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तीनों बाबूलालो के मिली भगत से रुका प्रभारी मंत्री का जांच आदेश पत्र


मुख्यालय = शहडोल प्रभारी मंत्री ने दिए जांच का आदेश बहुचर्चित भ्रष्टाचार फर्जी भुगतान की आवंटित किए गए राशि आठ करोड़ बत्तीस लाख इक्यानवे हजार तीन सौ नौ रूपये मात्र का जो सहायक आयुक्त कार्यालय शहडोल से किया गया फर्जी  भुगतान पांचवें वेतनमान एरियर्स कि राशि स्वीकृत हुआ था अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पान्डे शिक्षा समिति विकासखंड जयसिंहनगर जिला शहडोल । में कार्यरत कर्मचारियों के 15 वर्ष किए हुए कार्य का होना था पांचवें वेतनमान एरियर्स राशि का  भुगतान लगभग 115 शिक्षकों कि है संख्या । संस्था प्रमुख शिव प्रसाद पांडे ने अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति को हुआ भुगतान कि राशि  जो स्वीकृत हुआ उस राशि को अपने ही रिश्तेदारों के बैंक खातों में जमा कराया और जो कार्यरत कर्मचारी थे उनके खाते में आज भी अधुरे भुगतान हो कर रह गया। सूत्रों की माने तो जिले के दो अधिकारियों के सेटिंग पर सहायक आयुक्त कार्यालय के बाबूओं ने इस फर्जी भुगतान को अंजाम तक पहुंचाया 20 वर्षों से एक ही स्थान पर एक ही शाखा पर एक ही कार्यालय पर टीके रहने पर शासन को करोड़ों रुपए चूना लगाए । शाखा प्रभारी बाबू भूषण सिंह जिन्होंने अपनी सेटिंग में जाकर जांच आदेश पत्र को लेकर जांच अधिकारी महोबिया और मंडल संयोजक एमएस अन्सारी पूर्व पदस्थ सहायक आयुक्त के साथ जिले के दो अधिकारी और तीनों बाबूलालो ने खेला ऐसा खेल हो गया फर्जी भुगतान और रुक गया फर्जी भुगतान का जांच आदेश पत्र  जो आज भी कार्यालय शहडोल के तीनों जगहों पर बैठे अधिकारी घुमा रहे हैं । प्रभारी मंत्री के आदेश को बाबू लालो ने दिखाया ठेंगा और वर्तमान पदस्थ सहायक आयुक्त रणजीत सिंह धुर्वे को किया गुमराह इस विषय पर धुर्वे जी कुछ भी कहने पर असमर्थ जाहिर करते हैं । ठीक इसी प्रकार प्रभारी मंत्री को थर्ड ग्रेड बाबू मंडल संयोजक पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त एम एम अंसारी ने किया गुमराह और कलेक्टर कार्यालय में रखें स्थानांतरण के फाइलों में कई शिक्षकों के फर्जी तरीके से जोड़े नाम और किया स्थानांतरण । इस खेल में अंसारी जी को भूषण बाबू और महोबिया ने दिया भरपूर साथ जिस पर पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त ने अपने जमात और चाहेते  शिक्षकों का मनमाना और  मनचाहे जगहों पर किया स्थानांतरण 9 अगस्त 2021 को करना था  विधालय में पदस्थ  लेकिन अंसारी जी के सेटिंग ने 3 महीने तक घुमाया स्थानांतरण के खेल को और नवंबर तक स्कूलों में हो पाया पोस्टिंग। तीन महीने में करोड़ 
रुपए का चूना लगाया शासन को। जांच आदेश पत्र को शाखा प्रभारी बाबू और जांच अधिकारी महोबिया।  के साथ एम एस अन्सारी  पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त मंडल संयोजक और बर्तमान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग शहडोल के कार्यालय में घूमते हुए आर्थिक रूप से शिव प्रसाद पांडे नजर आते हैं। क्या शासन के आदेश अनुसार अनुमोदित कार्यों का निरीक्षण कर जांच अधिकारी समक्ष प्रस्तुत पेस करेंगे। अगले अंक में प्रकाशित होगा मेनेजमेंट अधिकारी है कौन। शिकायतकर्ता ने दे दिया सहमति पत्र फिर भी हो रहा है  जांच । क्या जनता का सेवक बन गया भ्रष्टाचारी दे दिया सहमति पत्र फिर कैसे लड़ेगा जनता के लिए कौन करेगा विश्वास समाजसेवी पर क्या 500000 और बुलेट में डोल गया ईमान   कार्यरत कर्मचारियों को कैसे मिलेगा उनके हक़ के राशि का भुगतान पांचवे वेतन मान एरियर्स कि राशि का।                                             

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