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बाणगंगा मेला मैदान से लेकर नेशनल हाईवे तक सिंडिकेट अवैध कबाड़ दुकानों का हो रहा संचालन, संबंधित थाना पुलिस-प्रशासन बनकर बैठा अंजान।।

बाणगंगा मेला मैदान से लेकर नेशनल हाईवे पर अवैध कबाड़ कारोबार दुकानों का संचालन।

पुलिस-प्रशासन यातायात सुरक्षा पर सवाल राह गिरों के जीवन पर  बना रहा जानलेवा ख़तरा का अड्डा।

कबाड़ी की दुकान में दिन-रात खरीदे जा रहे कारखानों के मशीनों से तांबा, लोहा और पीतल के महंगे सामान।

औद्योगिक क्षेत्र से लोहे के पुर्जों की चोरी की चर्चाएं, पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।

रिपब्लिक न्यूज़।।

शहडोल मुख्यालय थाना सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत बाणगंगा मेला मैदान से कोटमा पहुंच मार्ग पर संचालित अवैध कबाड़ कारोबार के गोदाम बीट प्रभारी है अंजान।

स्थानीय सूत्रों ने बताया सोहागपुर रीवा रोड निवासी गुड्डू मुसलमान नामक व्यक्ति का यह अवैध कबाड़ कारोबार का गोदाम संचालित है यहां से हमेशा बड़ी-बड़ी गाड़ियों में अवैध कबाड़ लोड कर जबलपुर या फिर जबलपुर मार्ग अंतरा रोड होते हुए रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में भेजा जा रहा है।

लेकिन सब से बड़ी बात यह है कि जिले के मुख्य मार्ग कलेक्टर एसपी पुलिस अधीक्षक कार्यालय के साथ ही जिला न्यायालय के सामने से इनके कबाड़ की गाड़ियां हमेशा निकलते हैं। या कभी-कभी सोहागपुर थाना के नजदीक हाईवे रोड से भी निकाले जाते है।

कार्टून गट्टा और प्लास्टिक के टूटे-फूटे सामानों के खरीदने वाले सभी कारोबारियों के ऊपर स्थानीय थाना पुलिस प्रशासन की कार्यवाही तुरंत हो जा रहा है लेकिन वही बड़े-बड़े मशीनों के चोरी हुए काले पुर्जे महंगे तांबा पीतल स्टील के कबाड़ सामानों को जलाकर बेचने वाल अवैध कबाड़ कारोबारी माफियाओं के ऊपर स्थानीय पुलिस प्रशासन की नजर नहीं पड़ती है।

स्थानीय सूत्रों अनुसार सूत्र जो इनके साथ इस अवैध कबाड़ कारोबार में सन लिप्त थे उनका कहना है इनके द्वारा जिस मार्ग होकर अवैध कबाड़ गाड़ियों का परिवहन किया जाता है उन थानों के मार्ग पर इनका अवैध पशु तस्करी का भी कारोबार परिवहन किया जा रहा है जब हम लोगों ने इसका विरोध किया तो हमें अलग कर दिये। कबाड़ का काम ठीक है लेकिन हम पशु तस्करी के कारोबार में शामिल नहीं होंगे इसलिए हमें अलग कर दिया गया है जिसमें स्थानीय थाना के पुलिस प्रशासन की भूमिका के कार्य शैली संदिग्ध नजर आ रही है और उनके कार्यवाही पर सवाल उठ रहा है।

वहीं सबसे बड़ा सवाल इनके कारोबार में यह विषय है स्थानीय लोगों को प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है पुराने मशीनों के निकल गए सामानों को सही जांच के लिए जलाएं जातें हैं लेकिन जलाएं गए सामानों से निकलने वाले काले धुएं से क्षेत्र अंतर्गत स्थानीय लोगों को महामारी जैसे प्रदूषण का सामना करना पड़ता है लेकिन सभी स्थानी इनके कार्य शैली से डरे और चुपके रहते हैं जिसमें पुलिस प्रशासन के साथ-साथ प्रदूषण विभाग की घोर लापरवाही सामने आया है। 

अवैध कबाड़ कारोबार माफिया ने बताया जिले संभाग के सभी थाने चौकी पुलिस प्रशासन मेरे सिंडिकेट में शामिल है हमारे कारोबार और हमें कुछ नहीं होगा जब पूरे जिले संभाग के पत्रकार संघ के अध्यक्ष के साथ मेरा कारोबार संलिप्त है उनका हिस्सा उनको प्रत्येक महीने देता हूं तो मेरा क्या हो सकता है अवैध कबाड़ कारोबारी सोहागपुर थाना क्षेत्र रीवा रोड निवासी गुड्डू मुसलमान।

जिले अंतर्गत ऐसा ही एक और अवैध कबाड़ कारोबार अमलाई थाना पुलिस-प्रशासन क्षेत्र अंतर्गत ईंटभट्ठा स्थित नेशनल हाईवे के किनारे संचालित हो रहा अवैध कबाड़ का दुकान इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसके भी मैनेजमेंट का काम भी गुड्डू मुसलमान के कारोबार से संचालित शिवा नामक व्यक्ति कबाड़ी द्वारा किया जा रहा है जिससे इस अवैध कबाड़ ठिहें दुकान के कारण जहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर हमेशा यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रहा है, वहीं आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से महंगे मशीनों के लोहे पुर्जों की चोरी की घटनाओं को लेकर भी क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दुकान का संचालन नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार संबंधित विभाग की अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार अवैध कबाड़ का सामान सड़क तक फैला रहता है। भारी संख्या में मशीनों के लोहे के टुकड़े, पुराने वाहन के पार्ट्स और अन्य कबाड़ सामग्री हाईवे के किनारे रखे जाने से सड़क मार्ग से आवागमन करने वाले वाहन चालकों को परेशानी होती है। 

जबकि कई बार सड़क पर अचानक वाहन मोड़ने और सामान से बचने के प्रयास में दुर्घटनाएं का सामना करना पड़ा है अवैध कबाड़ कारोबार संचालन से हमेशा यहां यह आशंका बनी रहती है। 

स्थानी पुलिस प्रशासन कि यह लापरवाही एक दिन इस व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह की लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना को अंजान दे सकता है।

जब से अवैध कबाड़ कारोबार सिंडिकेट का काम जोरों पर चला है यहां पर संचालित औद्योगिक क्षेत्र से महंगे मशीनों के पुर्जों की चोरी का मामला हमेशा चर्चाओं में रहता है।

दुकान को लेकर एक अन्य गंभीर पहलू भी सामने आ रहा है। क्षेत्रवासियों के बीच चर्चा है कि आसपास के औद्योगिक क्षेत्र से महंगे लोहे के पुर्जे और अन्य धातुओं से संबंधित सामान चोरी होने की घटनाएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि दुकान में तांबा, लोहा और पीतल जैसी कीमती धातुओं के सामान की खरीदी-बिक्री होती है। 

सूत्रों के अनुसार दुकान दिन-रात खुला रहता है और देर रात तक भी चोरी हुए कबाड़ के सामानों का लेन-देन होने की बात कही जा रही है।

हालांकि, इन चोरी की घटनाओं और दुकान के बीच किसी प्रकार के संबंध की संयुक्त कार्यवाही और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को दुकान में खरीदे जाने वाले कबाड़ के स्रोत, खरीदें गए सामानों के रिकॉर्ड तथा आवश्यक दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि किसी भी चोरी हुए सामानों और भी अवैध गतिविधि की वास्तविकता सामने आ सके।

पूर्व की घटना को लेकर भी क्षेत्र में चर्चा स्थानीय लोगों के अनुसार, इस अवैध कारोबार कबाड़ दुकान से जुड़े परिवार के एक सदस्य पर कुछ वर्ष पूर्व एक व्यक्ति की हत्या के मामले में संलिप्तता का आरोप लगा था। उस घटना के बाद क्षेत्रवासियों के विरोध और प्रशासनिक हस्तक्षेप से दुकान बंद कराए जाने कि बात भी सामने आया। 

लेकिन जब से सोहागपुर निवासी गुड्डू मुसलमान के द्वारा यहां अवैध कबाड़ कारोबार सिंडिकेट का काम शुरू हुआ, तो यह दुकान अब एक बार फिर संचालन शुरू होने से स्थानीय निवासियों में नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि, पूर्व के आपराधिक मामले की वास्तविक स्थिति और वर्तमान दुकान के संचालन की वैधानिकता की एक बार पुष्टिकारक जांच संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से किया जाना आवश्यक है।

सिंडिकेट अवैध कबाड़ी का संरक्षण होने का दावा निश्चित रूप से क्षेत्र में चर्चाओं का विषय है कि जब दुकान संचालक से इस संबंध में बातचीत की गई तो उसने कथित तौर पर एक बड़े कबाड़ीवाले का सहयोग और संरक्षण प्राप्त होने की बात कही। यदि यह दावा सही है तो पुलिस प्रशासन को इसकी भी जांच करनी चाहिए कि दुकान का संचालन किन नियमों और अनुमतियों के आधार पर किया जा रहा है तथा इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या कारोबारी की भूमिका तो नहीं है।

क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जागेगा प्रशासन?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे व्यस्त मार्ग पर सड़क तक कबाड़ फैलाकर दुकान का संचालन होने के बावजूद इस अवैध रूप से कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के ऊपर संबंधित विभागों और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की नजर इस ओर क्यों नहीं पड़ रहा है? क्या प्रशासन किसी बड़ी सड़क दुर्घटना या चोरी के गंभीर वारदात का इंतजार कर रहा है?

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, यातायात पुलिस-प्रशासन और नगर प्रशासन से मांग है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण किया जाए। शासन से दुकान के लाइसेंस, कबाड़खाना खरीदने-बेचने के रिकॉर्ड, चोरी के संदिग्ध सामान और सुरक्षा संबंधी नियमों की जांच कराई जाए। साथ ही हाईवे में रखे गए अवैध कबाड़ के सामान को तत्काल हटवाकर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रहें कार्यवाही की जाए।

यदि जांच में अनियमितता अथवा अवैध गतिविधियां प्रमाणित होती हैं तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई करते हुए दुकान का संचालन बंद कराया जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेता है या फिर क्षेत्रवासियों को इसी तरह परेशानी और दुर्घटना की आशंका के बीच रहने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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