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फर्जी भुगतान के बाद फर्जी तरीके से स्थानांतरण


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ख्यालय= शहडोल  फर्जी  कार्य के लिए बना कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग शहडोल। पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त अंसारी वर्ग तृतीय श्रेणी के कारनामे पद का दुरुपयोग करते हुए दिखाए अपना कमाल। शहडोल जिला अंतर्गत जयसिंह नगर विकास खंड में संचालित अनुदान प्राप्त शिक्षा संस्था पांडे शिक्षा समिति को पांचवें वेतनमान एरियर्स कि राशि  8 करोड़ 3291309 रुपए का फर्जी भुगतान के बाद अंसारी जी का दूसरा कारनामा बिना आवेदन के कर दिए स्थानांतरण किस आदेश पर लिखा है ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में हो सकता है  स्थानांतरण ।  सूची किस पोर्टल में विद्यालय के रिक्त स्थान पर दिखाई दे रहा था। फिर किस आधार पर हो गया स्थानांतरण जबकि जगह का चयन शिक्षक स्वयं अपने स्थान का करते हैं। शिक्षकों के लिए पांच जगह का ऑप्शन शासन के आदेश अनुसार पोर्टल पर दिखाई दे रहा था। कोई भी शिक्षक बिना ऑनलाइन आवेदन के स्थानांतरण नहीं होगा । शासन के आदेश बिना किस प्रकार ऑफलाइन स्थानांतरण किया पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त ने। प्रभारी मंत्री शहडोल पूर्व कलेक्टर को गुमराह कर प्रभार में मिला पद का गलत तरीके से  उपयोग कर स्थानांतरण लिस्ट में नाम जोड़े और प्रभारी मंत्री पूर्व कलेक्टर से करवा लिए दस्तखत। जिस पर अंसारी जी मेहरबान रहे अपने जमात और चहेतों को लिस्ट में शामिल किया। बुढार विकासखंड क्षेत्र से जरवाही ,मैरटोला, कटकोना जिन विद्यालयों को अंसारी जी ने शामिल किया अपने फर्जी लिस्ट में नियम विरुद्ध तरीके से । क्या प्रभारी मंत्री जी कर सकते हैं नियम विरूद्ध शिक्षकों या किसी शासकीय कर्मचारी का स्थानांतरण । जब पोर्टल में ऑनलाइन के लिस्ट शालाओं में पद ही शो नहीं हो रहे थे फिर कैसे हो गया विद्यालयों में शिक्षकों का स्थानांतरण। ऑनलाइन आवेदन का पत्र 9 अगस्त को हो गया शासन से जारी फिर आदेश होने के बाद माह नवंबर में किया गया पोस्टिंग शासन को 3 माह का करोड़ों रुपए का हुए आर्थिक नुक़सान । यह अंसारी जी का कारनामा। अनुदान प्राप्त पांडे शिक्षा समिति को आठ करोड़ 3291309 रुपए का फर्जी भुगतान किया गया। जॉच आदेश जारी किए गए पत्र को शाखा प्रभारी भूषण बाबू ने दबाया अंसारी जी के मिलीभगत से संबंधित विभाग सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार इस खेल का मास्टर माइंड शेष अगले अंक में प्रकाशित।

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