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कहीं धनपुरी की तरह उल्टा न पड़ जाए आना।

 नगरी निकाय चुनाव । पार्षद बनाम माफिया जैसे काम।

5 साल के अध्यक्ष पद पर बैठे फिर भी विकास ज्यों का त्यों फिर चल पड़े उसी राह पर क्या जनता दिखाएगी विश्वास क्या बुढार में खिलाएगी कमल या उठाएगा हाथ क्या होगा भ्रष्टाचार में सफाई अभियान क्या लगा पाएगी आप कि झाड़ू या निर्दलीय प्रत्याशी करेंगे राज किस पर गिरेगी गाज किसके चेहरे से हटे का नकाब और कौन करेगा राज। 


रिपब्लिक न्यूज ।

 शहडोल // जिले के जनता को मिलेगा कुछ दिन के लिए आराम क्योंकि रोड पर हो जाएगा बोर्ड पट जाएंगे गड्ढे नहीं दिखेगा मुख्यमंत्री के स्कॉर्पियो की गाड़ी यह होगी वीआईपी कोई फॉर्च्यूनर जिस पर नहीं लगेगा जर्क और नहीं दिखेगा रोड के गड्ढे सिर्फ होगी चर्चा कैसे जीता जाए सीट कैसे खिलाएं अपने पार्टी का कमल ।

 सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी तीनों नगरी निकाय चुनाव क्षेत्र की जनता ने ठाना है अब नहीं खिलाना है अपने बाग में फूल ।

        नगरीय निकाय के चुनावी मौसम में हर वार्ड की शोभा पूरे शबाब पर है । झण्डे,बैनर, और मुस्कुराते चेहरे, सेवाभाव

विनम्रता , स्नेह से सराबोर प्रत्याशी जगह- जगह बच्चों से लेकर बडो और माता-बहनों से पारिवारिक परिचय देकर मेल-मुलाकात में जुटे हैं । 

             कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती-इस साधु वाक्य पर जो चलेगा-सफलता उसके कदम चूमेगी ।

           कई लोग बडी ईमानदारी से अपने क्षेत्र का रक्षण कर रहे हैं । यह बात पूरी तरह सत्य नहीं है कि विजय पाने के बाद पार्षद भक्षण ही करता है काम नहीं करता । 

कई ऐसे पार्षद हैं , जो काम से पहचाने जाते हैं । तीन या चार बार तक जीत कर आना एक साख बनाता है कि इसने काम कराया है वरना दूसरे चुनाव में ही वह हार जाता ।

  पार्षद वैसे परिषद की एक महत्वपूर्ण इकाई होता है , परन्तु सेवाभाव में व्यस्त होने के कारण कई बार परिषद के निर्णय इन्हें पता ही नहीं चल पाते, फिर एक दिन ऐसा आता है की अखबार के एक पन्ने में पढ कर ये खबर मिलता है । कि मेरे वार्ड की सी सी रोड ठेकेदार के द्वारा निर्माण कराया जा रहा है वह अध्यक्ष का रिश्तेदार जो सी सी रोड बना रहा है । आपत्ति प्रगट करने पर अध्यक्ष स सम्मान चाय-पान का व्यवहार पूरा करके किसी उपयंत्री को बुलाकर सफाई पेश करा देते हैं और उनका कार्यकाल पूरा कर दिया जाता है।

आपके वार्ड की रोड पूर्व परिषद से स्वीकृत थी । नया काम तो बिना आपकी सहमति से करेंगे ही नहीं इतनी आत्मीयता पा कर वह बेचारा हंसता हुआ बाहर निकल जाता है ।

बुढार नगर परिषद एक बार फिर प्रत्याशी जिसने 5 वर्षों तक राज किया काम के नाम पर सिर्फ सफाई दी ।

अब तो दोबारा यहां दाल न गलने के कारण जिला मुख्यालय शहडोल नगर पालिका अध्यक्ष का ख्वाब देखा लेकिन सफलता नहीं लगा हाथ वहीं प्रत्याशी ने फिर से अपना  नामांकन दाखिल किया ।

वहीं बुढार के एक पार्षद प्रत्याशी अपने पत्नी का सहारा लेकर अपने अवैध कार्यों को बढ़ाने के लिए फिर से नया खेल खेलना शुरू किया अभी कुछ दिन पहले शराब भट्टी में शराब ठेकेदार के साथ अभद्रता पूर्वक कर जबरदस्ती शराब की बोतलें लूटपाट किया जब शराब की बोतल नहीं मिली तो उसके बहन को चकनाचूर कर दिया और पार्षद पद की रेस में सबसे आगे अध्यक्ष बनने का देख रहे ख्वाब ।

कई और पार्षद ऐसे हैं जिन्होंने कभी अपने वार्ड के किसी कार्य को आंख पर लगे चश्मा उतार कर नहीं देखा अब फिर चले हैं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनने के लिए ।

विकास के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है विकास कार्य देखना है तो तारा रोड कि स्थित देख लिया जाए कि घरौला मोहल्ला से पटेल नगर होते हुए रीवा रोड को जोड़ता है।

 इस पर कुछ ऐसा ही हाल है शहडोल के कुछ पार्षद प्रत्याशियों का जो अपने अवैध कार्यों को  करते हुए नाम कमाए हैं । एक ऐसा ही प्रत्याशी जिसने होटल के कारोबार को ऐसा बढ़ाया जिस पर सारे नियम विरुद्ध कार्य किए जाते हैं ।

नगरीय निकाय चुनाव शहडोल में अब बात एक ऐसे व्यक्ति का जो ठेकेदार बन कर बैठे अभी तक मंत्री का रिश्तेदार बताकर ठेकेदारी करने वाला पार्षद प्रत्याशी निर्दलीय पर्चा भरकर अध्यक्ष बनने का ख्वाब देख रहा है क्योंकि मंत्री का रिश्तेदार है ।

     बात अभी चुनावी है इस  लिए सभी प्रत्याशी घोषित समय से पहले सभी कार्य को अंजाम दे रहे हैं घर घर जाकर अपना हाथ फैला कर अपनी कहानी शुरू करते नजर आ रहे हैं।  

आप भी समझते होंगे कि लोगों की आवा-जाही बढने से भी घट जाती है। *********


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