शहडोल जिले के बहुचर्चित भ्रष्टाचार कार्यरत कर्मचारियों के पांचवें वेतनमान एरियर राशि के किए गए फर्जी भुगतान। शासन से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के साथ सांठगांठ कर कार्यरत कर्मचारी शिक्षकों के एरियर भुगतान के नाम पर 6 करोड़ रुपए कार्यरत कर्मचारियों को छोड़कर सीधे समिति के खातों में भुगतान करने के मामले में लोकायुक्त जांच अधिकारी के द्वारा अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक और संबंधित विभाग अधिकारी जिन्होंने मिलीभगत से संस्था के खातों में किया फर्जी भुगतान उन सभी अधिकारियों को लोकायुक्त जांच अधिकारी के द्वारा नोटिस भेजा गया है दिनांक 04032022को होना है उपस्थिति।
पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त भागे जिला से बाहर।
विशेष विभागीय सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग एमएस अंसारी क्षेत्र संयोजक नोटिस मिलते ही अपने निवास स्थान को छोड़कर और कार्यालय से छुट्टी लेकर भागे जिला से बाहर अब देखना है आज अपने कार्यालय में उपस्थित होंगे अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति को अंशदान राशि के फर्जी भुगतान अधिकारी पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग एमएस अंसारी क्षेत्र संयोजक।
लोकायुक्त जांच टीम ने रिकार्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। हाल ही में अपर कलेक्टर के नेतृत्व में गठित जांच समिति ने अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति से दशकों पुराने रिकार्ड तलब किए हैं। अपर कलेक्टर ने 17 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। इसमें अब तक समिति के आय-व्यय के रिकार्ड ऑडिट रिपोर्ट के साथ ही सभी कार्यरत कर्मचारियों के दस्तावेज मांगे हैं। पांडे शिक्षा समिति से पूछा है कि अब तक समिति से जुड़े हुए सभी विद्यालयों में कितने छात्र-छात्राएं शामिल होने के बाद क्रेन्द्र से ही उत्तीर्ण हुए हैं। 6 करोड़ रुपए भुगतान करने के बाद अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के नाम पर घोटाला सामने आया है। जांच में कई बड़े हेर-फेर भी सामने आ रहे हैं। लोकायुक्त की शिकायत के बाद मामले की जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। अपर कलेक्टर कि टीम मामले की जांच कर रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व जांच समिति ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय शहडोल में छापा मारकर दस्तावेज जब्त कर लिए थे और संबंधित विभाग अधिकारी के अलमारियों को बंद किया गया था।
जिनका एरियर कटा, वे कहां हैं पदस्थ, आयकर रिकार्ड भी वर्षवार भेजें।जांच समिति ने अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे को कहा है कि शिकायत में जिन 113 पूर्व कार्यरत कर्मचारियों का पांचवें वेतनमान के एरियर राशि भुगतान का उल्लेख है। कर्मचारियों की वर्तमान पदस्थापना उनका निवास स्थान और मोबाईल नंबर उपलब्ध कराएं। कार्यरत पुराने 113 कर्मचारियों एवं वर्तमान के संस्था में पदस्थ 87 कार्यरत कर्मचारियों के सीपीएफ खातों के नंबरों की जानकारी एवं खातों में शासन का अंशदान राशि और समिति का अंशदान राशि सहित जमा किये जाने वाले माहवार एवं वर्षवार विवरण प्रपत्र उपलब्ध कराएं। जांच समिति सदस्यों ने कहा है कि पांडे शिक्षा समिति के द्वारा सभी विद्यालयों में नियुक्त समस्त कार्यरत कर्मचारियों का काटे गये आयकर का विवरण वर्षवार उपलब्ध कराएं। साथ ही सभी के आयकर फार्म का रिकार्ड भी भेजें।
नियुक्ति के समय दस्तावेज व कलेक्टर के द्वारा अनुमोदन किया गया प्रपत्र उपलब्ध भी कराया जाए।
लोकायुक्त जांच टीम ने पूछा है कि समिति द्वारा जिले में कितनी स्कूलों का संचालन कराया जा रहा है। नियुक्त कार्यरत कर्मचारियों की सूची। नियुक्ति संबंधी दस्तावेज एवं कार्यवाही विवरण के साथ कलेक्टर शहडोल का अनुमोदन पत्रक भी उपलब्ध कराएं। जांच में सामने आया था कि इसमें भी गड़बड़ी हुई है। दरअसल पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शहडोल के विरूद्ध लोकायुक्त में शिकायत हुई थी। मामला पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे के साथ सांठगांठ कर करोड़ों रुपए के हेर-फेर करने का आरोप लगा है। रिपब्लिक न्यूज लाइव के द्वारा कई समाचार का प्रकाशन के बाद कलेक्टर महोदया ने लोकायुक्त जांच टीम बनाई । जिस पर लोकायुक्त जांच टीम को सात दिन के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपना होगा ।
पत्रकारों के द्वारा उजागर की गई फर्जी तरीके से किए गए भुगतान कि जानकारी।
6 करोड़ रुपए के हेर-फेर का सबसे पहले रिपब्लिक न्यूज लाइव शहडोल के पत्रकार ने उठाया था मुद्दा। लेकिन लोकायुक्त जांच भोपाल से आया आदेश पत्र को संबंधित अधिकारी ने अपने कार्यालय में दवाया। जब खबरों के माध्यम से लोगों और अधिकारियों को जानकारी प्राप्त हुआ तो फिर कलेक्टर के निर्देश अनुसार लोकायुक्त जांच टीम गठित किया गया था। लेकिन फिर भी अधिकारियों ने दबा दिया था। समाचार खबरों के बाद कलेक्टर ने लोकायुक्त जांच टीम बनाई।
लोकायुक्त जांच अधिकारी और टीम के सदस्यों ने कई बिन्दुओं पर मांगी जानकारी।
अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक मंडल के अध्यक्ष सचिव कोषाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी का रिकार्ड उपलब्ध कराएं।