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तीन थानों के बीच में पशु तस्करी का अवैध कारोबार, वहीं संबंधित विभाग बना अंजान।

वन विभाग ने पशु तस्करी करते वाहनों को किया जब्त। 

रेंजर के वाहन को ठोकर मारकर भाग रहे थे पशु तस्कर।

 रिपब्लिक न्यूज़।।

शहडोल मुख्यालय जिला पुलिस-प्रशासन का काम वन विभाग कर रहा है। सूत्रों के जानकारी अनुसार जैतपुर और केशवाही थाना के सामने से पशु से भरे वाहन आए दिन निकलते हैं। लेकिन इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को नहीं हो पाता था।

वन विभाग ने कार्यवाही की तो पशु तस्करों के जान पर बन आई। एक साथ पांच पिकअप वाहनों से हो रहा पशु तस्करी को रोकने के प्रयास करते रेंजर के वाहन को ठोकर मारने के बाद पशुओं से भरा हुआ पिकअप ने वही बीट गार्ड की बाइक को भी घसीटकर खेतों तक ले गए। कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने तीन वाहन पकड़ लिए।

वन संरक्षक अजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन और डीएफओ श्रद्धा पेन्द्रे के मार्गदर्शन में लकड़ी के अवैध परिवहन को पकड़ने के लिए वन परिक्षेत्राधिकारी जैतपुर द्वारा स्टॉफ की दो टीम बनाकर गश्ती कराई जा रही थी। इसी दौरान रात्रि एक बजे कई पिकअप वाहन खाम्हीडोल की तरफ से आते दिखे। उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो एक वाहन चालक ने रेंजर की गाड़ी पर ठोकर मारकर सभी वाहन भाग निकले।

सूचना पर दूसरी टीम द्वारा भठिया में सभी वाहनों को रोकने का प्रयास किया गया, किन्तु मुड़कर वापस भागने लगे। पीछा कर तीन वाहनों को पकड़ लिया गया। और दो वाहन चालक मौके से वाहन छोड़कर फरार हो गए। जबकि एक वाहन चालक द्वारा सड़क के किनारे खड़ी बीट गार्ड की मोटर साइकिल को ठोकर मारते हुए खेत तक  घसीटता हुआ ले गया और वाहन लेकर भाग गया। अन्य दो वाहन भी फरार हो गए। पकड़े गये वाहनों में 18 पशु लोड पाए गए। वाहनों को जब्त कर पुलिस को सूचना दी गई एवं वाहन को पुलिस के सुपुर्द किया गया। कार्यवाहीं में जैतपुर रेंजर राहुल सिकरवार, परिक्षेत्र सहायक विनोद कुमार सोनी, हीरामणि वर्मा, बीट गार्ड मेलाराम बैगा, प्रकाश टांडिया संजय यादव एवं अन्य की सराहनीय भूमिका रही।

सूत्रों की माने तो जैतपुर, झींकबिजुरी पशु तस्करी का प्रमुख अड्डा बना हुआ है। थाना के सामने से पशु तस्करी के वाहन बेखौफ होकर निकलते हैं, पुलिस की मिलीभगत का नतीजा है कि बड़ी कार्रवाई नहीं होती। बीती रात बड़े पैमाने पर हो रही तस्करी को वन विभाग ने नाकाम किया और स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी। वन विभाग ने पुलिस के सुपुर्द किया इसके बाद प्रकरण दर्ज किया गया।

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