मुख्यालय शहडोल अंतर्गत होने वाले चुनाव में वार्ड नंबर 14 से जनपद सदस्य के लिए उम्मीदवार श्रीमती मीना कुशवाहा के द्वारा नामांकन भरा गया है जबकि शासन का आदेश किसी भी प्रत्याशी के खिलाफ किसी प्रकार से अगर कोई प्रकरण है तो उस व्यक्ति का नामांकन निरस्त किया जाएगा लेकिन निर्वाचन आयोग से पदस्थ अधिकारियों ने श्रीमती मीना कुशवाहा का वार्ड नंबर 14 से जनपद सदस्य हेतु नामांकन मंजूर किया क्या चुनाव आयोग अपने अधिकारियों को सही दिशा निर्देश दिलाने में असमर्थ रहा । पूर्व में जनपद सदस्य रहते हुए श्रीमती मीना कुशवाहा अपने पति के साथ मिलकर ग्राम पंचायत लालपुर में कई जगहों पर अवैध कब्जा कर शासकीय जमीन को हथिया लिऐ और साथ में शासकीय भूमि पर अवैध दो मंजिला इमारत भी निर्माण कराई ग्राम पंचायत में कई कामों का निर्माण जनपद सदस्य श्रीमती मीना कुशवाहा के द्वारा किया गया जो आज भ्रष्टाचार की बलि चढ़ी । जबकि तहसीलदार श्री के आदेश अनुसार श्रीमती मीना कुशवाहा जनपद सदस्य सोहागपुर जनपद पंचायत सभापति के पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर दो मंजिला मकान घर निर्माण कर अपने परिवार के साथ निवासरत है ।
जिला निर्वाचन आयोग पर लोकल नेताओं का दबाव जिला निर्वाचन आयोग पर हुआ हावी साक्ष प्रस्तुत करने के बावजूद भी जिला निर्वाचन आयोग नहीं कर सका नामांकन खारिज
सोहागपुर जनपद पंचायत वार्ड नंबर 14 से शासकीय भूमि पर अवैध रूप से काबिज मीना कुशवाहा का नामांकन लोकल नेताओं के भारी दबाव के कारण नहीं हो सका खारिज
जबकि स्वयं तहसील दार ने ही प्रकरण क्रमांक 06/अ 68/2016-17 के तहत अनावेदिका मीना कुशवाहा द्वारा किए गए शासकीय भूमि से बेदखली व मकान को ध्वस्त करने का आदेश जारी किए थे
मीना कुशवाहा द्वारा न्यायालय के आदेश को दरकिनार करते हुए आज दिनांक तक लगातार उक्त भूमि पर कब्जा कर रखी है उसके बावजूद भी जिला निर्वाचन आयोग द्वारा संवैधानिक व्यवस्था को ठुकराते हुए अयोग्य उम्मीदवार जनपद सदस्य वार्ड नंबर 14 के लिए श्रीमती मीना कुशवाहा का नामांकन किया मंजूर