छात्रावास-आश्रमों की व्यवस्था के संबंध में वस्तुस्थिति।
छात्रावास-आश्रमों की व्यवस्थाओं को लेकर विभाग ने स्पष्ट की वस्तुस्थिति।
निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर लगातार की जा रही कार्रवाई, व्यवस्थाओं में सुधार के लिए दिए जा रहे निर्देश।
रिपब्लिक न्यूज़।।
शहडोल मुख्यालय जिला सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग आनंद राय सिंहा ने छात्रावास-आश्रमों की व्यवस्था के संबंध में वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। जिले में संचालित समस्त छात्रावास-आश्रमों के सुचारू संचालन को दृष्टिगत रखते हुए अधोसंरचना, पेयजल, प्रकाश एवं मेस व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शहडोल द्वारा जिले में पदस्थ अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर परख ऐप के माध्यम से निरीक्षण कराया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान छात्रावास-आश्रमों में पाई गई कमियों एवं संबंधित व्यक्ति लापरवाही के फलस्वरूप विभाग के 3 पदस्थ अधीक्षकों की एक वेतन वृद्धि असंचारी प्रभाव से रोकी गई है,
2 अधीक्षकों को निलंबित किया गया है। और वहीं 7 अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया है।
इनमें एक मामला सामने आया जब शासकीय माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर कंचनपुर की छात्राएं 8 किलोमीटर पैदल चलकर आई थीं। छात्राओं के साथ प्राचार्य, स्टाफ एवं सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य शहडोल पैदल चलकर उन्हें सुरक्षित कलेक्ट्रेट लेकर आए थे। कलेक्टर ने छात्राओं की समस्याएं सुनीं तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सोहागपुर की अध्यक्षता में टीम गठित कर मामले का परीक्षण कराया गया। अधीक्षक को कलेक्टर शहडोल द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उत्कृष्ट रघुराज क्रमांक-2 शहडोल की निचली मंजिल में तेज बारिश के कारण रिसाव होने से बच्चे कलेक्ट्रेट आए थे। एसडीओ एवं सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य शहडोल ने स्वयं जाकर छत में जमा घास एवं पानी निकलवाया। पुराना भवन होने के कारण कुछ कक्षों में सीपेज की समस्या थी, जिसकी मरम्मत अगले ही दिन करा दी गई।
उत्कृष्ट सीनियर बालक छात्रावास का भवन 60 वर्ष से अधिक पुराना है। तेज बारिश के कारण भवन में सीपेज की समस्या आई थी, लेकिन कक्षों में पानी नहीं भरा था। उसका रिपेयर वर्क भी अगले ही दिन करा दिया गया। अतिवृष्टि के कारण भवन में सीपेज की समस्या आई थी, अन्यथा विगत वर्षों में ऐसी समस्या नहीं थी।
सहायक आयुक्त ने बताया कि छात्रावास-आश्रमों के संचालन एवं व्यवस्था में कमियां पाए जाने पर निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
वहीं निरीक्षण के दौरान निरीक्षणकर्ता अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं तथा अधोसंरचना, पेयजल, प्रकाश, मेस व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कर छात्रावास-आश्रमों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जा रहा है।
इनमें सबसे प्रमुख है गोहपारू में संचालित शासकीय बालक छात्रावास से संबंधित शासन के निर्देश अनुसार सोलर पैनल गिजर लगनें का जिससे छात्रावास में रहने वाले सभी छात्राओं को साफ़ और अच्छा गर्म पानी मिल सके। बालक छात्रावास में पदस्थ अधीक्षक शासकीय शिक्षक रामा वतार सिंह के खिलाफ शासन के नियमानुसार कार्रवाई नहीं हुआ।