नवविवाहिता की संदेहात्मक मौत ।
चार बर्ष की लव लाइफ और शादी करने के बाद चार महीने में फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या।
मौके में दुपट्टा से लटकता मिला शव पैर जो छू रहा था जमीन पर।,
रिपब्लिक न्यूज ।
चार महीने भी नहीं हुआ है अभी शादी को और नवविवाहिता ने लगाई फांसी और कर ली आत्महत्या
मौत का कारण अभी भी अज्ञात ।??
क्या ऐसा हो सकता है फांसी लगाकर कर मौत ।??
शहडोल// चार बर्ष की लव लाइफ और फिर चार महीने में फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या। बताया जा रहा है की घर से बाहर रह कर पति-पत्नी अपने नव विवाहित जीवन यापन कर रहे थे। किराया का मकान था। जिसमें दोनों अपने नव विवाह जीवन का आनंद मय निर्वहन कर रहे थे ,लेकिन ऐसा क्या हुआ कि अचानक नव विवाहित महिला ने दुपट्टा से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
मौत का कारण फिर कौन हो सकता है।
पति जो साथ में रहता था .....???
कि भाजपा नेता पूर्व जनपद सदस्य ससुर या सास.….…??
पति सोता रहा नव विवाहित महिला पत्नी ने लगाई फांसी एक ही किराये के कमरे में रहें दोनों पति पत्नी।
रोनित पिता राघवेंद्र तिवारी पूर्व जनपद सदस्य निवासी ग्राम पंचायत गरफंदिया जिला शहडोल नामक व्यक्ति से चार माह पहले संध्या गर्ग कि शादी हुआ था शादी के कुछ दिन बाद दोनों अपने विवाहित जीवन को खुशहाल बनाने के लिए घर से बाहर निकल गया घुमने के लिए। कुछ दिन नवविवाहिता जोड़ा ने अलग-अलग अपने कार्यक्षेत्र पर रहे लेकिन जब भी समय मिलता दोनों एक साथ एक जगह ही रहते रहे एक दिन ऐसा भी आया की नवविवाहिता ने दोनों एक साथ रहने के लिए एक जगह का चुनाव किया कुछ दिन साथ रहने के बाद अचानक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली आत्महत्या करने का कारण अज्ञात लेकिन ऐसा क्या हुआ कि नवविवाहिता को फांसी लगाकर आत्महत्या करना पड़ा। फांसी भी ऐसा लगाया नवविवाहिता ने कि जो पैर जमीन को छूता रहा कैसे दुपट्टा के फंदे पर झूली होगी नवविवाहिता जिसका पैर जमीन पर छुता रहा नवविवाहिता पत्नी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली कैसा पति रहा जो सोता रहा नींद पर एक बार भी एहसास नहीं हुआ की मेरी जीवन संगिनी मेरे साथ नहीं है क्या हो गया था कुंभकरण की नींद।
अगले अंक में प्रकाशित होगा सच्चाई ।
विशेष सूत्रों अनुसार रोनित ने अपने किसी भी आईडी में प्रकाशित नहीं किया अपने प्रेमिका पत्नी का जिक्र एक भी पोस्ट नहीं हुआ है पत्नी का फोटो जबकि नवविवाहिता के आई डी पर सिर्फ पति के साथ है कई फोटो चित्र साझा।।

