स्थानांतरण नीति में नियम विरुद्ध तरीके से मंडल संयोजक एम एस अन्सारी ने किया बदलावों सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय शहडोल।
मुख्यालय शासन द्वारा जारी आदेश को बदल दिया एम एस अन्सारी ने राज्य के किसी भी जिले में स्थानांतरण नीति नहीं कहता गांव से शहरी क्षेत्रों पर स्थानांतरण किया जाए।
लेकिन यह स्थानांतरण का खेल यहीं नहीं रुका फर्जी तरीके से अंसारी जी ने स्थानांतरण के सूची में फर्जी तरीके से कई शिक्षकों के नाम जोड़े जो अंसारी जी के चहेते और जमात के रहे शिक्षक ।
जिसमें शामिल हैं। किसी मैडम जी का नाम इनका किसी भी स्थानांतरण पोर्टल में आवेदन नहीं है दर्ज लेकिन मैडम जी का स्थानांतरण मुख्यालय शहडोल शहरी क्षेत्र में हो गया।
इस स्थानांतरण के खेल में कई विद्यालय हो गए शिक्षक विहीन पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त थर्ड ग्रेड कर्मचारी ने उठाया मौके का फायदा पूर्व कलेक्टर और वर्तमान प्रभारी मंत्री जी को किया गुमराह और स्थानांतरण की सूची के कॉपी पर करवाए दस्तखत और फर्जी तरीके से जोड़ें कई नाम ।
अनुदान प्राप्त संस्था पांडे शिक्षा समिति के जांच आदेश पत्र को शाखा प्रभारी भूषण बाबू लाल ने दाव रखी फाईल जो है। फर्जी राशि का कराया गया भुगतान 8 करोड़ 32 लाख 91 हजार 309 रुपए का।
विशेष सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार इस कार्यलय में सजा आप्त रहे हैं बाबू।
सहायक आयुक्त ने क्यों नहीं किया अपने ही कार्यालय में पदस्थ बाबूओं का बदलावों जो कार्यलय में पदस्थ हैं । बीस बर्षो से जामे बाबूलाल जी ।
शहडोल जिला अंतर्गत आने वाले किस विकास खंड में कितने शिक्षकों का किया स्थानांतरण। शुल्क के साथ आएगा अगले अंक में प्रकाशित नाम । रिपब्लिक न्यूज पर