फर्जी भुगतान का सिलसिला अभी भी बरकरार है 32 की संख्या और 87 कि संख्या को वेतन का भुगतान। जयसिंहनगर जनपद पंचायत विकास खंड में अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के अशासकीय कार्यरत कर्मचारियों को 32 कार्यरत शिक्षक कर्मचारियों की जगह पर लगभग 87 कर्मचारियों के खातों पर भुगतान हो रहा है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय और जिला कोषालय अधिकारी शहडोल के मिलीभगत से। जिला अंतर्गत अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संस्था पर लगभग 32 कर्मचारी पदस्थ है लेकिन भुगतान का सिलसिला आज भी 87 कर्मचारियों के खातों पर हो रहा है । लगभग 55 कर्मचारियों की सूची कहीं भी उपलब्ध नहीं हो रहा है ना जिला कोषालय अधिकारी के पास और ना ही सहायक आयुक्त कार्यालय शहडोल के पास है।फिर किसकी मिलीभगत से किया जा रहा शासन के पैसे का दुरुपयोग कौन-कौन है शामिल कितने लोगों के खातों पर आता है कमीशन की राशि जबकि संस्था पर कार्यरत कर्मचारियों की संख्या 32 है फिर बिना जांच कर क्यों भुगतान कर रहे हैं सहायक आयुक्त और जिला कोषालय अधिकारी शहडोल।
संस्था संचालक शिव प्रसाद पांडे का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार सन् 1994 से लेकर आज तक किसी भी बैंकों पर कर्मचारियों के सीपीएफ का खाता नहीं खोला और सीपीएफ के पैसा संस्था के खाते में भुगतान करवाया जा रहा है। आज तक किसी भी कार्यरत कर्मचारियों के खाते में नहीं हुआ किसी भी प्रकार से अनुदान की राशि जमा और नहीं खोला गया आज तक सीपीएफ खाता सन् 1994 से सन् 2016 तक किसी भी कार्यरत कर्मचारियों के सीपीएफ खाता संस्था के द्वारा नहीं खोला गया फिर कैसे उस राशि का शासन से भुगतान हो रहा है पांडे शिक्षा समिति संस्था के खातों पर ।
सन् 2016 से लेकर अभी तक जो कार्यरत कर्मचारी हैं उनके भी सीपीएफ खाता नहीं खुला फिर भी शासन से पांडे शिक्षा समिति को अंशदान की राशि बिना सीपीएफ खातों के पांडे शिक्षा समिति संस्था के खातों पर भेजा जा रहा है। कौन-कौन है इस भ्रष्टाचार भुगतान में शामिल किस अधिकारी के द्वारा बिना जांच किए । किया जा रहा है शासन के पैसे का दुरुपयोग और क्यों हो रहा है बिना सीपीएफ खातों के भुगतान कार्यरत कर्मचारियों के नाम । जबकि पांडे शिक्षा समिति में जयसिंह नगर क्षेत्र पर कार्यरत कर्मचारी लगभग 32 की संख्या फिर भी 87 के संख्या के शिक्षकों के खातों में भुगतान किया जा रहा है।
पुराने कार्यरत कर्मचारी शिक्षक हुए लापता
जबकि सहायक आयुक्त और जिला कोषालय अधिकारी की मिलीभगत से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति को 8 करोड़ 32 लाख 91 हजार रुपए के लगभग 6 करोड़ रुपए अंशदान सीपीएफ और पांचवें वेतनमान एरियर राशि का भुगतान करते समय लगभग 115कि संख्या रहा लेकिन अब वही संख्या 87 कार्यरत कर्मचारियों में सिमट गया बचे हुए कार्यरत कर्मचारी कहां हो गए आलोप
पांडे जी ने रोका पांडे शिक्षा समिति को किया गया भुगतान के जांच आदेश पत्र।
अभी लोकायुक्त से जांच आदेश पत्र रुका कलेक्टर कार्यालय में जो की पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त क्षेत्र संयोजक एमएस अंसारी थर्ड ग्रेड बाबू के द्वारा किया गया पांचवें वेतनमान एरियर राशि का कर्मचारियों के भुगतान की राशि 8 करोड़ 32 लाख 91 हजार के फर्जी भुगतान का जांच जिसमें शामिल भूषण और महोबिया शाखा बाबू और कोषालय अधिकारी की मिलीभगत संभवता है ॽ क्योंकि जिला कोषालय अधिकारी ने नहीं काटा इन्कमटैक्स शासन को प्राप्त होने वाला इन्कमटैक्स की राशि और बिना सीपीएफ खातों के कर्मचारियों का किया भुगतान पांचवें वेतनमान एरियर राशि की।
जबकि भुगतान किया गया राशि शासन के द्वारा खातों पर 8 करोड़ 34 लाख रुपए लगभग दर्ज है लेकिन पूर्व सहायक आयुक्त और जिला कोषालय अधिकारी के द्वारा जानकारी 8 करोड़ 32 लाख ₹91000 रुपए ही दर्शाया गया अभी और कितने करोड़ का फर्जी भुगतान हुआ जिला कोषालय अधिकारी के द्वारा बाकी है।
अभी भी जारी है 65.000 हजार रुपए का फर्जी भुगतान।
ऐसा कौन सा सेटिंग बैठाया पांडे शिक्षा समिति के संचालक ने जो अभी भी प्रत्येक माह सहायक आयुक्त और जिला कोषालय अधिकारी की मिलीभगत से लगभग 65.000 हजार रुपए की राशि प्रत्येक माह शिव प्रसाद पांडे संचालक अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति जयसिंह नगर क्षेत्र संस्था के खातों पर भुगतान हो रहा है।
विशेष सूत्रों अनुसार जब से लोकायुक्त का जांच आदेश पत्र कलेक्टर कार्यालय शहडोल पहुंचा जब से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे शहडोल के निवासी बने हुए हैं। क्योंकि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित 3 मंजिला इमारत महोबिया महल में कुछ घंटे निवासरत होते हैं शिव प्रसाद पांडे रीवा वाले संचालक अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के महोबिया के महल में शासकीय कार्यों के साथ छेड़छाड़ कर किया जा रहा लीपापोती पांडे शिक्षा समिति को किया गया फर्जी भुगतान के दस्तावेज धीरे-धीरे हो रहे कार्यालय से गायब कौन है इसका जिम्मेदार और क्यों नहीं हो रहा लोकायुक्त की जांच दस्तावेज लोकायुक्त की टीम के मंगवाने के बाद भी क्यों नहीं पहुंच रहा है कार्यालय सहायक आयुक्त कार्यालय जिला कोषालय कार्यालय और लोकायुक्त के जांच अधिकारी कार्यालय की दूरी समय ले तो 2 मिनट अधूरी लिखे दो 10 मीटर फिर भी नहीं पहुंच रहा पांडे शिक्षा समिति को किए गए फर्जी भुगतान के दस्तावेज जब भुगतान है सही क्यों दर्द हो कि आ रहे हैं पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे के सहायक आयुक्त कार्यालय में बैठते हैं घंटों। मरावी बाबू के कार्यालय मैं चार चार घंटा क्यों बैठते हैं पूर्व सहायक आयुक्त एमएस अंसारी भूषण बाबू महोबिया अधिकारी और शिव प्रसाद पांडे पांडे शिक्षा समिति के संचालक ऐसा कौन सा कार्य है जिसके लिए रीवा से प्रतिदिन शहडोल आ रहे पांडे शिक्षा समिति के संचालक जिला कोषालय कार्यालय के गेट के सामने आखिर क्यों रूकती है सिलवर और लाल कलर की फोर व्हीलर गाड़ी।