शहडोल बहुचर्चित भ्रष्टाचार का मामला फिर अपनी जोरों पर पांडे जी के 25 की चड़ौत्री ने रोक दी जांच उच्च कार्यालय लोकायुक्त को भेजी गई झूठी जानकारी।
लोकायुक्त जांच कमेटी शहडोल की सबसे बड़ी चूक बिना आईडी प्रूफ के लिए संबंधित शिक्षकों के बयान किसी भी शिक्षक से आधार कार्ड की नहीं पूछी गई जानकारी और उनके किसी भी आईडी प्रूफ की पहले से जानकारी ली गई।
सूत्रों अनुसार पांडे शिक्षा समिति में कार्यरत कर्मचारियों के किसी भी शिक्षक से नहीं कराया गया बयान फर्जी शिक्षकों से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे ने फर्जी शिक्षकों से लोकायुक्त जांच कमेटी टीम को दिलाई गई बयान बिना आईडी प्रूफ।
पूर्व में कुछ दिवस उपरांत पांडे जी के द्वारा शहडोल मुख्यालय के कार्यालय में लेकर आए सूटकेस अंदर क्यों नहीं निकल कर आया था बाहर अब समझ में आया।
जांच किसी और अधिकारी के पास छुट्टी में गए जांच अधिकारी फिर कैसे लोकायुक्त भोपाल को भेजी गई जांच रिपोर्ट किस आधार पर जांच रिपोर्ट सर्व मान व सही करके भोपाल उच्च कार्यालय भेजा गया अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति जयसिंह नगर में किए करोड़ों के घोटाले का जांच रिपोर्ट।
जबकि लोकायुक्त जांच अधिकारी और कमेटी के द्वारा अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है जांच। संबंधित शिकायतकर्ता का नहीं लिया गया बयान जांच कमेटी ने नहीं सौंपा रिपोर्ट फिर क्यों रुक गई जांच और क्यों भेजा गया भोपाल झूठी जानकारी। लोकायुक्त टीम की जांच अभी पूर्ण भी नहीं हुआ और उच्च कार्यालय भोपाल लोकायुक्त कार्यालय को कैसे भेज दी गई जानकारी कौन है इस खेल का मास्टरमाइंड जो नहीं होने दे रहा जांच पूरी क्या जिले के आला अधिकारी भी शामिल है आठ करोड़ 32 लाख 91हजार 309 रुपए के फर्जी भुगतान के भ्रष्टाचार घोटाले में जो नहीं चाहते गरीब कार्यरत कर्मचारीयों को ना मिल सके उनके पांचवें वेतनमान एरियर अंशदान राशि का भुगतान ।
कार्यालयों में क्यों हो जाते हैं दफन जांच रिपोर्ट की फाइलें शहडोल जिला अंतर्गत कार्यालयों में दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे भ्रष्टाचार प्रतिदिन हो रहे नए नए खुलासे लेकिन जांच सुन।
अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक के द्वारा शासन के पैसों का किया जा रहा दुरुपयोग हो रहे अवैध तरीके से निर्माण करोड़ों रुपए के निर्माण कार्यों की नहीं हो रही है विभाग के अधिकारियों के द्वारा जांच विभाग के द्वारा नियुक्त निर्माण कार्यों के मूल्यांकन और जांच के लिए उपयंत्री के बिना ही हो रहे हैं राशि के भुगतान।
अनुसूचित जनजाति विकास विभाग कार्यालय के मिलीभगत से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति को मिला अवैध छात्रावास चलाने का खुला छूट जिले से लगे ग्राम पंचायत में संचालित है अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति का छात्रावास ।
