Top News

शासकीय महाविद्यालय में महिलाओं के सशक्तिकरण का एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित कार्यक्रम संपन्न हुआ।

शासकीय महाविद्यालय जयसिंहनगर में महिला सशक्तिकरण की संपन्न हुई कार्यशाला। 

महिलाओं के विकास के लिए शिक्षा का बहुत महत्व पूर्ण योगदान है।




रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल // जिला के जयसिंहनगर शासकीय महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम विगत दिनांक 09/10/2023 को रहा जिसमें राजनीति विज्ञान विभाग के द्वारा नई शिक्षा नीति में महिला सशक्तिकरण शीर्षक पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ जिसमें विषय- विशेषज्ञ के द्वारा सार्थक व सरगर्वित उद्बोधन दिया गया। कार्यशाला की शुरुआत मुख्य वक्ताओं में प्रथम वक्ता डॉ. दिनेश प्रसाद वर्मा सहायक प्राध्यापक राजनीति विज्ञान, शासकीय नेहरू पी.जी. महाविद्यालय बुढार ने अपना व्याख्यान किया, आपने महिला सशक्तिकरण से जुड़े हुए अनेक पहलुओं पर काफी विस्तार से अपनी बात रखी, नई शिक्षा नीति में समानता, गुणवत्ता, समावेशी, स्वरोजगार परख व कौशल विकास केंद्रित शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए, प्राचीन शिक्षा व्यवस्था में भेदभाव, एवं अंधविश्वास में जकड़ी हुई महिलाओं पर काफी कटाक्ष भी किया, आपने वर्तमान में महिलाओं के सशक्तिकरण की यात्रा की शुरुआत राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाओं की सहभागिता एवं भूमिका से लेकर वर्तमान में कल्पना चावला एवं द्रोपती मुर्मू, व लैंगिक समानता, उच्च शिक्षा में बेटी, कस्तूरबा गांधी छात्रावास योजना,लिंगभेद का भी उल्लेख किया, सब पढ़ें,सब बढ़ें की अवधारणा का भी जिक्र किया, शिक्षा व्यक्तित्व के विकास का आधार है। व्यक्तित्व के विकास से राष्ट्र का निर्माण होता है, प्लेटो के कथन - शिक्षा मानसिक रोगों का मानसिक इलाज है। शिक्षा के लिए कम किए गए बजट को बढ़ाने पर जोर दिया।



द्वितीय वक्ता डॉ. रामायण प्रसाद पटेल सहायक प्राध्यापक राजनीति विज्ञान, शासकीय महाविद्यालय मऊगंज, जिला मऊगंज, ने काफी विस्तार से नई शिक्षा नीति में महिला सशक्तिकरण को जोड़ते हुए अपनी बात रखी, प्राचीन वेद,पुराण, उपनिषद, के दौर के महिलाओं की स्थिति, पितृसत्तात्मक समाज, पुरुष प्रधान समाज का वर्चस्व, बाल विवाह, सती प्रथा, दासता, किस प्रकार से महिलाओं को दासता की बेड़ियों में जकड़ा, लार्ड मैकाले की शिक्षा योजना, यूरोपीय समाज, अमेरिकन समाज, और भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति,पर प्रकाश डाला, आपने हीगल,मार्क्स, ग्राम्सी, ग्रीन आदि विद्वानों के विचारों को भी सामने रखा, नकारात्मक- सकारात्मक स्वतंत्रता, एवं एक संसद सदस्य के कई दिनों तक भूखे प्यासे रहने का उदाहरण भी सामने रखा, मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना, लाडली बहना योजना, महिला आरक्षण, आदि पर विस्तार पूर्वक बात रखी।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मंगल सिंह अहिरवार के द्वारा उद्घाटन एवं स्वागत भाषण से हुआ,अध्यक्षीय उद्बोधन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी जी के द्वारा व्यक्त दिया गया आपने नई शिक्षा नीति में महिला सशक्तिकरण के कई बिंदुओं को सामने रखा, कार्यक्रम का सफल संचालन - कार्यशाला संयोजक डॉ.लवकुश दीपेंद्र विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान के द्वारा किया गया, कार्यक्रम का आभार डॉ.अर्चना जायसवाल हिंदी विभाग के द्वारा किया गया, कार्यक्रम में मंचासीन अतिथि डॉ.प्रकाश चंद्र पटेल की गरिमामई उपस्थिति रही, कार्यक्रम में अपनी गरिमामई उपस्थिति डॉ.यदुवीर प्रसाद मिश्रा, डॉ.भगवत राज बरमैया, डॉ. दीपक रानी मिश्रा, डॉ. वीरेंद्र कुर्मी, डॉ. आदित्य शुक्ला, डॉ. जसीम अहमद की रही।

Previous Post Next Post