मुख्यालय शहडोल शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए संबंधित विभाग अधिकारी। जिले में संबंधित अधिकारी और विकास खंड शिक्षा अधिकारी । शासन के द्वारा किए गए विकास कार्यों पर सही का मोहर लगाने के लिए शासन के आदेश अनुसार ऑनलाइन पेमेंट करने का नियम बनाया गया जिससे होने वाले फर्जी भुगतान और भ्रष्टाचार पर रोक लगाया जा सके । लेकिन भ्रष्टाचार अधिकारियों के ऊपर इस नियम पर पेमेंट करने से जैसे गाज गिरने का काम हो गया हो। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए विकास खंड शिक्षा अधिकारियों और विकास खंड छात्रावास प्रभारियों के आंखों से पानी गिरने लगा । जबकि शासन के आदेश पर ऑनलाइन पेमेंट किया जाएगा सभी छात्रावासों और आश्रमों के आकस्मिक व्यय और अनुरक्षण एवं मरम्मत कार्य के राशि पर किए गए भुगतान। इसमें जो राशि खर्च हो रहा है । इन राशियों के बिलों को सिर्फ जिला सहायक आयुक्त के द्वारा जांच कर पास करेंगे और भोपाल के पोर्टल पर स्कैन कर सभी बिलों को सबमिट करना होगा । जिसमे विकास खंड शिक्षा अधिकारी और छात्रावास प्रभारी का किसी प्रकार से अधिकार नहीं है। विकास खंड शिक्षा अधिकारी और छात्रावास प्रभारी को शासन से आदेश है छात्रावासों पर आप लोग निगरानी रखें और वहां पर जो कार्य है । उन कार्यो को सही कराते हुए दिशा निर्देश करेंगे। लेकिन इस बात से हैरान हैं विकास खंड शिक्षा अधिकारी और छात्रावास प्रभारी । इसलिए छात्रावास और आश्रम अधीक्षकों के ऊपर दबाव बनाते हुए मौखिक आदेश पर जो सिस्टम के दुकान है । वहां पर से सामान लेकर आना है । और जो छात्रावास अधीक्षक इनके मौखिक आदेश को नहीं माने तो उन सभी अधीक्षकों को कई प्रकार से परेशान किया जा रहा है । विशेष सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार शासन से जो राशि छात्रावासों के खर्च के लिए आया है। उन राशियों का सामान हमारे द्वारा बताए गए जगह से ही लेना है । यह आदेश है संबंधित अधिकारियों का चाहे जिले पर हो या विकासखंड क्षेत्रों पर खरीदना वहीं से होगा। जो है अधिकारियों के दुकान। अगले अंक में प्रकाशित किस अधिकारी का कौन सा है दुकान जहां से लेना है सामान।