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थर्ड ग्रेड कर्मचारी आईएएस अधिकारी के जांच पर भारी प्रभारी सहायक आयुक्त बिना अधिकारी के भेजे गलत और अधुरी जानकारी।

 बहुचर्चित भ्रष्टाचार लोकायुक्त  अधिकारी और कर्मचारीगण बनें कठपुतलियां जिन्होंने सिर्फ खेल खिलाया और किया मनोरंजन पांडे शिक्षा समिति के फर्जी कार्यरत कर्मचारियों के सामने।


 बिना पहचान पत्र के किया गया उनसे सवाल जवाब किसी को भी कहीं से उठाकर लाए खरीदे हुए बयान करता।

जांच कमेटी के अधिकारी गए छूट्टी और भेज दिया गया जानकारी

 जांच कमेटी कि फिल्म अधुरी किया नहीं  रिलिज़ आ गया ...?


शहडोल पहली नजर में देखें तो बड़े विभाग अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ शहडोल कार्यालय आदिवासी विभाग में करोड़ों रुपए का गैरकानूनी आहरण के भ्रष्टाचार का मामला को हरी झंडी दे दी गई है मान लिया गया है कि कोई भ्रष्टाचार नहीं किया गया है और नहीं हुआ फर्जी भुगतान आप इसके लिए प्रभारी मंत्री रामखेलावन पटेल के निर्देश पर बनाई गई कमेटी की जांच पर बनने वाली फिल्म की क्या स्टोरी होगी हालांकि यह बात कहना जल्दबाजी होगा क्योंकि इस कमेटी में परंपरागत भ्रष्टाचार को जानने वाले अतिरिक्त एक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी  अपर कलेक्टर शहडोल अर्पित वर्मा भी इस कमेटी में मेंबर हैं तो यदि कोई जांच की टिप कथन लिखी जानी है अथवा उस पर जो फिल्म बनाई जानी है क्या उसका ट्रेलर आ गया है ऐसा मानकर चलना चाहिए क्योंकि इसी जांच से संबंधित अंश भाग पर जांच अधिकारियों ने भ्रष्टाचार को हरी झंडी दे दी है

ऐसा एक विशेष विभागीय सूत्र बताते हैं तब यह बात की संभावना अधिक बढ़ जाती है की जो बातें कही गई थी की जयसिंहनगर पर  अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति का भ्रष्टाचार के उद्देश्य बनाई गई गैर सरकारी संगठन से संबंधित जो भी अमला दिल्ली से लेकर जयसिंहनगर तक इसकी निगरानी के लिए जिम्मेदार है वह सब के सब हमाम के नंगे हैं वे अक्सर एक दूसरे की सच को नहीं देखना चाहते हैं क्योंकि वे सब जानते हैं की पारदर्शी भ्रष्टाचार में छुपाने को क्या रह जाता है ऐसे में सिर्फ यह सच्चाई छुपाई जा सकती है की सब कुछ दिखता था इसलिए कुछ नहीं छुपाता और यही बात को दिल्ली से लेकर शहडोल तक के आईएएस लॉबी अथवा उसके अधीन पालने वाली लावी का भ्रष्टाचार देखा नहीं जाना चाहिए उस पर सफेदपोश चादर चढ़ाई जानी चाहिए यही विकास की पहली शर्त है और शायद इसीलिए अभी जो इस पारदर्शी भ्रष्टाचार में जांच रिपोर्ट आई है वह बड़े स्तर पर बनाई गई कमेटी की फिल्म की ट्रेलर कही जा सकती है। 

आई ए एस अधिकारी के जांच को एक बड़ी चुनौती।

 अधिकारी अथवा किसी आईएएस टीम के अधिकारी की योग्यता और उसकी अधिकारता को एक बड़ी चुनौती भी मिली है यह देखना होगा जब उसके अधीन बनाई गई कमेटी के निष्कर्ष सामने आएंगे फिलहाल की जांच कमेटी की रिपोर्ट से निकला एक और सदस्य की जॉइनिंग पांडे शिक्षा समिति में शामिल भ्रष्टाचार मैनेजमेंट में डिग्री प्राप्त अधिकारी का और गौर बाबाजी का आदेश और कुछ नहीं।

शिकायतकर्ता लोकायुक्त व्यक्ति का नहीं हुआ बयान आज तक और शहडोल के कलेक्टर ने बिना संज्ञान लिए भेज दिए जानकारी लोकायुक्त भोपाल को क्या ऐसा होना चाहिए बिना संज्ञान लिए शिकायतकर्ता व्यक्ति का बयान नहीं हुआ और लोकायुक्त जांच भोपाल कार्यालय को जानकारी भेज दी जाए।

थर्ड ग्रेड बाबू क्षेत्र संयोजक पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग एमएस अंसारी आईएएस अधिकारी लाबी रेंक में शामिल ।

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