सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढार और संगम पैथोलॉजी के मिली भगत से बड़ी धांधली।
तीर्थ यात्रियों से संगम पैथोलॉजी ने वसूली की लगाई डुबकी।

रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल मुख्यालय जिला में मध्य प्रदेश की सरकार ने वृद्धजनो और गरीब तबके के लोगों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत यात्रियों को दार्शनिक स्थलों के दर्शन करा रही है जिसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत से आवेदन जनपद पंचायत में आमंत्रित किया जा रहे थे जिसमें आवेदन के साथ-साथ आवेदक को एक शपथ पत्र और स्वस्थ रहने का मेडिकल सर्टिफिकेट लगाया जाना था ।शपथ पत्र तो नोटरी से आवेदक के द्वारा बनवा लिया गया लेकिन मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर जमकर धांधली की गई । गरीब यात्रियो से प्रति हस्ताक्षर के नाम पर 100 से 200 रुपए तक की वसूली की गई और यह वसूली बकायादा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढार और संगम पैथोलॉजी के बीच खेला गया।
यह है पूरा मामला।
हाल ही में सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत यात्रियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए थे जिसमें 5 जनवरी तक सोमनाथ एवं द्वारिका के लिए आवेदन लिए जा रहे थे जिसमें यात्रियों के स्वास्थ्य से संबंधित प्रमाण पत्र के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर से सर्टिफाइड कराया जा रहा था ।इसी सर्टिफाइड व्यवस्था के नाम पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढार में जमकर धांधली की गई प्रति हस्ताक्षर पर यात्रियों से ₹100 एवं ₹200 लिए गए जबकि यात्रियों की कोई जांच नहीं की गई। ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर और संगम पैथोलॉजी के ऊपर बड़ी कार्यवाही की आवश्यकता सामने आ रही है यात्रियों के साथ ठगी का यह मामला मानवता को और इंसानियत पर कुठाराघात है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और संगम पैथोलॉजी का बेहतर गठजोड़
मामला यह है कि जब यात्रि स्वास्थ्य संबंधित जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढार जा रहे थे तो वहां मौजूद डॉक्टर एवं स्टाफ के द्वारा संगम पैथोलॉजी भेजा जा रहा था। संगम पैथोलॉजी के संचालक के द्वारा तीर्थ दर्शन यात्रियों से प्रति हस्ताक्षर ₹100 एवं ₹200 की वसूली की जा रही थी। यात्रियों के द्वारा जब पूछा जाता था कि यह पैसे किस बात का है तो उन्हें बाकायदा समझाते हुए एवं यात्रियों को बहलाते फुसलाते हुए ₹100 ली जा रही ।
ज्ञात हो कि बुढार जनपद के ग्राम पंचायत देवरी से कई यात्रियों ने जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल सर्टिफाइड कॉपी की बात की तो उन्हें संगम पैथोलॉजी भेज दिया गया और इसके पश्चात संगम पैथोलॉजी के द्वारा प्रत्येक यात्री से ₹100 की राशि लेकर मेडिकल की सर्टिफाइड सील लगाकर आवेदक को सर्टिफाइड कर दिया।
तीर्थयात्री लालमन पाव के द्वारा बताया गया कि जब हम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढार पहुंचे तो वहां पर मौजूद स्टाफ के द्वारा हमें संगम पैथोलॉजी भेज दिया गया जहां पर हमने संगम पैथोलॉजी के संचालक की सचिव देवरी से बात कराई तो उसने बात करने से इनकार किया और कहा कि 100 ₹50 के लिए इधर-उधर से फोन मत करवाओ हजारों की यात्रा कर रहे हो इतना तो हमारा हक है लेना।
तीर्थयात्री गोरेलाल महरा ने बताया कि जब हमने इसका विरोध किया तो कहा कि आज अंतिम तिथि है अभी बन जाएगा तो ठीक है नहीं तो इस यात्रा से भी वंचित हो जाओगे मजबूरन हमें ₹100 देकर हस्ताक्षर करवाने पड़े और हमारी कोई जांच भी नहीं की।
संगम पैथोलॉजी का यह पहला मामला नहीं है पूर्व में भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच के नाम पर संगम पैथोलॉजी के कई नुमाइंदे रोगियों को ठगने का कार्य करते हैं सोशल मीडिया में कई तस्वीरें भी वायरल हुई है इन बातों से यह साबित होता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और संगम पैथोलॉजी के बीच बड़ा भ्रष्टाचार पनप रहा है ऐसी परिस्थितियों में संगम पैथोलॉजी को बैन करना एवं संचालक के ऊपर प्रथम दृश्य अपराध पंजीबद्ध किया जाना उचित होगा ताकि भविष्य में ऐसी घिनौने कृत्य ना किया जा सके।