भारतीय सेना (अग्निवीर) भर्ती के आवेदन की तिथि 10 अप्रैल तक बढ़ाई गई।
फसलों के अवशेष (नरवाई) को खेतों में जलाना तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल मुख्यालय देश भर भारतीय सेना (अग्निवीर) में भर्ती होने हेतु ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 01 अप्रैल 2026 तक निर्धारित की गई थी, जिसे बढ़ाकर अब 10 अप्रैल 2026 तक कर दिया गया है। इच्छुक उम्मीदवार भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से सभी उम्मीदवार अग्निवीर और नियमित कैडर की सभी श्रेणियों में आवेदन कर सकते हैं। जिनमें अग्निवीर (जनरल ड्यूटी) दसवीं पास, अग्निवीर (टेक्निकल) बारहवीं पास, अग्निवीर (क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल) बारहवीं पास तथा अग्निवीर (ट्रेड्समैन) दसवी एवं आठवीं पास शामिल हैं। आवेदन करने हेतु अभ्यार्थी की आयु 17 वर्ष 6 माह से 21 वर्ष के मध्य होना चाहिए। आवेदन शुल्क 250 रुपये निर्धारित है।
अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर 7247028996 में सम्पर्क किया जा सकता है।
नरवाई जलाने वाले किसानों पर लगेगा पर्यावरणीय मुआवजा।
शहडोल जिला प्रभारी उप संचालक कृषि अनुराग पटेल ने बताया कि गेहूं एवं अन्य फसलों के अवशेष (नरवाई) को खेतों में जलाना तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित कृषक/संस्था पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अनुसार 2 एकड़ या उससे कम भूमि धारक पर ₹2500 प्रति घटना 2 एकड़ से अधिक और 5 एकड़ से कम भूमि धारक पर ₹5000 प्रति घटना, 5 एकड़ से अधिक भूमि धारक पर ₹15000 प्रति घटना का जुर्माना लगाया जाएगा। यह निर्णय मध्यप्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग की अधिसूचना के तहत लिया गया है। फसल अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण, आगजनी की घटनाओं, आमजन के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव तथा भूमि की उर्वरा शक्ति के नुकसान को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(1) के अंतर्गत उमरिया जिले में नरवाई जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।
हार्वेस्टर मशीन संचालकों के लिए निर्देशित किया गया है कि वे स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रॉ-रीपर मशीन का उपयोग कर फसल अवशेषों को भूसे में परिवर्तित करें। साथ ही, फसल कटाई शुरू करने से पहले उप संचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विकास कार्यालय में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
यदि कोई कृषक बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के कटाई हेतु दबाव बनाता है, तो संबंधित हार्वेस्टर संचालक को इसकी सूचना ग्राम पंचायत निगरानी समिति (पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, ग्राम कोटवार या थाना प्रभारी) को देना होगा।
आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए मशीन संचालकों को अग्निशमन उपकरण, रेत एवं पानी की व्यवस्था रखना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, ट्रांसफार्मर के आसपास शॉर्ट सर्किट से होने वाली आग की घटनाओं को रोकने हेतु 10x10 फीट क्षेत्र खाली रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति/संस्था पर पर्यावरणीय मुआवजे के साथ भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।