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शाम तक मरीजों का किया उपचार सुबह मिला उसी डाक्टर की लाश।

शाम तक मरीजों का किया इलाज, सुबह मिली उसी युवा डॉक्टर की लाश।

खुद के लिए नहीं ढूंढ पाए कार्डियोलॉजिस्ट।

रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल // मुख्यालय जिला उमरिया प्राथमिक ‌स्वास्थ्य केंद्र ताला में पदस्थ एक युवा डॉक्टर शासकीय निवास मानपुर में मृत अवस्था मे मिले हैं। सहकर्मियों के अनुसार डॉ राहुल वर्मा रात को बिल्कुल स्वस्थ थे ,कई स्वास्थ्य कर्मियों से सामान्य बातचीत भी हुई है, सुबह उनकी मृत्यु हो गई है। उन्हें कोई गंभीर बीमारी का पता नहीं चला है।

कार्डियोलॉजिस्ट को दिखाने के लिए नहीं मिला समय।

जानकारी के अनुसार डॉ को ब्लड प्रेसर आदि की शिकायत हालिया दिनों में रही है, किसी कार्डियोलॉजिस्ट को दिखाने दूसरे डॉक्टर ने परामर्श भी दिया था, परन्तु व्यस्तता की वजह से नहीं दिखा पाए थे। रविवार की सुबह जैसे ही डॉक्टर्स को जानकारी लगी, वैसे ही उन्हें मानपुर अस्पताल लाया गया, परन्तु चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के असामयिक मृत्यु के पीछे हार्ट अटैक बताया जा रहा है।

युवा डॉक्टर की मौत से सदमें में परिजन।

ताला स्वास्थ्य केंद्र में पदस्त डॉ राहुल वर्मा अविवाहित थे। घटना की जानकारी उनके परिजनों को पन्ना (अजयगढ़) में दे दी गई है। जल्द ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचेंगे, जहां उनके शव को सुरक्षित रखा गया है।

जिले में एक तरफ डॉक्टर्स की कमी और उसमें एक अच्छे डॉक्टर की असामयिक मौत जिले के लिए बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण खबर है। डॉ राहुल वर्मा की अचानक मौत से पूरे डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मियों में शोक की लहर है।

इन उपायों को अपनाकर कम कर सकते हैं कार्डियक अरेस्ट का खतरा।

स्वस्थ भोजन करें, नियमित व्यायाम करें, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं, और स्वस्थ वज़न बनाए रखें।

हृदय रोग या इसके जोखिम कारकों की नियमित जांच कराकर, कई गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

सीपीआर एक आपातकालीन जीवनरक्षक तकनीक है, जिसे कोई भी सीख सकता है।

हृदय रोग के कारकों को नियंत्रित करने के लिए, अगर कोई दवा चल रही है, तो सभी डोज़ सही समय पर लें।

तनाव को मैनेज करने से भी हृदय स्वस्थ रहता है।

नींद की कमी से हृदय गति रुकने का खतरा बढ़ जाता है।

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