करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार प्रमाणित होने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी ने उन उम्मीदवारों को धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र में फिर से उन्हें नए भ्रष्टाचार के लिए चुनाव लड़ने को प्रोत्साहित किया।रिपब्लिक न्यूज
गिरबी के मकान से करोड़ों रुपए के महल का उत्सव फैशन शो का सफर।
शहडोल// धनपुरी और बकहो के भाजपा प्रत्याशियों के लिए जनता से वोट मांगने आ रहें हैं प्रदेश के पालनहार।
करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचारी प्रत्याशी के प्रचार में आ रहें हैं क्या प्रदेश के बच्चों के मामा।
तेरह की गोटी फिट करने में क्या कामयाब हो पाएंगे प्रदेश के मुखिया।
एक फैसले से खुश नहीं वर्षो पुराने कार्यकर्ता कई नेताओं ने छोड़ा पार्टी का दामन। जिसके कारण कई सालों तक भारतीय जनता पार्टी के सदस्य रहे लोगों ने अंततः पार्टी की नीतियों से नाराज होकर स्वयं को अलग कर लिया। क्योंकि उन्हें आभास था कि जो लोग करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार कर चुके हैं उन्हें पार्टी ज्यादा तवज्जो नहीं देगी। इसलिए उन लोगों ने ईमानदार चेहरों को पार्टी का प्रतिनिधित्व करने की बात पार्टी के आला कमान के पास रखी थी। किंतु भ्रष्टाचार की ताकत कहें अथवा धनपुरी नगरपालिका में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष की धर्मपत्नी के अध्यक्ष रहते करोड़ों रुपए के बिजली उपकरण खरीदे जाने पर जो आरोप लगे उसको तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी लोकेश जांगिड़ ने प्रमाणित करके यह सिद्ध किया कि किस प्रकार से धनपुरी नगरपालिका परिषद में सिर्फ मिलजुल कर उच्च स्तर का भ्रष्टाचार करके जनता की गाढ़ी कमाई का सिर्फ बंदरबांट किया जाता रहा है।
किंतु बजाय बड़ी कार्यवाही होने के और संबंधित दोषी पदाधिकारियों द्वारा कमाई गई भ्रष्टाचार की राशि का ना सिर्फ पार्टी स्तर पर बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को दबाने के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए गए। जिसका असर यह रहा कि दोषी इंगित किए गए तमाम पदाधिकारी भाजपा के संरक्षण में निडर होकर घूमते रहे और यही अभय दान उनकी भ्रष्टाचार की योग्यता को बढ़ाने के लिए नए चुनाव में कुशल उम्मीदवार के रूप में चयनित करने का कारण बना। परिणाम स्वरूप न सिर्फ में बिजली उपकरण की खरीदी बल्कि अन्य कई प्रकार के भ्रष्टाचार जिसका की पूर्व भाजपा के नेता तत्कालीन परिषद अध्यक्ष रहे हंसराज तंवर ने जमकर बगावत की थी भाजपा की अंदरूनी बगावत का असर नगर पालिका परिषद में ज्यादा प्रभावशाली ना होने पाए इसीलिए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं नगर पालिका परिषद के चुनाव की कमान अपने हाथ में रख ली प्रतीत होता है। जिसके कारण उनका दौरा तमाम भारतीय जनता पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को मानने और सब को ठीक करने में कितना कामयाब होते है यह तो आने वाला वक्त बताएगा।
किंतु आम जनता में इस बात को लेकर जबरदस्त चर्चा है कि जो भ्रष्टाचार में प्रमाणित हो चुके हैं आखिर भारतीय जनता पार्टी ने किस कीमत पर अपना प्रत्याशी बनाकर धनपुरी में फिर से अपनी परिषद बनाने का सपना देख रहे है।
यह अलग बात है की शासकीय कर्मचारी।
तत्कालीन सीएमओ को चुनाव के दौरान अपदस्थ करके चुनाव आयोग ने स्वयं को निष्पक्ष चुनाव कराने की प्रतिबद्धता से जोड़ने का काम किया है देखना होगा कि शिवराज सिंह चौहान के आने के बाद तमाम बागी नेता किस कीमत पर और कितने आश्वासन पर नगर पालिका परिषद में भ्रष्टाचार के प्रमाणित लोगों के पक्ष में अपना समर्थन एकजुट कर पाते हैं अथवा नहीं।
क्या हनुमान पर जनता करेगी भरोसा। या शोभा कि अशोभनीय करतूतों से बिगड़ेंगे कांग्रेस पार्टी कि छवि। तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष कमल खिला पाएंगे हंसराज के आगे हरप्रीत इंदर जीत ।
अगले अंक में प्रकाशित होगा सभी प्रत्याशियों कि करतूत। रिपब्लिक न्यूज शहडोल।
