों और मंत्रालय के बाबू के साथ मिलकर लोकायुक्त जांच टीम शहडोल के ऊपर दबाव बनाने के लिए भोपाल से सीधे शहडोल के लिए रुक अपनाया शिव प्रसाद पांडे संचालक अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति कलेक्ट्रेट परिसर शहडोल के अंदर आते ही जिला कोषालय अधिकारी कार्यालय के सामने सिल्वर और लाल कलर की एक्सयूवी महिंद्रा की गाड़ी खड़ी हुई और शिव प्रसाद पांडे साथी गर्ग और संस्था के दो कर्मचारियों के साथ दो बैग साथ अंदर गए और एक जिला कोषालय अधिकारी के यहां और दूसरा सहायक आयुक्त कार्यालय एमएस अंसारी महोबिया भूषण बाबू मराबी के साथ बैठक कर घंटों चलता रहा बातचीत लेकिन बातचीत का निष्कर्ष निकालने के लिए जिले के बहुचर्चित डिग्री प्राप्त मैनेजमेंट अधिकारी के यहां पहुंच कर डाइट परिसर के पीछे जाकर गाड़ी खड़ी हुई वहीं से बैग अंदर कार्यालय से बाहर नहीं आई लगभग 1 घंटे तक चली आपसी बातचीत कुछ देर बाद शिव प्रसाद पांडे और साथी गर्ग खाली हाथ लौटकर कार्यालय से निकल कर आए ।
अब मैनेजमेंट अधिकारी घूम रहे हैं कलेक्टर कार्यालय के ऑफिस के आगे पीछे ।
अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक रीवा से शहडोल की निवासी हो गए पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त क्षेत्र संयोजक एमएस अंसारी के निवास पर कभी रुकते तो कभी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी महोबिया के महल पर अब देखना है कौन होता है किस पर भारी मैनेजमेंट अधिकारी होंगे कामयाब अपने भ्रष्टाचार को बढ़ाने के लिए या लोगों की आस जिन पर लोकायुक्त की टीम शहडोल करेगी न्यायिक जांच और दोषियों को दिलवाएं गे सजा और कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा उनका मेहनताना उनके खून पसीने की कमाई और शासन से प्राप्त अंशदान की राशि उनके खातों में होगा भुगतान।
पांडे अधिकारी और पांडे शिक्षा माफिया के मिलीभगत से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति को क्लीन चिट मिल सकता है विशेष विभागीय अधिकारी सूत्र।
शिकायतकर्ता आशीष चतुर्वेदी निवासी जयसिंह नगर ने बताया अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं न्यायालय का दरवाजा खटखटा लूंगा यहां से जबलपुर और दिल्ली तक रास्ता नाप लूंगा जब तक भ्रष्टाचार अधिकारियों के ऊपर कार्यवाही नहीं होती मैं नहीं रुकूंगा।
अंसारी का चौथा फर्जी कारनामा।
विशेष विभागीय अधिकारी सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी क्षेत्र संयोजक पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त एमएस अंसारी का चौथा भाग कैसे और किसने किया सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय शहडोल में पदस्थ जबकि शासन के आदेश अनुसार क्षेत्र संयोजक का पद ही कार्यालय में स्वीकृत नहीं है फिर बिना किसी अनुमति शासन के द्वारा भेजे गए आदेश पत्र बिना कैसे पदस्थ हैं क्षेत्र संयोजक अगले अंक में प्रकाशित होगा करोड़ों रुपए की जमीन अंसारी के नाम पर दर्ज कहा है।